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‘हरियाणवी संस्कृति को आगे बढ़ाने की जरूरत’

हरियाणवी संस्कृति समृद्ध संस्कृति है, जिसका पूरे भारत देश के साथ-साथ विदेशों में भी ढंका है। हरियाणवीं सांग,...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:30 AM IST
हरियाणवी संस्कृति समृद्ध संस्कृति है, जिसका पूरे भारत देश के साथ-साथ विदेशों में भी ढंका है। हरियाणवीं सांग, रागनी, हरियाणवी वेशभूषा, हरियाणवीं हास्य व्यंग्य और खान-पान इस संस्कृति के विशेष अंग है। इस संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक है कि हरियाणा का युवा अपनी संस्कृति से भली-भांति परिचित हो। स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा के कार्यकारी उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र ने मंगलवार को देर सायं नीलोखेड़ी के गुरु ब्रह्मानंद राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के सभागार में कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम के उद‌्घाटन अवसर पर उपस्थित छात्र एवं छात्राओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

उपाध्यक्ष ने कहा कि हमारी संस्कृति से युवाओं को परिचित करवाने के लिए हरियाणा सरकार ने बेहद सराहनीय पहल की है। इन कार्यक्रमों का आयोजन पूरे प्रदेश में खंड स्तर पर किया जा रहा है, जिनमें हरियाणवी संस्कृति की झलक स्पष्ट देखने को मिल रही है। निसंदेह इन कार्यक्रमों से युवा पीढ़ी में अपने देश व प्रदेश की लोक संस्कृति के प्रति जागृति आएंगी। इन आयोजनों से न केवल शहरों में रहने वाला युवा वर्ग हरियाणवी संस्कृति से परिचित होगा, बल्कि संस्कृति से जुड़कर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हरियाणवी संस्कृति को बढ़ावा देने में सहायक भी सिद्ध होगा। इस अवसर पर कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा की सांस्कृतिक अधिकारी संगीत डाॅ. दीपिका ने कहा कि हरियाणवी संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सूचना,जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के निदेशक समीरपाल सरों के मार्गदर्शन में खंड स्तर पर कार्यक्रम करवाए जा रहे है। इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम अधिकारी नृत्य सुमन ढांगी, सारंगी वादक राजेश कुमार, पंकज शर्मा, हिसम सैनी, समाजसेवी तेजेंद्र बिडलान आदि उपस्थित थे।

नीलोखेड़ी. विद्यार्थियों को संबोधित करते स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा के कार्यकारी उपाध्यक्ष सुभाषचंद्र। फोटो |भास्कर

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