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‘मातृभूमि के लिए हर कोई दफन नहीं होता, तिरंगे से बड़ा कोई कफन नहीं होता’

Karnal News - करनाल. हिन्दी कविता पाठ प्रतियोगिता की विजेता टीम। भास्कर न्यूज | करनाल गुरु नानक खालसा कॉलेज करनाल के...

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 02:30 AM IST
‘मातृभूमि के लिए हर कोई दफन नहीं होता, तिरंगे से बड़ा कोई कफन नहीं होता’
करनाल. हिन्दी कविता पाठ प्रतियोगिता की विजेता टीम।

भास्कर न्यूज | करनाल

गुरु नानक खालसा कॉलेज करनाल के संस्कृत एवं हिन्दी विभाग द्वारा कॉलेज में अन्त: महाविद्यालय संस्कृत श्लोकोच्चारण एवं हिन्दी कविता पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न महाविद्यालयों के 24 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि डॉ. सीडीएस कौशल उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने जीवन में मां के महत्त्व, देश भक्ति की भावना व राष्ट्रीय एकता आदि विषयों को लेकर अपने विचार कविताओं के माध्यम से व्यक्त करते हुए कहा कि मातृ भूमि के लिए हर कोई दफन नहीं होता इसलिए तिरंगे से बड़ा कोई कफन नहीं होता। संस्कृत श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता में प्रतिष्ठा व आरुषि दयाल सिंह कॉलेज करनाल को संयुक्त रूप से प्रथम, तृषा आर्य कन्या महाविद्यालय शाहबाद व पूजा आर्य कन्या गुरुकुल महाविद्यालय मोरमाजरा को द्वितीय, अर्चिता आर्य कन्या गुरुकुल महाविद्यालय मोरमाजरा को तृतीय तथा अनुज कुमार गुरु नानक खालसा कॉलेज करनाल को प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। हिन्दी कविता पाठ में दयाल सिंह कॉलेज के जयदीप तुली को प्रथम, अंशिका राणा आर्य कन्या गुरुकुल महाविद्यालय मोरमाजरा व आरजू आर्य कन्या महाविद्यालय शाहबाद को संयुक्त रुप से द्वितीय, सुमिता राजकीय महिला महाविद्यालय करनाल व अजय वर्मा गुरु नानक खालसा कॉलेज करनाल तथा मिंकल केवीडीएवी महिला महाविद्यालय को प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। निर्णायक मंडल की भूमिका आचार्य डॉ. महावीर प्रसाद, अंजू शर्मा व पूनम शर्मा ने निभाई। मंच संचालन डॉ. सुरेन्द्र शर्मा ने किया।

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