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तय समय में पहुंचाना होगा सामान, नहीं तो बिल कैंसिल, टैक्स के साथ लगेगा जुर्माना

आज से पूरे प्रदेश में राज्य से बाहर जाने वाले माल पर ई वे-बिल शुरू हो रहा है और ट्रांसपोर्टर इसको आफत मान रहे हैं।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:30 AM IST

तय समय में पहुंचाना होगा सामान, नहीं तो बिल कैंसिल, टैक्स के साथ लगेगा जुर्माना
आज से पूरे प्रदेश में राज्य से बाहर जाने वाले माल पर ई वे-बिल शुरू हो रहा है और ट्रांसपोर्टर इसको आफत मान रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों के पास इसकी नोटिफिकेशन पहुंच चुकी है। 15 अप्रैल को राज्य में भी यह लागू हो जाएगा। इसमें क्लियर है कि विदाउट ई वे-बिल से माल पर डबल टैक्स के अलावा जुर्माना भी लगाया जाएगा। ऑनलाइन प्रक्रिया से पारदर्शिता बढ़ेगी। इस बिल से ओवरलोड पर अंकुश लगेगा, क्योंकि बिल में गलत रिपोर्ट कोई नहीं लिखेगा। इसमें हर प्रकार की गाड़ी में प्रत्येक सामान का बिल होना जरूरी है।

आबकारी एवं कराधान विभाग (सेल्स) की तरफ से ई वे-बिल की चेकिंग रहेगी। इस बिल में व्यापारी के साथ-साथ ट्रांसपोर्टर को भी बिल बनाना होगा। यह बिल निश्चित किलोमीटर तक ही मान्य रहेगा। माल की डिलीवरी देरी से की और इस बीच रास्ते में गाड़ी पकड़ी गई तो उसके टैक्स का डबल जुर्माना लगेगा। नियम सख्त है। इस लिए 50 हजार रुपए से अधिक के सामान के साथ ई वे बिल अनिवार्य किया है। इस एप में व्यापारी को माल की डिलीवरी में ट्रांसपोर्टर की गाड़ी का नंबर का उल्लेख करना होगा। ऑल इंडिया लेवल पर ऑनलाइन डाटा में अपडेट रहेगा। इससे टैक्स में किसी भी प्रकार से चोरी नहीं कर पाएंगे। एक गाड़ी में अलग-अलग चाहे 20 व्यापारियों का माल हो, लेकिन ट्रांसपोर्टर ने इनका उल्लेख करना होगा। व्यापारी और ट्रांसपोर्टर कहते हैं कि ई वे बिल से तंगी है। इसमें कम पढ़े लिखे व्यापारी लंबे टाइम तक बिजनेस नहीं कर पाएंगे। व्यापारी ई वे-बिल बनवाने के लिए कंप्यूटर एक्सपर्ट के पास जाकर बिल तैयार करवाने में लगे हैं।

व्यापारी से लेकर ट्रांसपोर्टर ने अलग-अलग बनाने होंगे बिल

करनाल. माल ढुलाई में पकड़े गए ट्रक।

एग्रीकल्चर इंस्टूमेंट होता सप्लाई

करनाल एग्रीकल्चर इंस्टूमेंट का हब है। यहां से ऑल इंडिया माल सप्लाई होता है। चावल का निर्यात होता है। जूता कारोबारी हैं। औद्योगिक छोटी बड़ी करीब 700 यूनिट हैं। 4 चार हजार ऐसे शोरूम हैं, जहां से माल एक दूसरे स्थान लोकल में सप्लाई होता है। इस लिए ई वे बिल से शुरुआत में दिक्कत आ सकती है।

15 अप्रैल से लोकल में भी ई-वे बिल लागू करने की प्रक्रिया की जा रही

ई वे-बिल एक अप्रैल से शुरू हो रहा है। यह ट्रांसपोर्टर के लिए ठीक है। इससे टैक्स की चोरी नहीं होगी। निर्धारित टाइम करने के कारण समय पर डिलीवरी होती रहेगी। 15 अप्रैल से लोकल में भी ई वे-बिल लागू करने की प्रक्रिया की जा रही है। विभाग की तरफ से रुटीन में चेकिंग रहेगी। यदि ई वे-बिल नहीं मिला तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।’-आनंद सिंह, डीईटीसी, सेल्स करनाल।

डबल लगेगा जुर्माना

जीएसटी के तहत बिल नहीं मिलने पर गाड़ी में जो आइटम होगी उसका डबल टैक्स व जुर्माने का प्रावधान किया है। माना कि 12 प्रतिशत आइटम पर टैक्स है तो बगैर बिल के पकड़े जाने पर 24 प्रतिशत टैक्स के साथ जुर्माना वसूल किया जाएगा। इसी तरह 5 प्रतिशत टैक्स पर 10 प्रतिशत और 18 प्रतिशत टैक्स पर 36 प्रतिशत टैक्स लगेगा।

किमी के अनुसार दिन तय

0 से 100 किलोमीटर 1 दिन

100 से 300 किलोमीटर 3 दिन

300 से 500 किलोमीटर 5 दिन

500 से 1000 किलोमीटर 10 दिन

1000 किलोमीटर से अधिक 15 दिन

ये है सबसे बड़ी परेशानी

सेल डिपार्टमेंट से संबंधित एडवोकेट संजय मदान बताते हैं कि छोटे व्यापारी इसमें परेशान हो जाएंगे। बड़े व्यापारियों ने अपने पास अकाउंटेंट रखे हैं। छोटे व्यापारियों को लोकल में माल सप्लाई करते हैं तो उन्होंने ई वे-बिल बनवाना होगा। 15 अप्रैल से लोकल में ई वे-बिल अनिवार्य किया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर किसी ने फ्लैक्स बोर्ड बनवाना है। एक एक्सपर्ट ने बोर्ड तैयार किया। दूसरे ने लाइट्स लगानी है। इन दोनों की दूरी 10 से 15 किलोमीटर है। ऐसे में इस माल को इधर से उधर करने में अलग-अलग बिल रखना होगा।

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