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ई-वे बिल पर ट्रांसपोर्टरों ने गिनाई समस्याएं, जाम के कारण गाड़ी लेट हुई तो व्यापारी किराया देने में करेगा आनाकानी

सरकार की तरफ से ई-वे बिल पर ट्रांसपोर्टरों ने नाराजगी जताई है। उन्होंने टेक्निकल प्वाइंट्स बताते हुए इसको सक्सेस...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 03:25 AM IST
सरकार की तरफ से ई-वे बिल पर ट्रांसपोर्टरों ने नाराजगी जताई है। उन्होंने टेक्निकल प्वाइंट्स बताते हुए इसको सक्सेस करार नहीं दिया। उन्होंने चिंता जताई कि माल ढुलाई का टाइम निश्चित ठीक नहीं है। जाम और गाड़ी खराब होने पर यह परेशानी बन सकता है। क्योंकि जिनके पास माल डिलीवर करना है वह देरी बताते हुए किराए में कटौती कर सकते हैं। सरकार की तरफ से रविवार को शुरू हुए ई-वे बिल पर व्यापारियों ने भी परेशानी जताई। उन्हें बार-बार बनाने वाले बिल पर ऐतराज किया, लेकिन सरकार ने इस बिल को क्लियर कर दिया है और पूरे देश में लगने लगा है।

ट्रांसपोर्टरों ने बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया से परेशानी बढ़ गई है। चेक से सारी पेमेंट होती है। एक गाड़ी से 10 से 15 हजार रुपए बचते हैं, जबकि अकाउंट्स में करोड़पति रहते हैं। क्योंकि मुंबई-गुहाटी जाने के लिए 70 से 80 हजार रुपए का तेल लग जाता है। बैंक में पैसे रखते हैं तो इनकम टैक्स की तरफ से बार-बार नोटिस जारी कर वह जवाब देने में ही रह जाते हैं। सरकार ने ई-वे बिल में क्लियर कर दिया है कि 100 किलोमीटर का एक दिन, 300 किलोमीटर के 3 दिन, 500 किलोमीटर के 5 दिन, 1000 किलोमीटर के 10 दिन व 1000 किलोमीटर से अधिक दूरी पर माल पहुंचाने के 15 दिन निर्धारित किए हैं। इन दिनों से देरी हुई तो चेकिंग टीम बिल को अवैध मानकर उन पर माल के निर्धारित टैक्स पर डबल टैक्स और जुर्माना अलग से लगेगा। इसका ट्रांसपोर्टर से लेकर व्यापारी विरोध कर रहे हैं।

बिल में संशोधन होना चाहिए

बिल में संशोधन होना चाहिए



गाड़ी वाले कर्जे में दब गए हैं


सरकार समस्या का समाधान करे


ट्रांसपोर्टर व व्यापारियों में रोष है