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नमीयुक्त गेहूं होेने के कारण खरीद में लग सकता है समय

गेहूं की सरकारी खरीद कागजों में आज से शुरू हो गई है, लेकिन नमीयुक्त गेहूं होने के कारण खरीद में 10 दिन और लगेंगे। नई...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 03:30 AM IST
गेहूं की सरकारी खरीद कागजों में आज से शुरू हो गई है, लेकिन नमीयुक्त गेहूं होने के कारण खरीद में 10 दिन और लगेंगे। नई अनाज मंडी में धर्म कांटा पर ताला लगा है और ट्रैक्टर-ट्राॅली निकलने के लिए अवैध रास्ता बन गया है। इनको रोकने के लिए बैरिकेट्स लगा है। यह उपयोग नहीं हो रहा है। हैवी व्हीकल आने के कारण बैरिकेट्स को हटाया भी जा सकता है। यदि नहीं हटाते हैं तो दिनभर धूल उड़ना तय है। इससे किसान और मंडी में आने वाले सभी परेशान होंगे।

करनाल मंडी में खरीद सीजन में गड़बड़ को रोकना चुनौती बन गई है। यहां पर धान सीजन में एक सचिव व अन्य कर्मचारी सस्पेंड भी हुए थे। हाल ही में राइस मिलर्स ने रिश्वत मांगने के मामले में पांच अधिकारी व कर्मचारियों पर केस दर्ज करवाया हुआ है। ऐसे में मंडी की व्यवस्था को बेहतर बनाना चुनौती है। अधिकारी बताते हैं कि मंडी में अहम भूमिका निभाने वाला स्टाफ 8 से 10 साल से एक ही कुर्सी पर तैनात है। उन्हें पता है कि कैसे खेल खेला जाता है और डिपार्टमेंट की सीक्रेसी लिंक करके डिपार्टमेंट को नुकसान पहुंचा रहे हैं। दूसरी तरफ खरीद एजेंसियों ने अपनी तैयारी कर ली है और स्टाफ की ड्यूटी लगा दी है। अधिकारियों का कहना है कि गेहूं नमीयुक्त है। इसलिए खरीद में 10 दिन और लगने तय हैं।

खरीद एजेंसियों की तैयारी पूरी

बैरिकेड्स का नहीं औचित्य

मंडी के तीनों गेटों पर धर्मकांटा लगे हुए हैं, लेकिन कांटे के नजदीक से अवैध रास्ते पनप गए हैं, जो कांटा ना करवाकर सीधे मंडी में जा सकते हैं। इस तरह वाहनों को रोकने के लिए ड्यूटी दे रहे कर्मचारी रोक सकते हैं। इसलिए बैरिकेड्स लगाने की जरूरत नहीं है। कच्चे रास्ते सभी के लिए परेशानी बन सकते हैं।

मंडी में सभी व्यवस्था पूरी