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जांच कमेटी के सामने बोली पुलिस लाॅ एंड ऑर्डर के तहत घुसे थे अंदर

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 08:10 AM IST

Karnal News - आईटीआई लाठीचार्ज केस की जांच में दो एसएचओ और एक एएसआई पेश हुए। उन्हाेंने बयान में कहा कि उन्होंने लाॅ एंड ऑर्डर...

Karnal News - haryana news in front of the inquiry committee the police were intercepted under law and order
आईटीआई लाठीचार्ज केस की जांच में दो एसएचओ और एक एएसआई पेश हुए। उन्हाेंने बयान में कहा कि उन्होंने लाॅ एंड ऑर्डर मेनटेन करते हुए संस्थान के अंदर घुस गए थे। इसमें वह टीचर की पहचान नहीं कर पाए। उन्हाेंने लाठीचार्ज के लिए अधिकारियों के सामूहिक आदेशों का हवाला दिया है। अब तीन पुलिस कर्मचारियों को और नोटिस जारी कर उनको अलर्ट किया है कि 4 जून को कमेटी के सामने पेश होकर जवाब दें। नहीं तो इसी आधार पर फाइनल रिपोर्ट बना दी जाएगी। शुक्रवार काे दोपहर बाद 3 से 5 बजे तक जांच कमेटी के सिविल लाइन थाना के एसएचओ इंस्पेक्टर विजय कुमार, सिटी थाना इंस्पेक्टर हरजिंद्र सिंह, एएसआई राजेश कुमार से सवाल किए गए। इनके बयान दर्ज कर लिए गए हैं। एसडीएम ने इनसे सवाल किए और इनके जवाबों को भी नोट किया गया। इस केस में पुलिस कर्मचारी राजपाल, सतीश और सुखदेव को पेश होने के लिए नोटिस जारी किया है। आईटीआई के छात्र की मौत के बाद अन्य छात्र भड़क गए थे। पुलिस ने भी इनको सबक सिखाने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। इसमें पुलिस के निशाने पर प्रिंसिपल से लेकर स्टाफ आ गए। उन्होंने प्रिंसिपल रूम में जो सामने आया उनको लाठियां मारी गई। पुलिस अपने साथ सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर ले गई। पुलिस का जवाब है कि डीवीआर को जांच के लिए चंडीगढ़ लैब में भेजा गया है। सिविल लाइन थाना प्रभारी सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस इस केस को हल्के में लेकर चली। इस कारण मामला बढ़ गया। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। आईटीआई स्टाफ का कहना है कि आईटीआई में लगे सीसीटीवी कैमरों से सारी स्थिति क्लियर हो जाएगी। इसमें पुलिस घिर सकती है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस जांच को लंबी खिंच रही है। इसलिए एएसपी भी अपनी जांच रिपोर्ट नहीं बना सकी है।

करनाल. आईटीआई लाठीचार्ज मामले में एसडीएम कार्यालय में जांच कमेटी के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए बैठे पुलिसकर्मी।

जांच रिपोर्ट में देरी होने के पीछे कई सवाल उठ रहे

मुख्यमंत्री का दावा था कि एक सप्ताह में दोनों जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, लेकिन जांच रिपोर्ट में देरी होने के पीछे कई सवाल उठने लगे हैं। प्रिंसिपल बलदेव सहगल ने कहा कि लाठीचार्ज के दौरान एएसआई राजेश ने उसका गला पकड़ा था। जांच कमेटी के सामने तीन और पुलिस कर्मचारियों को बुलाया है। 4 जून को फाइनल रिपोर्ट बनने की उम्मीद है।

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