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‘खसरा-रुबेला टीकाकरण को लेकर नहीं कोई समस्या’

डाॅ. नीलम ने टीकाकरण को लेकर किया जागरूक भास्कर न्यूज | करनाल खसरा-रुबेला टीकाकरण अभियान की नोडल अधिकारी...

Dainik Bhaskar

May 03, 2018, 02:45 AM IST
डाॅ. नीलम ने टीकाकरण को लेकर किया जागरूक

भास्कर न्यूज | करनाल

खसरा-रुबेला टीकाकरण अभियान की नोडल अधिकारी एवं उप सिविल सर्जन डॉ. नीलम वर्मा ने कहा कि देश में हर साल जर्मन खसरे से 50 हजार बच्चों की असमय मौत हो जाती है। इसका टीका सुरक्षित है। स्कूल संचालक व अभिभावक यह टीका अवश्य लगवाएं। इसका टीक लगवाने क बहुत फायदा है। कोई भी नुकसान नहीं है।

इस अभियान के तहत अब तक जिले में 563 स्कूलों में करीब 1 लाख 40 हजार 523 बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है। इस टीके डरने की जरूरत नहीं है। बाकि स्कूलों के बच्चों का टीकाकरण भी 10-15 दिनों के अंदर-अंदर कर दिया जाएगा। इसके उपरांत यदि 9 माह से 15 साल तक का कोई बच्चा रह जाता है तो उसको आउटरीच कैंप के दौरान टीकाकरण किया जाएगा। अभी तक किसी भी प्रकार की बच्चों को कोई समस्या नहीं हुई है। यह वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है और यह प्रोग्राम डाक्टरों की देख- रेख में चल रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अनुरोध किया है कि अपने 9 माह से 15 साल तक के बच्चों को यह टीका जरूर लगवाएं ताकि खसरा व रुबेला को खत्म किया जा सके।

अभियान की सफलता के लिये 170 टीमें बनाई

खसरा रुबेला एक संक्रामक रोग है जो वायरस द्वारा फैलता है इसके लक्षण खसरा जैसे होते है । यह लड़का -लड़की दोनों को संक्रमित कर सकता है। अगर कोई महिला गर्भावस्था के शुरूआती चरण मे इससे संक्रमित हो जाए तो कंजेनिटल रुबेला सिंड्रोम(सी आरएस)हो सकता है जोकि भ्रूण तथा नवजात शिशु के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। जिला करनाल के 4 लाख 19 हजार बच्चे इस अभियान में कवर किए जा रहे हैं। इस अभियान की सफलता के लिए जिला में 170 टीमें बनाई गई है तथा स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों पर टीकाकरण किया जा रहा है ताकि कोई बच्चा छूट न जाए।

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