• Hindi News
  • Haryana
  • Karnal
  • करनाल. प्रसाशन की ओर से गांव मगंलौरा में लगाई गई ओवर लोड चेकिंग चेक पोस्ट को हटाकर सामान उठाकर लेजाते कर्मचारी।
--Advertisement--

करनाल. प्रसाशन की ओर से गांव मगंलौरा में लगाई गई ओवर लोड चेकिंग चेक पोस्ट को हटाकर सामान उठाकर लेजाते कर्मचारी।

Dainik Bhaskar

May 03, 2018, 02:50 AM IST

Karnal News - मंगलौरा, रंबा, ब्याना गांव में लगाई हुई थी चेकपोस्ट, चार माह भी नहीं चल पाई सरकार की प्लानिंग

करनाल. प्रसाशन की ओर से गांव मगंलौरा में लगाई गई ओवर लोड चेकिंग चेक पोस्ट को हटाकर सामान उठाकर लेजाते कर्मचारी।
मंगलौरा, रंबा, ब्याना गांव में लगाई हुई थी चेकपोस्ट, चार माह भी नहीं चल पाई सरकार की प्लानिंग

करनाल. प्रसाशन की ओर से गांव मगंलौरा में लगाई गई ओवर लोड चेकिंग चेक पोस्ट को हटाकर सामान उठाकर लेजाते कर्मचारी।

चार करोड़ रुपए का लॉस होने पर सरकार आई बैकफुट पर चेकपोस्टों को हटाकर आरटीए टीम को दी चेकिंग की फुल पावर

भास्कर न्यूज | करनाल

ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार की तरफ से बनाई गई चेकपोस्टों को बुधवार को तुरंत प्रभाव से हटा दी गई हैं। अब ओवरलोड वाहनों की चेकिंग आरटीए टीम के अलावा एचसीएस, आईएएस के नेतृत्व में आठ मोबाइल टीमों के पास रहेगी। मंगलौरा, रंबा, ब्याना गांव में लगाई गई चेकपोस्टों पर रोजाना 54 कर्मचारियों की ड्यूटी होने के बाद भी सरकार को चार माह में चार करोड़ का रेवेन्यू लॉस हुआ है। पैसे लेकर गाड़ी छोड़ने में दो दलाल व एक कर्मचारी पकड़ा गया और पूरी टीम के नाम शामिल मिले हैं। परिवहन मंत्री की रेड में गैरहाजिर मिलने पर चार कर्मचारियों को सस्पेंड किया जा चुका है। बावजूद इसके चेकपोस्ट पर रेवेन्यू नहीं बढ़ा। आखिरकार सरकार ने बैकफुट पर आते हुए बुधवार को नोटिफिकेशन जारी कर चेकपोस्टों को हटाने के निर्देश जारी कर दिए। इन चेकपोस्टों से सरकार को जनवरी से अप्रैल तक औसतन मात्र 34-34 लाख रुपए का रेवेन्यू ही प्राप्त हुआ है। एक करोड़ का रेवेन्यू इस दौरान मोबाइल टीमों का जुड़ा है। जिलेभर में ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाना जरूरी है। इससे दुर्घटना बढ़ रही हैं और टाइम से पहले सड़क भी टूट रही है। चेकपोस्टों से हुए भारी नुकसान को देखते हुए सरकार ने एक दोबारा से आरटीए टीम को ही अलर्ट रहने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

एडीसी निशांत कुमार यादव ने बताया कि 8 माह की चालानिंग में करनाल हरियाणा में नंबर वन पर है। 9 करोड़ 2 लाख के चालान किए गए। अप्रैल माह में 1 करोड़ 80 लाख के चालान किए गए। इनमें 90 लाख चेकपोस्ट से और 90 लाख आरटीए टीम द्वारा किए गए।

एक चेकपोस्ट 4 माह, दो चेकपोस्ट दो माह ही रही

एक चेकपाेस्ट को स्थापित करने में पहले तीन लाख रुपए खर्चा किया। तीनों चेकपोस्टों पर 9 लाख रुपए खर्चा किया गया। मंगलौरा चेकपाेस्ट 7 जनवरी से शुरू हुई। शुरूआत में तीन शिफ्टों में 33 कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात किए। फरवरी में दो शिफ्ट में 11-11 कर्मचारी तैनात किए। रंबा अौर ब्याना की चेकपोस्ट 22 फरवरी से शुरू की गई। इन पर दो शिफ्ट में 8-8 कर्मचारी तैनात किए।

रेवेन्यू बढ़ना तय

ओवरलोड पर अंकुश लगाने के लिए अब फिर से पहले की तरह कार्रवाई होगी। आरटीए टीम इसमें अहम रोल अदा करेगी। ई-चलानिंग होंगे। ओवरलोड माफिया को इससे झटका लगा है और मोबाइल टीम की चेकिंग से सरकार के पास रेवेन्यू बढ़ना तय है।

टीमें रूटिन में रखेंगी चेकिंग


X
करनाल. प्रसाशन की ओर से गांव मगंलौरा में लगाई गई ओवर लोड चेकिंग चेक पोस्ट को हटाकर सामान उठाकर लेजाते कर्मचारी।
Astrology

Recommended

Click to listen..