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अनोखे प्रयास : लोगों ने शहर में बनाए 11 पक्षी विहार, जहां पहुंच रहे 50 हजार पक्षी

विलुप्त होते जा रहे पक्षियों के लिए अनुकूल माहौल देने के शहर में अनोखे प्रयास किए जा रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 05, 2018, 02:30 AM IST

अनोखे प्रयास : लोगों ने शहर में बनाए 11 पक्षी विहार, जहां पहुंच रहे 50 हजार पक्षी
विलुप्त होते जा रहे पक्षियों के लिए अनुकूल माहौल देने के शहर में अनोखे प्रयास किए जा रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों और पक्षी प्रेमियों द्वारा अपने खर्चे से विभिन्न स्थानों पर 11 पक्षी विहार बना दिए हैं। हर दिन लोग यहां पक्षियों को दाना-पानी डालने भी पहुंचते हैं। अब पक्षी विहारों में ही 50 हजार के करीब पक्षी दाना-पानी लेने पहुंचते हैं। कई लोगों की पक्षियों के लिए ऐसी दीवानगी है कि अपने घर को ही पक्षी विहार में तब्दील कर दिया है। एक ही पेड़ पर सैकड़ों घोंसले लगाकर पक्षियों को पाल रहे हैं। खुले स्थानों पर भी बड़ी संख्या में लोग पक्षियों के लिए आकर्षक पक्षी विहार बना रहे हैं। पर्यावरण प्रेमियों द्वारा पक्षियों के संरक्षण के लिए उठाए जा रहे कदम को देखकर और भी लोग अब रुचि लेने लगे हैं। शहर के विभिन्न हिस्से में एक दर्जन से ज्यादा आकर्षक पक्षी विहार स्थापित किया जा चुका है, जबकि 10 जल्द ही अस्तित्व में आने की बात की जा रही है।

गोबिंद चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा रविवार को इंडस्ट्रियल एरिया स्थित जेके हिंदू सिग्नस चैरिटेबल अस्पताल के कचरे के स्थान को सुंदर पक्षी विहार में तब्दील कर दिया गया है। जहां पर एक बार में कम से कम 1000 पक्षियों के लिए दाना डालने और घोंसले बनाने की पक्षी विहार की व्यवस्था की गई है। साथ ही देश की आन-बान शान का प्रतीक तिरंगा भी लहराया गया।

10 पक्षी विहार अतिशीघ्र बनाया जाएगा : गोबिंद पक्षी विहार की परिकल्पना ट्रस्ट के प्रधान संजय सिंगला द्वारा की गई थी। वरिष्ठ पदाधिकारी वाई के त्यागी से इस संदर्भ में बात की। इसके बाद बाकी सदस्य अनिल गुप्ता सीटू, प्रवीन वर्मा, सरोज मिश्रा, संदीप मलिक, अरविंद मित्तल, हिंदू संस्था के प्रधान अरुण अग्रवाल, महावीर शर्मा, शालू त्यागी, दिव्यालाल आदि के सहयोग से किया गया। संजय सिंगला ने बताया कि इससे पहले शनि मंदिर अंडरब्रिज पर बनाया गया है। कुछ ही दिनों में मॉडल टाउन और नरेंद्र नगर सहित 10 पक्षी विहार विकसित किया जाएगा।

विलुप्त होती प्रजातियों के संरक्षण को मिलेगी मदद

सोनीपत . एक बार में 1000 पक्षियों के लिए दाना डालने और घोंसले बनाने की पक्षी विहार की व्यवस्था की गई।

हर दिन लोग डालते हैं दाना

रोहतक रोड स्थित श्मशान घाट में प्रबंधन द्वारा पक्षी विहार विकसित किया गया है। जहां पर हर दिन पक्षियों को सैकडों लोग दाना डालने के लिए आते हैं। यहां पर बतख और कबूतर प्रजातियां अधिक है। जो दूध युक्त पानी का सेवन करते हैं। रविवार को बावा कॉलोनी के कृष्णलाल इन पक्षियों को दूध पिला रहे थे।

पक्षी विहार को फरवरी के अंतिम सप्ताह में खोला जाएगा

पर्यावरण प्रेमी के सैकड़ों खिताब से नवाजे गए देवेंद्र सूरा टीम सहित पुलिस लाइन में करीब 300 वर्गफीट में पक्षी विहार विकसित करने में जुटे हैं। इस एरिया में एक सुंदर बाग बनाया गया। जिसमें दो नीम के पेड़ और टे पक्षी व गिलहरी के लिए प्रिय जाटी का पाैधा लगाया गया है। उक्त पक्षी विहार को फरवरी के अंतिम सप्ताह में खोला जाएगा। सूरा ने जिले के विभिन्न हिस्से को हरा भरा कर दिया है। जिसके लिए उन्हें प्रदेश स्तरीय सम्मान भी मिल चुका है। उनकी टीम में हरियाणा पुलिस के हेड कांस्टेबल पवन ओहल्यान, मंजीत कटारिया, सुनील देशवाल, प्रदीप लठवाल, मंदीप राठी, संदीप श्योराण विनोद मलिक हैं।

दुकान की तीसरी मंजिल को बनाया घोंसला

गीता भवन चौक के नजदीक नीम के पेड़ के साथ फर्नीचर की दुकान है। जिसके संचालक सुरेश कुमार ने दुकान की तीसरी मंजिल को पक्षी विहार के रूप में विकसित कर दिया है। रस्सा बांधकर सैकड़ों घोंसला बना दिया है। जिसमें हर दिन हजारों पक्षियों का वास होता है। इसके अलावा छत पर पक्षियों को दाना और मूंगफली के दाना सहित विभिन्न खाद्य पदार्थाें का डाला जाता है।

कोई भी नहीं पाल सकता है जानवर व पक्षी : वन्य जीव सरंक्षण इंस्पेक्टर सतपाल ने बताया कि सरकार की परमिशन लिए बगैर कोई भी पालतू जानवरों को छोड़कर कोई पक्षी पिजड़े में नहीं रख सकता है। पक्षियों की गिनती संभव नहीं है। जिले में सबसे अधिक मोर हैं। जो राई और खरखौदा बेल्ट में अधिक है। औसतन हर गांव में 30 मोर हैं।

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