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सिसाना में तीन चौपालों का काम रुका

आदर्श गांव सिसाना में प्रदेश सरकार ने तीन चौपालों के जीर्णोद्घार के लिए 28 लाख की राशि ग्रांट स्वरूप दी थी। जिसके...

Danik Bhaskar | Mar 21, 2018, 02:40 AM IST
आदर्श गांव सिसाना में प्रदेश सरकार ने तीन चौपालों के जीर्णोद्घार के लिए 28 लाख की राशि ग्रांट स्वरूप दी थी। जिसके तहत ठेकेदार ने गांवों की तीनों चौपालों का काम करीब 6 महीने पहले शुरू किया था। ग्रामीणों ने मंगलवार को गांव में एकत्रित होकर गांव की तीनों चौपाल के मामले में संबंधित अधिकारियों व ठेकेदारों पर मिलीभगत कर गांव में चौपाल की राशि के गबन का आरोप लगाया है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह से तीनों चौपालों में पहले तो पुरानी चौपाल के मेटिरियल लगाया गया। अब तीन महीने से वार्ड संख्या 3 व 4 से संबंधित जोग्यान ठोले की चौपाल, धानकान बिरादरी की चौपाल व पोपान ठोले की चौपाल का काम अधर में छोड़ा हुआ है। ग्रामीणों ने इस बारे में बार-बार सरपंच राधेश्याम को भी शिकायत दी है, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है। आस पड़ोस में होने वाली शादियों में परिवार के सदस्यों को काफी परेशानी हो रही है। जिससे ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। गांव निवासी राजेंद्र दहिया इंस्पेक्टर, पंच सतीश कुमार, बलवान सिंह, बलबीर सिंह, राजेश कुमार, इंद्र, रामनिवास, पूर्व पंच बलजीत, प्रताप, रमेश, कोच आनंद उर्फ काला, नरेंद्र व प्रकाश का कहना है कि जल्द ही तीनों चौपालों का काम शुरू नहीं हुआ तो पंचायती राज महकमे के आला अधिकारियों व सीएम विंडो में भी शिकायत कर ठेकेदार का टैंडर कैंसिल कर दूसरे ठेकेदार को देने की मांग करेंगे।

खरखौदा. अधूरी चौपालों में से एक चौपाल के सामने खड़े होकर अपनी नाराजगी जाहिर करते सिसाना के ग्रामीण।

ठेकेदार पर फोड़ा सरपंच ने ठीकरा

गांव सरपंच राधेश्याम से इस बारे में बातचीत की गई तो उन्होंने ठेकेदार पर ठीकरा फोड़ते हुए कहा कि ठेकेदार को इस बारे में बार-बार कहा गया है, लेकिन वह अभी तक काम शुरू नहीं कर रहा है। हर बार कहता है कि पिछले तीन महीने से सरकार की तरफ से सीमेंट नहीं मिल रही है। जबकि कई गांव में काम तेजी से चले हुए हैं।

‘तीन चौपाल का काम जल्द शुरू होगा’

एसडीएम राकेश कुमार ने कहा कि सिसाना की जिन तीनों चौपाल को काम रोका हुआ है इसकी जल्द जांच करवाई जाएगी और काम जल्द ही शुरू करवाया जाएगा। जांच में अगर ठेकेदार दोषी निकलता है तो उसका टेंडर रद्द करवाया जाएगा। किसी भी तरह का गबन नहीं होने दिया जाएगा।