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9 ग्राम सचिवों को सरपंचों का साथ देना पड़ा महंगा, सस्पेंड कर मुख्यालय बदले

भास्कर न्यूज | राजधानी हरियाणा ई-टेंडरिंग समेत अन्य मांगों को लेकर बुधवार को पंचकूला में प्रदर्शन के बाद सीएम...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 30, 2018, 02:40 AM IST

9 ग्राम सचिवों को सरपंचों का साथ देना पड़ा महंगा, सस्पेंड कर मुख्यालय बदले
भास्कर न्यूज | राजधानी हरियाणा

ई-टेंडरिंग समेत अन्य मांगों को लेकर बुधवार को पंचकूला में प्रदर्शन के बाद सीएम आवास पर नारेबाजी करने वाले 9 ग्राम सचिवों को सरकार ने सस्पेंड कर दिया है। सभी के मुख्यालय भी काफी दूर दराज क्षेत्रों में किए गए हैं।

बताया गया कि ग्राम सचिव भी बुधवार को सरपंचों के साथ प्रदर्शन करने पंचकूला पहुंचे थे। इसके बाद सीएम की ओर से बुलाए प्रतिनिधिमंडल में ये 9 ग्राम सचिव भी शामिल थे, लेकिन मांगों पर सहमति न बनने पर वहीं पर सरपंचों और ग्राम सचिवों ने हंगामा किया था। हंगामा करने वाले ग्राम सचिवों को ही सस्पेंड किया गया है। हालांकि सस्पेंसन ऑर्डर में सस्पेंड करने की वजह नहीं बताई गई है, जिन ग्राम सचिवों को सस्पेंड किया गया है, उनमें ग्राम सचिव एसोसिएशन के प्रधान रोहतक से नरेश धनखड़ का मुख्यालय मेवात, हिसार से अजीत सिंह का यमुनानगर, सांपला से कुलदीप का पंचकूला, नरवाना से सतपाल सिंह का फरीदाबाद, सफीदों से सुल्तान सिंह का अम्बाला, सोनीपत से अशोक खत्री का सिरसा, भूना से नरेंद्र का पलवल, मोरनी से महेश का रोहतक और नूंह से तोफिक अहमद का मुख्यालय जींद किया गया है।

प्रदेशभर में बीईओ कार्यालयों पर प्रदर्शन कर सरपंचों ने लगाया ताला

खरखौदा में ई-टेंडरिंग के विरोध में प्रदर्शन कर बीईओ ऑफिस पर ताला लगाते सरपंच।

हंगामा पड़ा भारी, काम न करने का किया था एेलान

ग्राम सचिवों ने बुधवार को सरपंचों के साथ प्रदर्शन कर पंचकूला में हंगामा किया था। इससे पूरा शहर जाम हो गया। देर शाम जब सरपंचों को सीएम आवास पर ले जाया गया तो वहां पर सहमति नहीं बन पाई। इस पर इन्होंने नाराज होकर हंगामा किया था। इसके बाद सरपंचों और ग्राम सचिवों ने एेलान किया था कि वे सरकार के काम में सहयोग नहीं करेंगे।

सरपंच आज करनाल में बनाएंगे रणनीति

सरपंच एसोसिएशन की ओर से ग्राम सचिवों को सस्पेंड किए जाने को लेकर शुक्रवार को कोर ग्रुप की मीटिंग करनाल में तय की है। एसोसिएशन की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुरेंद्र राणा का कहना है कि हम अपने मुख्यमंत्री के सामने मांग रखने गए थे, लेकिन उनके सभी ग्राम सचिव साथियों को सस्पेंड कर लोकतंत्र की हत्या की गई है। करनाल की मीटिंग में अगली रणनीति तय की जाएगी।

सीएम हाउस पर हुआ अपमान: प्रदेशाध्यक्ष

ग्राम सचिव एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष नरेश धनखड़ का कहना कि हम ई-पंचायत का विरोध नहीं करते, लेकिन संसाधन तो पूरे हों। 500 ग्राम पंचायत के पास भी कार्यालय नहीं है। ग्राम सचिव कम हैं। सरकार ने कंप्यूटर की अनिवार्यता खत्म कर दी। 2015 में ग्राम सचिव के 803 नए पदों की घोषणा की थी, लेकिन अभी भर्ती नहीं हुए। बुधवार की रात भी उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार ने ग्राम सचिवों को सस्पेंड किया है, यह अन्याय है।

ये हैं मांगें

ई-पंचायत प्रणाली के लिए बेहतर संसाधन दिए जाएं। या उसे बंद किया जाए।

हरियाणा पंचायती राज एक्ट-1994 को लागू किया जाए।

ग्राम सचिव की एजुकेशन योग्यता ग्रेजुएट की जाए।

ग्राम सचिव का वेतन भी पटवारी के हिसाब से 2400 रुपए ग्रेड किया जाए।

सांसदाें और विधायकों की तर्ज पर सरपंचों व पंचों का मानदेय बढाया जाए। वहीं पेंशन लागू हो। बैठकों में जाने और पब्लिक वर्क के लिए सरपंचों को भत्ता दिया जाए।

ग्राम सचिवों के मासिक भत्ते को 20 रुपए से बढ़ाकर 5 हजार रुपए किया जाए।

गांवों में राशन कार्ड बनवाए जाएं।

प्रधानमंत्री आवास योजना का दायरा बढ़ाया जाए।

ग्राम पंचायतों काे बजट दिया जाए।

हर गांव में ग्राम सचिवालय बनाए जाएं।

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