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खरखौदा में सुनहरे अक्षरों में चमकेगा घुगड़ी देवी का नाम

आपको सुनने में थोड़ा अजीब लगेगा लेकिन ये बात सही है कि खरखौदा में एक महिला ने अपनी साढ़े पांच एकड़ उपजाऊ जमीन को दान...

Danik Bhaskar | Mar 30, 2018, 02:40 AM IST
आपको सुनने में थोड़ा अजीब लगेगा लेकिन ये बात सही है कि खरखौदा में एक महिला ने अपनी साढ़े पांच एकड़ उपजाऊ जमीन को दान में दिया और आज तक उसका नाम उसकी जमीन में बनने वाली सरकारी इमारतों में कहीं पर भी अंकित नहीं कराया गया। अब योजना बनाई जा रही है कि दानवीर महिला का नाम सुनहरे अक्षरों में आकर्षक रूप से लिखा जाए। इसकी पहल ब्लाक समिति ने की है। 101 साल बाद खरखौदा की सबसे दानवीर महिला घुगड़ी उर्फ पंडित गोंदड़ी देवी का नाम यहां काॅम्प्लेक्स पर लिखा जाएगा।

दानदाता महिला घुगड़ी देवी ने वर्ष 1917 में साढ़े पांच एक जमीन स्कूल को दान में दी थी, उस जमीन पर आज के दिन खरखौदा का सरकारी अस्पताल, खंड विकास समिति का बहुद्देश्यीय हाल बने हुए हैं। बैंक काॅम्प्लेक्स बनाने के साथ साथ करीब 50 लोगों को रोजगार मिला हुआ है जो उस जमीन के माध्यम से अपनी आजीविका चला रहे हैं। ब्लाक समिति चेयरमैन राजबीर दहिया पिछले एक वर्ष से इस विचार को सिरे चढ़ाने के लिए प्रयास में जुटे हैं। जमीनी फरद में आज भी दानदाता का नाम चला आ रहा है। ब्लॉक समिति चेयरमैन राजबीर दहिया ने बताया कि संबंधित जमीन के पूरे काॅम्प्लेक्स का नाम दानदाता पंडित घुगड़ी उर्फ गोदड़ी देवी का नाम सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। स्टेट बैंक के सामने दान दी हुई जमीन खाली पड़ी हुई है उस जमीन में काॅम्प्लेक्स बनाए जाएंगे उनका नाम भी दानदाता के नाम से रखा जाएगा। इस बारे में कई सामाजिक संस्थाएं भी आवाज उठाने की तैयारी कर रही हैं।

दानदाता की जमीन का 101 वर्ष का इतिहास

इतिहास शिक्षक जोरावर सिंह ने बताया कि स्कूल कार्यालय में जो दस्तावेज दानदाता महिला की जमीन से जुड़े हैं, उनके मुताबिक स्कूल के पास खेल मैदान के लिए जमीन नहीं थी जो खरखौदा की एक पंडित महिला दानवीर घुगड़ी देवी उर्फ गोंदड़ी देवी ने वर्ष 1917 में स्कूल को दान में दी थी। जो थाना कलां रोड़ व सोनीपत रोड़ पर टू साइड है। अब ब्लाक समिति का उक्त जमीन पर कब्जा है।

स्कूल को कराया अपग्रेड

सरकार की योजना थी कि स्कूल अपग्रेड के लिए कम से कम 3 एकड़ जमीन होना अनिवार्य है तो स्कूल ने दान दी हुई साढ़े 5 एकड़ जमीन खाली दिखाई। जहां गेहूं की पैदावार हो रही थी। रिकाॅर्ड में यह जमीन शिक्षा विभाग को दर्शायी गई तो खरखौदा स्कूल को अपग्रेड कर 10 जमा दो का दर्जा दिया गया।

आय का सबसे बड़ा साधन

खरखौदा शहर के मुख्य स्थान पर यह जमीन होने के कारण अब नगरपालिका की आय का मुख्य साधन बनी हुई है। क्योंकि इस जमीन में ब्लाक समिति की करीब 50 दुकानें हैं, जिनसे नगरपालिका का किराया आता है। अस्पताल को जमीन देने के बदले ब्लाक समिति को रकम अलग से मिली है।