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एक आपत्ति ने बिगाड़ा तीन वार्डों का समीकरण

वार्ड संख्या 5 में परिसीमन को लेकर दर्ज हुई आपत्ति के निवारण के बाद सामने आए रिजल्ट ने कई वार्डों से सपने संजोए बैठे...

Danik Bhaskar | Feb 14, 2018, 02:45 AM IST
वार्ड संख्या 5 में परिसीमन को लेकर दर्ज हुई आपत्ति के निवारण के बाद सामने आए रिजल्ट ने कई वार्डों से सपने संजोए बैठे प्रत्याशियों को झटका दिया है। जो वार्ड सामान्य कैटेगरी में जाना था वह बीसी में आरक्षित हो गया और जो वार्ड एससी में जाना तय था वह सामान्य वार्ड में बदल गया। तीसरा बीसी के लिए तय वार्ड अब एससी के लिए आरक्षित हो जाएगा।

मार्च में होने वाले खरखौदा नगरपालिका चुनावों के मद्देनजर इस बार नगरपालिका ने बड़ी हुई पापुलेशन के हिसाब से वार्डों का नए सिरे से परिसीमन किया है। इसमें 13 की बजाय 15 वार्ड बढ़ाए गए हैं। नगरपालिका ने परिसीमन में बाद चुनाव आयोग की हिदायतों के मुताबिक वार्ड वासियों से आपत्तियां भी मांगी गई। जो जनसंख्या का डाटा नगरपालिका ने पहले तैयार किया था उसमें वार्ड वार्ड संख्या 14 में 72.33 प्रतिशत बीसी व वार्ड संख्या 15 में 56.25 प्रतिशत होने के कारण बीसी के लिए आरक्षित होने थे। इसी तरह से वार्ड संख्या 7 में 36.34 प्रतिशत एससी, वार्ड संख्या 8 में 49.61 प्रतिशत, वार्ड संख्या 9 में 53.32 प्रतिशत, वार्ड संख्या 10 में 44.29 प्रतिशत एससी होने के कारण ये वार्ड एससी वर्ग में शामिल होने थे। इन सभी चार वार्डों में अन्य वार्डों की अपेक्षा एससी वर्ग की प्रतिशतता अधिक थी। वार्ड संख्या 5 की जब आपत्ति ठीक हुई तो वार्ड संख्या 5 में जहां पहले बीसी श्रेणी की जनसंख्या 55 प्रतिशत थी वह बढ़कर 67.40 प्रतिशत हो गई। इस कारण वार्ड संख्या 15 की जगह वार्ड संख्या 5 बीसी कैटेगरी के लिए आरक्षित हो गया। वार्ड संख्या 15 बीसी से स्वतंत्र होने के बाद यह इस वार्ड में एससी पापुलेशन का डाटा 38.53 प्रतिशत हो गया। जिससे वार्ड संख्या 7 पांचवे नंबर पर चला गया और वार्ड संख्या 15 एससी हो गया और वार्ड संख्या 7 सामान्य श्रेणी में पहुंच गया। इस तरह से एक आपत्ति ने तीन वार्डों के समीकरण ही पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिए। पूर्व पार्षद प्रवीन सैनी का कहना है कि उनके परिवार को गलत ढंग से शिफ्ट किया गया था जो उन्होंने चुनाव आयोग की हिदायतों के मुताबिक ठीक करा लिया। जो नियमों के अनुरूप ही किया गया है।

ये होनी थी स्थित जो अब ये है

अगर कोई भी आपत्ति नहीं लगती तो वार्ड संख्या 7,8,9,व 10 एससी वर्ग के लिए आरक्षित होते व वार्ड संख्या 14 व 15 बीसी वर्ग के लिए आरक्षित होते। बाकी सभी वार्ड सामान्य श्रेणी के लिए रहते। लेकिन अब वार्ड संख्या 8,9,10 व 15 एससी वर्ग के लिए वार्ड 14 व 5 बीसी वर्ग के लिए व अन्य सभी वार्ड सामान्य श्रेणी के लिए आरक्षित हैं।

आरक्षित हुए वार्ड