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कॉलेज टाइम से पहले सहयोगी छात्रों ने ले ली थी पोजीशन, प्रोफेसर की इशारों से बता रहे थे लोकेशन

राजकीय कॉलेज में प्रोफेसर राजेश मलिक को गेट पर गोली मारने की सजिश सुबह 6 बजे ही जगमेल व उसके साथियों ने रच ली थी।...

Danik Bhaskar | Mar 15, 2018, 02:50 AM IST
राजकीय कॉलेज में प्रोफेसर राजेश मलिक को गेट पर गोली मारने की सजिश सुबह 6 बजे ही जगमेल व उसके साथियों ने रच ली थी। कॉलेज खुलने के टाइम से पहले ही जगमेल व उसके सहयोगी छात्रों ने अपनी-अपनी तय जगह पर पोजीशन ले ली थी। पहले से ही तय था कि जगमेल गोली चलाएगा और अन्य सहयोगी जगह-जगह पर इशारों से प्रोफेसर की लोकेशन देंगे। गेट पर गोली नहीं चला पाए तो स्टेनो रूम में घुसने के बाद प्रोफेसर को गोली मारी गई। पुलिस पूछताछ में यह खुलासा हुआ है। बुधवार को कॉलेज में हायर एजुकेशन विभाग चंडीगढ़ से भी टीम जांच के लिए पहुंची। कुछ दिन पहले महिला प्रोफेसर योगेश द्वारा प्रिंसिपल रविप्रकाश, प्रोफेसर राजेश व अनिल के खिलाफ प्रताड़ित करने की शिकायत को लेकर भी पूछताछ टीम ने की।

हत्या की साजिश में शामिल होने के गिरफ्तार किए आरोपी छात्र अमित ने पुलिस को बताया कि प्रोफेसर को काॅलेज के मुख्य गेट पर मारने के प्रयास थे। थाना प्रभारी वजीर सिंह ने बताया कि साजिश के तहत 13 मार्च को सुबह 6 बजे जगमेल ने अमित को फोन किया कि वह उसके गांव रोहणा आ जाए, परन्तु उसके पास साधन न होने के कारण वह नहीं जा सका। जिसके बाद जगमेल रोहणा, अजय व विवेक पिपली को साथ लेकर थाना कलां बस स्टाॅप पर आए और उसे गाड़ी में बैठाकर काॅलेज के पास ले जाए। इसके बाद जगमेल ने जसन निवासी थाना कलां को फोन किया कि वह काॅलेज के सामने आ जाए। इसके बाद जसन व आकाश मोटरसाइकिल पर वहां पहुंच गए। उन्हें गेट के बाहर मौका नहीं मिला तो कॉलेज के अंदर जाकर जगमेल ने प्रोफेसर पर गोलियां चलाई।


जगमेल इशारा पाने के लिए कॉलेज की छत पर साजिश के तहत चढ़ा था

खरखौदा. स्टाफ से पूछताछ करती चंडीगढ़ से आई टीम।

चंडीगढ़ टीम ने रिकॉर्ड किया तलब

कॉलेज में एक्सटेंशन प्रोफेसर राजेश मलिक की हत्या के बाद बुधवार को चंडीगढ़ से आई तीन सदस्यीय टीम में हायर एजुकेशन डिप्टी डायरेक्टर सरोज बिश्नोई, राजबीर सिंह मतलोडा राजकीय कॉलेज प्रिंसीपल, एसपी सुखीजा ने बताया कि कॉलेज की डिफेंस विषय प्रोफेसर योगेश ने जो शिकायत दी थी, उस पर इंक्वायरी भी चल रही है। जिसके संदर्भ में सभी पक्षों का स्पष्टीकरण भी मांगा था। जिसकी रिपोर्ट 14 मार्च 2018 को चंडीगढ़ जमा होनी थी जो हादसे के वजह से प्रभावित हो गई।

कॉलेज में छाया रहा सन्नाटा

वारदात के एक दिन बाद भी स्टेनों रूम में खून बिखरा पड़ा था, पुलिस के निर्देशों के बगैर स्टेनो रूम में कोई कार्रवाई नहीं की गई। बुधवार को सुबह से ही इक्का-दुक्का छात्र पहुंच रहे थे। जिसे ध्यान में रखते हुए कॉलेज स्टाफ ने कॉलेज की छुट्‌टी कर दी। जिसके बाद कॉलेज में सन्नाटा छाया रहा। कोई भी प्रोफेसर आपस में भी किसी तरह का कोई डिस्कस नहीं कर रहा था। दूसरे दिन काॅलेज गमगीन माहौल था। कॉलेज में प्रोफेसर की आत्मिक शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया।


पकड़े गए आरोपियों के मुताबिक योजना थी कि जैसे राजेश मलिक की गाड़ी आकर रुकेगी तो बाहर खड़े जसन व आकाश जगमेल को इशारा करेंगे। जगमेल इशारा पाने के लिए कॉलेज की छत पर योजना के मुताबिक चढ़ा हुआ था। जैसे ही राजेश की गाड़ी कॉलेज में आई तो बाहर खड़े छात्रों ने जगमेल को इशारा कर दिया जिसके बाद वह नीचे आ गया। तब तक प्रोफेसर कॉलेज के अंदर गया। बाहर खड़े दोनों सहयोगी भी अंदर आ गए। जैसे राजेश मलिक स्टेनों के कार्यालय में हाजिरी लगाने के लिए गए तो जगमेल ने उस पर गोलियां चला दी। सहयोगी छात्र उसी दौरान बाथरूम में छिप गए। जगमेल राजेश मलिक को गोली मारकर फरार हो गया। बाद में वे भी बाथरूम से मौका पाकर फरार हो गए थे। थाना प्रभारी वजीर सिंह ने बताया कि इस मामले अमित, आकाश व जगमेल का चाचा दिनेश को गिरफ्तार किया है। अभी षडयंत्र में साथ देने वाले आरोपी जसन, अजय व विवेक फरार हैं। चाचा दिनेश को कोर्ट से जमानत मिल गई जबकि अमित व आकाश दो दिन के रिमांड पर लिए हैं।

मैं बेकसूर हूं, मुझे प्रिंसिपल फंसवा रहे हंै : प्रोफेसर योगेश

बुधवार को रोजाना की तरह राजेश हत्याकांड में 120 बी में आरोपी बनाई गई डिफेंस प्रोफेसर योगेश शहीद दलबीर सिंह राजकीय कॉलेज पिपली में पहुंची। उन्होंने रूटीन की तरह काम किया। महिला प्रोफेसर योगेश से भास्कर ने बातचीत की। उन्होंने आरोप लगाए कि उसके साथ इस कॉलेज में उपेक्षा हो रही है। उनका काफी समय से मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा था। उनके पीरियड में आने वाले विद्यार्थियों के नाम काटने का भी उन पर कई बार दबाव बनाया गया।

प्रोफेसर योगेश

उच्च अधिकारियों को दी शिकायत

प्रोफेसर ने बताया कि जब वे पूरी तरह से तंग हो गई तो उन्होंने 12 सितंबर 2017 को मामले की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों को दी। इसकी इंक्वायरी चली हुई है और हाल ही में 7 मार्च 2018 को चंडीगढ़ भी इसी इंक्वायरी की जांच के लिए उन्हें बुलाया गया था और 14 मार्च को स्पष्टीकरण देना था। उन्होंने जो शिकायत दी थी उसमें प्राचार्य रवि प्रकाश, मृतक राजेश व अनिल के नाम हैं।

डेपुटेशन पर आई फिर हुई यहीं पोस्टिंग : प्रोफेसर योगेश वर्ष 2016 में यहां डेपुटेशन पर आई थी जो वर्ष 2017 में यहां परमानेंट पोस्टिंग हो गई थी। उनका कहना है कि वे इस मामले में पुलिस का पूरा सहयोग करेंगी। वहीं मामले में कॉलेज प्राचार्य रवि प्रकाश का कहना है कि उनका किसी मामले से कोई लेना देना नहीं है। न ही उन्होंने किसी को प्रताड़ित किया और न ही प्रोफेसर योगेश की शिकायत दी। मृतक राजेश के परिजनों के बयान पर ही पुलिस ने कार्रवाई की है।