Hindi News »Haryana »Kharkhoda» एसडीएम जांच में पूर्व सरपंच दोषी करार

एसडीएम जांच में पूर्व सरपंच दोषी करार

पावसरा गांव के पूर्व सरपंच पर खेल के सामान व स्ट्रीट लाइटों की खरीद में घोटाले का आरोप लगा है। एसडीएम सोनीपत ने इस...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 13, 2018, 02:50 AM IST

पावसरा गांव के पूर्व सरपंच पर खेल के सामान व स्ट्रीट लाइटों की खरीद में घोटाले का आरोप लगा है। एसडीएम सोनीपत ने इस घोटाले में पूर्व सरपंच हुकमचंद को दोषी करार दिया है। बीडीपीओ ओमप्रकाश ने अब पूर्व सरपंच हुकमचंद को 8 लाख 38 हजार 739 रुपए की रिकवरी पंचायत खाते में जमा कराने के आदेश दिए हैं। बीडीपीओ ने पूर्व सरपंच के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए डीसी केएम पांडुरंग को भी पत्र लिखा है।

पावसरा गांव के ग्रामीणों ने शिकायत दी थी 2010 से 2015 तक हुकमचंद गांव के सरपंच थे। हालांकि हुकमचंद एक बार सरपंच पद से निलंबित हो गए थे और करीब एक साल तक कृष्ण के पास कार्यवाहक सरपंच का पद था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि सरपंच हुकमचंद के कार्यकाल के दौरान सरकारी ग्रांट का गबन हुआ था। गांव में जो पैसा खेल के सामान, स्ट्रीट लाइट व लोहे की जाली लगाने का आया था, उसमें घोटाला हुआ था। पंचायत फंड के पैसे का भी गबन किया गया था। इस शिकायत पर पहले बीडीपीओ ने जांच की थी, उसके बाद यह जांच एसडीएम के पास चली गई थी। एसडीएम की जांच में भी सरपंच हुकमचंद को 3 लाख 50 हजार 546 रुपए के गबन करने का दोषी पाया गया था। गबन की इस राशि पर 21 प्रतिशत ब्याज लग चुका है। जिस आधार पर गबन के इस पैसे की रिकवरी अब 8 लाख 38 हजार 739 रुपए हो चुकी है। बीडीपीओ राई ने पूर्व सरपंच हुकमचंद काे 8 लाख 38 हजार 739 रुपए की रिकवरी जमा कराने का नोटिस दिया है। बीडीपीओ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि यदि 21 दिन में रिकवरी का पैसा जमा नहीं कराया तो मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

रिकवरी जमा कराने के लिए 21 दिन का समय

पावसरा गांव का पूर्व सरपंच हुकमचंद खेल के सामान, लोहे की जाली व स्ट्रीट लाइटों की खरीद के मामले में घोटाले का दोषी पाया गया है। उसे रिकवरी जमा कराने के लिए 21 दिन का समय दिया है और डीसी को पत्र लिखकर कानूनी कार्रवाई के लिए अनुमति मांगी गई है।'-जोगेंद्र सिंह, पंचायत अधिकारी राई।

गोरड़ का पूर्व सरपंच एक दिन के रिमांड पर

खरखौदा | फरमाणा चौकी पुलिस ने गबन के आरोप में गोरड़ गांव के पूर्व सरपंच को गिरफ्तार किया है। पूर्व सरपंच अर्जुन सिंह को सोमवार को न्यायालय में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया गया, ताकि पूर्व सरपंच से हिसाब लिया जा सके और गबन की राशि की रिकवरी की जा सके। एसडीएम की जांच में सामने आया था कि गोरड़ गांव के पूर्व सरपंच अर्जुन सिंह व पूर्व ग्राम सचिव जगबीर ने मिलकर ग्राम पंचायत के रिकाॅर्ड को न केवल जला दिया बल्कि गलत तरीके से बैंक से करीब साढ़े दस लाख की राशि भी निकाल ली, जिसका कोई हिसाब नहीं दिया। खरखौदा बीडीपीओ मनीष मलिक की शिकायत पर खरखौदा पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पिछले वर्ष एसडीएम की जांच रिपोर्ट में सामने आया था कि गोरड़ गांव के पूर्व सरपंच अर्जुन सिंह ने ग्राम सचिव जगबीर के साथ मिलकर पैसों का गबन किया। पूर्व सरपंच अर्जुन सिंह को जब उसका कार्यकाल पूरा होने के बाद पंचायत का रिकाॅर्ड बीडीपीओ कार्यालय में जमा करवाने को कहा गया था उनके द्वारा रिकाॅर्ड जमा नहीं करवाया जा रहा था। ऐसे में एसडीएम की तरफ से सर्च वारंट जारी करवाया गया। 5 नवंबर 2015 को पूर्व सरपंच ने बताया कि वह आज पंचायत रिकाॅर्ड को बीडीपीओ कार्यालय में जमा करवाने के लिए आ रहा था, इसी दौरान उसकी वैगनआर कार में आग लग गई व उसमें रखा पंचायत का रिकाॅर्ड भी जल गया।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Kharkhoda

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×