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गौरड़ में अपनों ने ही बहाया अपनों का खून जमीन विवाद में नौ माह में हुई चार हत्याएं

भास्कर न्यूज | सोनीपत खरखौदा जुलाई में हुए डबल मर्डर के बाद गौरड़ गांव एक बार फिर से डबल मर्डर को लेकर चर्चा में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 27, 2018, 02:50 AM IST

गौरड़ में अपनों ने ही बहाया अपनों का खून जमीन विवाद में नौ माह में हुई चार हत्याएं
भास्कर न्यूज | सोनीपत खरखौदा

जुलाई में हुए डबल मर्डर के बाद गौरड़ गांव एक बार फिर से डबल मर्डर को लेकर चर्चा में है। यहां अपने ही अपनों का खून बहा रहे हैं। जुलाई 2017 में ईश्वर व उसके सिपाही बेटे परविंद्र की गोली मारकर हत्या करने की घटना के बाद अब बदले की नीयत से दो और हत्याएं इस परिवार में हुई हैं। इस बार पिता व सिपाही भाई की मौत का बदला लेने के लिए शोभराम व उसके दो सगे भाइयों ने रिश्ते में चचेरे भाई लगने वाले ओमवीर व अशोक का 20 मार्च को अपहरण किया और फिर भिवानी के गांव खरक कलां में इनके शवों को जला दिया। एक की खोपड़ी मिली तो एक का कंकाल। हत्या के बाद शोभराम आराम से चार दिन घर पर काम करता रहा। पुलिस को अब उस पर शक हुआ तो पूछताछ में उसने डबल मर्डर से पर्दा उठाया।

अशोक व ओमवीर का फाइल फोटो।

25 हजार का इनाम रखा देवेंद्र पर, फिर करना चाहता था हत्या

जमीन को लेकर शुरू हुई रंजिश, अब दिलों में नफरत

पुलिस ने बताया कि गौरड़ में दो परिवार ईश्वर व परशुराम के बीच विवाद जमीन से शुरू हुआ था। यह दोनों एक ही परिवार से हैं। जमीन के ऊपर एक सिंचाई का खाल बनाने के चलते जुलाई 2017 में देवेंद्र पुत्र परशुराम ताऊ के लड़के ने दिल्ली पुलिस के सिपाही परविंद्र व उसके पिता ईश्वर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्या कांड के बाद आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने जांच करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, परंतु मुख्य आरोपी देवेंद्र फरार चलता रहा। जिसके लिए पुलिस लगातार दबिश देती रही।

सिपाही भाई व पिता की हत्या का बदला लेने के लिए शोभराज ने रची थी हत्या की साजिश

सोनीपत . दो भाइयों की हत्या के बाद पुलिस द्वारा पकड़े गए अपराधी।

नहर में पानी नहीं मिला तो पेट्रोल डाल लगाई आग

खरखौदा थाना प्रभारी वजीर सिंह ने बताया कि हत्या की प्लानिंग शोभराम, बिजेंद्र व कुलदीप इन तीनों सगे भाईयों ने काफी समय पहले ही बना ली थी। कई दिन से यह आरोपी ओमवीर व अशोक के अपहरण के प्रयास में थे। मौका मिलते ही इन्होंने अपहरण कर हत्या की। दोनों के शवों को यह सैंट्रो कार में लेकर गए थे। हत्या के बाद इन दोनों के शवों को खरक भिवानी के पास बहने वाली नहर में बहा देना इनकी प्लानिंग थी। यह प्लानिंग बिजेंद्र जो आरएएफ में कार्यरत है उसने बनाई। पुलिस ने बताया कि उसने यह नहर पहले देखी थी। लेकिन जब आरोपी दोनों के शवोें को लेकर नहर पर पहुंचें तो नहर में पानी नहीं मिला। जिसके बाद दोनों के शवों को घास में डालकर पेट्रोल छिड़का और फिर आग लगा दी। आरोपी शोभराम, हिमांशु व वीरेंद्र को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है। ताकि बिजेंद्र व कुलदीप दोनों सगे भाईयों को भी गिरफ्तार किया जा सके।

गांव में दहशत का माहौल, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

अपने साथियों के साथ मिलकर फरार चल रहा देवेंद्र पुत्र परशुराम जनवरी 2018 में फिर से हत्या करना चाहता था। ईश्वर व उसके बेटे परविंद्र की हत्या के बाद इस बार उसका टारगेट शोभराम पुत्र ईश्वर था। लेकिन सीआईए प्रभारी इंदीवर की टीम ने गुप्त सूचना मिलने पर 25 हजार के इनामी आरोपी देवेंद्र को धर दबोचा। उसके पास से चार पिस्तौल बरामद हुई थी। इसके साथ उसके दो साथी भी गिरफ्तार किए थे। इन्हें आरोपी लालच देकर हत्या करने के लिए लाया था। इस तरह से पुलिस ने बड़ी वारदात टाली थी।

गांव में पीसीआर लगाई सिक्योरिटी भी देंगे

एसएसपी सतेंद्र गुप्ता ने बताया कि गौरड़ गांव में रंजिश के चलते अपहरण कर जो डबल मर्डर किया गया है, इस मामले में पुलिस सुरक्षा को लेकर सजग है। गांव में कोई और अप्रिय घटना न हो, इसके चलते सुरक्षा के लिए पीसीआर लगा दी है। इसके साथ जिन लोगों की जान का खतरा है उन्हें सुरक्षा भी मुहैया कराई जाएगी।

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