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खेत में बुलाकर की थी दोनों चचेरे भाइयों की हत्या

गोरड़ गांव में जमीन को लेकर चली आ रही रंजिश के चलते दो चचेरे भाइयों की हत्या की वारदात को आरोपियों ने पूरी तरह से...

Danik Bhaskar | Mar 28, 2018, 02:55 AM IST
गोरड़ गांव में जमीन को लेकर चली आ रही रंजिश के चलते दो चचेरे भाइयों की हत्या की वारदात को आरोपियों ने पूरी तरह से फिल्मी अंदाज में अंजाम दिया था। रिमांड के दौरान पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने वारदात के बारे में कई अहम जानकारी दी।

बताया गया है कि आरोपियों ने सुबह खेत में घूमने गए एक युवक अशोक को बंधक बनाकर पिटाई की और फिर उसी के माध्यम से दूसरे चचेरे भाई ओमवीर को भी खेत में बुलाया। फिर दोनों की हत्या की और भिवानी में ले जाकर नहर में बहाने का प्रयास किया। आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट से 30 मार्च तक रिमांड पर लिया है। हत्या की साजिश में कई अन्य लोग भी शामिल होना बताया गया है। पुलिस उनके ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

थाना प्रभारी वजीर सिंह ने बताया कि आरोपियों ने कई दिन पहले तो रैकी की, इसके बाद वारदात को अंजाम दिया। योजना के तहत आरोपी खेतों में गाड़ी लेकर गए हुए थे। यहां सुबह घूमने के लिए पहुंचे बिजेंद्र के लड़के को पकड़ लिया और उसकी खूब पिटाई की। फिल्मी अंदाज में युवक को खूब डराकर उसी के फोन से चचेरे भाई को फोन करवाया। उसे ये कहते हुए बुला लिया कि अकेला आए बहुत जरूरी काम है। जैसे ही उसका चचेरा भाई आया उसे भी पकड़ लिया और उसकी भी पिटाई की। दोनों की बेरहमी से पिटाई करके उन्हें मौत के घाट उतार दिया।

हत्या के बाद दिनभर गाड़ी में रखे रहे शव : आरोपियों ने दोनों के शवों को गाड़ी में डाला और योजना के मुताबिक अंधेरा होने तक इंतजार किया। तब तक वे गाड़ी को गांव के आसपास खेतों में एकांत में ही घुमाते रहे ताकि किसी को शक न हो। जिस समय अंधेरा हुआ तो भिवानी के गांव खरकलां पहुंचे। यहां उन्होंने दोनों शवों को नहर में बहाना था, लेकिन जब वे खरकलां गांव में नहरों पर पहुंचे तो खूब अंधेरा हो चुका था और नहर में पानी नहीं मिला। नहर सूखी होने के कारण उनकी इस योजना पर पानी फिर गया। इसके बाद उन्होंने पेट्रोल छिड़ककर दोनों शवों को जलाकर कंकाल कर दिया और वापस आ गए।

कंकाल के साथ मिली रॉड

एक साथ दो शवों के कंकाल मिलते ही खरखौदा पुलिस ने लापता दोनों चचेरे भाइयों की तहकीकात करानी उचित समझी, लेकिन शव की शिनाख्त बेहद मुश्किल थी। मौके पर परिजन पहुंचे और उन्होंने जब राख में शरीर में हड्डी टूटने पर डाली जाने वाली रॉड मिली तो पक्का हो गया कि एक शव उसके चचेरे भाई ओमबीर का है। पुलिस को यह सफलता मिलने के बाद स्पष्ट हो गया कि दूसरा शव भी लापता अशोक का मिलेगा। पुलिस ने दोनों शवों के कंकालों को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने शक के आधार पर इस मामले में जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया। उन्होंने पूरी कहानी बताकर मामले का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस फिलहाल उन आरोपियों की तलाश में है, जिन्होंने इस पूरी वारदात में आरोपियों का साथ दिया है।


साजिश में कई अन्य भी शामिल

शिकायतकर्ता के मुताबिक करीब 10 से ज्यादा आरोपी इस मामले में हैं। आरोपियों ने इस वारदात में अपने रिश्तेदारों की भी मदद ली है। पुलिस ने रिश्तेदारों सहित सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें बनाकर कई शहरों में छापामारी शुरू की है। फिलहाल तीन आरोपी पुलिस गिरफ्त में हैं। पुलिस ने शोभराम व जाखौदा निवासी सोभराम के भाई बिजेंद्र के साले हिमांशु व सोमबीर को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की। आरोपियों को 30 मार्च 2018 तक रिमांड पर लिया हुआ है। ताकि हत्या में बाकी आरोपियों के बारे में पूरी जानकारी ली जा सके और हत्या के सबूतों को जुटाया जा सके।