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डिप्रेशन से ग्रस्त बच्चों को तलाशेगा स्वास्थ्य विभाग, हर माह 2 स्कूलों की काउंसिलिंग

पेरेंट्स द्वारा ज्यादा अंक लाने के दबाव व किसी बात की जिद लगाना और वह पूरी न होने पर काफी विद्यार्थी डिप्रेशन में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jan 29, 2018, 03:15 AM IST

पेरेंट्स द्वारा ज्यादा अंक लाने के दबाव व किसी बात की जिद लगाना और वह पूरी न होने पर काफी विद्यार्थी डिप्रेशन में जा रहे हैं। कई बार तो आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया जाता है। बढ़ती इस समस्या पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हुआ है। डिप्रेशन से ग्रस्त विद्यार्थियों की अब स्कूल स्तर पर खुद स्वास्थ्य विभाग काउंसिलिंग करेगा। इसके साथ इन बच्चों को नि:शुल्क इलाज भी देगा। नेशनल मेंटल हेल्थ प्रोग्राम के तहत स्वास्थ्य विभाग ने इसकी प्लानिंग की है। फरवरी माह से इस पर काम शुरू हो जाएगा।

एनएचएम ने सोनीपत को नेशनल मेंटल हेल्थ प्रोग्राम के लिए चुना है। इस प्रोग्राम का नोडल अधिकारी डाॅ. तरुण यादव को बनाया गया है। जिन बच्चों की काउंसिलिंग स्कूलों में की जाएगी और जो बच्चे डिप्रेशन से ग्रस्त होंगे उनका इलाज सामान्य अस्पताल में नि:शुल्क किया जाएगा। इसके लिए अस्पताल में एक विशेष सेंटर बनाया जाएगा। जहां पर मनोराेग विशेषज्ञ की देख रेख में इलाज होगा।

सुसाइड जैसी घटनाओं पर लगेगा अंकुश चंडीगढ़ से दो डाॅक्टरों को दिलाई ट्रेनिंग

सेंटर में सात लोगों का स्टाफ होगा

नेशनल मेंटल हेल्थ प्रोग्राम के तहत अस्पताल में सात कर्मचारियों का स्टाफ एनएचएम के तहत भर्ती किया जाएगा। इसमें एक क्लीनिक काउंसलर, दो स्टाफ नर्स, एक रजिस्ट्रेशन क्लर्क, एक मनोरोग विशेषज्ञ व एक अन्य स्टाफ होगा। यह स्टाफ डिप्रेशन से ग्रस्त विद्यार्थियों का इलाज करेगा।

जिले में नेशनल मेंटल हेल्थ प्रोग्राम की शुरुआत, सामान्य अस्पताल में होगा सेंटर

जिले में नहीं है कोई स्थायी मनोरोग विशेषज्ञ

जिले में मानसिक रूप सेे कमजोर लोगों की संख्या काफी अधिक है। इन्हें पेंशन के लिए प्रमाण पत्र बनवाना पड़ता है। पर जिले में स्थायी मनोरोग विशेषज्ञ नहीं है। जिसके चलते इन्हें प्रमाण पत्र बनाने में परेशानी होती है। कई-कई माह घूमने के बाद भी प्रमाण पत्र बन नहीं पाता। ऐसा एक केस सीएम के सामने जनता दरबार में खरखौदा से आया था। जबकि यहां अब सेंटर स्थापित होगा तो यह कार्य आसान हो जाएगा।

सामान्य अस्पताल विशेषज्ञों की देखरेख में होगा इलाज

नेशनल मेंटल हेल्थ प्रोग्राम की सोनीपत में शुरुआत हो गई है। इसके लिए सामान्य अस्पताल में सेंटर बनाया जाएगा। नोडल अधिकारी बना दिया गया है। डिप्रेशन से ग्रस्त विद्यार्थियों को डाक्टर की टीम स्कूल में जाकर तलाशेगी और विशेषज्ञों की देखरेख में इलाज होगा। स्कूली स्तर पर यह प्रयास होगा तो यह बच्चें आगे की जिंदगी डिप्रेशन मुक्त होकर बेहतर ढंग से जी सकेंगे।'-जसवंत पूनिया, सिविल सर्जन सोनीपत।

सोनीपत में लगातार हो रही हैं बड़ी घटनाएं

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हाल ही राई स्पोर्ट्स स्कूल के अंदर 11वीं कक्षा की एक छात्रा ने होस्टल के कमरें में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था। मामले ने सबको झकझौर कर रख दिया था। इस मामले की जांच पुलिस कर रही है। पर सबके मन में यह सवाल अभी भी बना हुआ है कि आखिर छात्रा ने परेशान होकर इतना बड़ा कदम किस लिए उठाया।

ये दो डाॅक्टर करेंगे स्कूलों का विजिट

हर माह स्वास्थ्य विभाग की टीम दो राजकीय स्कूलों का विजिट करेगी। इसके बाद प्राइवेट स्कूल पर प्लानिंग है। काउंसलिंग डाॅक्टर चंद्रमणि व डाॅक्टर अश्वनी करेंगे। इन्हें नेशनल मेंटल हेल्थ प्रोग्राम के तहत स्वास्थ्य विभाग ने चंडीगढ़ में विशेषज्ञ ट्रेनिंग दिलाई है।

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दीनबंधु यूनिवर्सिटी में भी एक छात्र ने हाल ही में हॉस्टल के अंदर फंदा लगाकर जान दे दी थी। यह छात्र जींद का रहने वाला था। घटना के बाद यूनिवर्सिटी में हर कोई इस बात से परेशान था कि आखिर युवक ने फंदा क्यों लगाया।

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