Hindi News »Haryana »Kharkhoda» ठेकेदारों ने पेयजल लाइन दबाने के नाम पर दो माह पहले बनी फुटपाथ को उखाड़ा

ठेकेदारों ने पेयजल लाइन दबाने के नाम पर दो माह पहले बनी फुटपाथ को उखाड़ा

खांडा गांव में जन स्वास्थ्य विभाग की अदूरदर्शिता से सरकारी राशि का नुकसान हो रहा है। लोक निर्माण विभाग ने दो महीने...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 16, 2018, 03:20 AM IST

ठेकेदारों ने पेयजल लाइन दबाने के नाम पर दो माह पहले बनी फुटपाथ को उखाड़ा
खांडा गांव में जन स्वास्थ्य विभाग की अदूरदर्शिता से सरकारी राशि का नुकसान हो रहा है। लोक निर्माण विभाग ने दो महीने पहले बनाए इंटरलाकिंग टाइलों के फुटपाथ को जन स्वास्थ्य विभाग के ठेकेदारों ने पेयजल लाइन दबाने के नाम पर उखाड़ दिया है। अगर जन स्वास्थ्य विभाग लोक निर्माण विभाग से तालमेल रखता तो दोनों काम बगैर सरकार के पैसे के नुकसान के संभव हो सकते थे। लेकिन जन स्वास्थ्य विभाग ने कोई अदूरदर्शिता नहीं दिखाई। जिसका खामियाजा न केवल ग्रामीणों को बल्कि लोक निर्माण विभाग को भी भुगतना पड़ रहा है।

खांडा गांव निवासी दीपक का कहना है कि उसने पेयजल लाइन अपने खर्च पर लगाई हुई थी, जिससे जन स्वास्थ्य विभाग के ठेकेदारों ने आनन-फानन में उखाड़ फैंका है। जिससे उसे भी भारी नुकसान हुआ है। उसके घर की पेयजल सप्लाई भी बंद हो गई है। करीब दो महीने पहले लोक निर्माण विभाग ने खरखौदा से सेहरी मार्ग का नवीनीकरण किया था। जिसके तहत खांडा गांव में मार्ग नवीनीकरण के साथ-साथ मार्ग के दोनों तरफ इंटरलॉकिंग टाइलों से आकर्षक फुटपाथ भी बनाया था। ताकि ग्रामीणों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। लेकिन जन स्वास्थ्य विभाग के ठेकेदारों ने बगैर मंजूरी लिए ही खांडा गांव में सड़क किनारे अपनी पेयजल लाइन बदलाने का काम शुरू कर दिया। जिसके तहत आकर्षक इंटरलॉकिंग टाइलों से बनाया गया फुटपाथ भी उखाड़ फेंका। जिससे सरकार को भारी नुकसान हुआ है।

खांडा गांव में ठेकेदार ने नहीं ली थी लाइन दबाने की मंजूरी

खरखौदा. खांडा में उखाड़ा सड़क किनारे इंटरलाकिंग टाइलें से बना फुटपाथ।

भास्कर न्यूज | खरखौदा

खांडा गांव में जन स्वास्थ्य विभाग की अदूरदर्शिता से सरकारी राशि का नुकसान हो रहा है। लोक निर्माण विभाग ने दो महीने पहले बनाए इंटरलाकिंग टाइलों के फुटपाथ को जन स्वास्थ्य विभाग के ठेकेदारों ने पेयजल लाइन दबाने के नाम पर उखाड़ दिया है। अगर जन स्वास्थ्य विभाग लोक निर्माण विभाग से तालमेल रखता तो दोनों काम बगैर सरकार के पैसे के नुकसान के संभव हो सकते थे। लेकिन जन स्वास्थ्य विभाग ने कोई अदूरदर्शिता नहीं दिखाई। जिसका खामियाजा न केवल ग्रामीणों को बल्कि लोक निर्माण विभाग को भी भुगतना पड़ रहा है।

खांडा गांव निवासी दीपक का कहना है कि उसने पेयजल लाइन अपने खर्च पर लगाई हुई थी, जिससे जन स्वास्थ्य विभाग के ठेकेदारों ने आनन-फानन में उखाड़ फैंका है। जिससे उसे भी भारी नुकसान हुआ है। उसके घर की पेयजल सप्लाई भी बंद हो गई है। करीब दो महीने पहले लोक निर्माण विभाग ने खरखौदा से सेहरी मार्ग का नवीनीकरण किया था। जिसके तहत खांडा गांव में मार्ग नवीनीकरण के साथ-साथ मार्ग के दोनों तरफ इंटरलॉकिंग टाइलों से आकर्षक फुटपाथ भी बनाया था। ताकि ग्रामीणों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। लेकिन जन स्वास्थ्य विभाग के ठेकेदारों ने बगैर मंजूरी लिए ही खांडा गांव में सड़क किनारे अपनी पेयजल लाइन बदलाने का काम शुरू कर दिया। जिसके तहत आकर्षक इंटरलॉकिंग टाइलों से बनाया गया फुटपाथ भी उखाड़ फेंका। जिससे सरकार को भारी नुकसान हुआ है।

ठेकेदार के खिलाफ मामला भी दर्ज कराया जा सकता है

संबंधित विभाग को सड़क या फुटपाथ उखाड़ते समय लोक निर्माण विभाग से मंजूरी लेनी चाहिए। जिसके बाद लोक निर्माण विभाग इस संदर्भ में कोस्ट निर्धारित करता है मंजूरी देता, लेकिन जन स्वास्थ्य विभाग ने उनसे किसी भी प्रकार की मंजूरी नहीं ली। इस तरह से बगैर अनुमति के सड़क उठाने पर संबंधित ठेकेदार व विभाग के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।’-जे.पी गुलिया, एसडीओ लोक निर्माण विभाग खरखौदा।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Kharkhoda

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×