• Home
  • Haryana News
  • Kharkhoda
  • अब दिल्ली रोड पर दुकानों के आगे पहुंचा सीवर का पानी, चंदा एकत्र करके दुकानदार कराते हैं सफाई
--Advertisement--

अब दिल्ली रोड पर दुकानों के आगे पहुंचा सीवर का पानी, चंदा एकत्र करके दुकानदार कराते हैं सफाई

नगर पालिका की अनदेखी के कारण रोहतक व सांपला रोड के बाद अब गंदा पानी दिल्ली रोड पर बाईपास तक पहुंच गया है और दुकानों...

Danik Bhaskar | Jun 13, 2018, 02:25 AM IST
नगर पालिका की अनदेखी के कारण रोहतक व सांपला रोड के बाद अब गंदा पानी दिल्ली रोड पर बाईपास तक पहुंच गया है और दुकानों के आगे पानी जमा हो गया है। जो न केवल बीमारियों को बढ़ावा दे रहा है बल्कि आने-जाने का रास्ता प्रभावित हो रहा है। कई दुकानदार तो इस गंदगी के कारण अपनी दुकानें भी नहीं खोल पा रहे हैं। नालों की सफाई न होने व नालों का अंतिम छोर ड्रेन तक न जोड़ने जाने के कारण शहर की पानी निकासी की व्यवस्था खराब हो गई, लेकिन जिला प्रशासन को इसकी कोई परवाह नहीं है।

उपायुक्त के निर्देशों के बाद भी नगर पालिका ने पानी निकासी व्यवस्था की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। रिकाॅर्ड में बेशक नगर पालिका पानी निकासी के नाम पर लाखों रुपए की राशि खर्च करने के दावे करती है और सरकारी ग्रांट खर्च करती है, लेकिन हकीकत ये है कि दिल्ली मार्ग बाईपास पर स्थित दुकानदारों को पानी निकासी व्यवस्था एवं सफाई व्यवस्था चंदा एकत्रित करके खुद जेसीबी मंगवाकर करानी पड़ती है। पिछली बार भी करीब 30 हजार रुपए की राशि एकत्रित कर दुकानदारों ने इस मार्ग की सफाई कराई थी।

खरखौदा. दिल्ली मार्ग पर दुकानों के आगे मार्ग पर पहुंचा गंदा पानी।

एसडीएम से करेंगे शिकायत : दुकानदार धर्मेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, राज सिंह मलिक डीलर, अशोक कुमार, अजय सिंह, सुरेश, रोहतास रोहणा का कहना है कि नगर पालिका को बार-बार शिकायत के बाद भी इस समस्या का हल नहीं किया जाता। नपा इस बार भी चाहती है कि दुकानदार चंदा एकत्रित करके सफाई कराए। इसलिए शिकायत के बाद भी ध्यान नहीं दे रही है। जिसकी शिकायत एसडीएम को दी जाएगी।

डीसी व एसडीएम के निर्देश का नहीं हुआ असर : डीसी विनय सिंह व एसडीएम विजय सिंह ने नगर पालिका को नालों की सफाई व पानी निकासी के निर्देश दिए थे। लेकिन नपा पर उनके निर्देशों का कोई असर नहीं हो रहा है। जिससे शहर की पानी निकासी व सफाई व्यवस्था बुरी तरह से चौपट हो चुकी है।

एस्टीमेट तैयार कराएंगे : सचिव