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69 सरकारी स्कूलाें में 345 रूम डैमेज, बारिश में भरता है पानी, गिरता है मलबा, बचाव के नाम पर छुट़्टी ही विकल्प

भास्कर न्यूज | सोनीपत/राई/खरखौदा बरसात सीजन में जिले के सरकारी स्कूलों में हालात चिंताजनक हैं। कहीं जलभराव हो...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 27, 2018, 02:35 AM IST

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    भास्कर न्यूज | सोनीपत/राई/खरखौदा

    बरसात सीजन में जिले के सरकारी स्कूलों में हालात चिंताजनक हैं। कहीं जलभराव हो रहा है तो कहीं कंडम बिल्डिंग से मलबा गिर रहा है। गुरुवार को हुई जोरदार बारिश के कारण क्षेत्र के अधिकांश राजकीय स्कूलों में छुट्टी करनी पड़ी। मलिकपुर गांव के स्कूल में कमरे और बरामदे की छत का मलबा गिर गया। यहां बच्चे नहीं होने से हादसा टल गया। राजकीय प्राइमरी स्कूल खेवड़ा के कमरों में गुरुवार को हुई बारिश का पानी भर गया। जिले में 69 स्कूलाें में 345 कमरे कंडम घाेषित किए जा चुके हैं लेकिन इन्हें हटाने और नए बनाने में ढील बरती जा रही है।

    सोनीपत के स्कूलों के हालात इस कदर खराब हैं कि जिले के 69 स्कूलों के 345 कमरों को कंडम घोषित किया जा चुका है। पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट के बाद 150 कंडम भवनों की निलामी कर भवन को तोड़वाया भी जा चुका है। शेष भवनों को लेकर प्रक्रिया अभी जारी है। बीईओ नवीन गुलिया का कहना है कि कंडम भवन को लेकर विभाग की नीति स्पष्ट है। कहीं कोई लापरवाही नहीं बरती जाती। जहां मरम्मत की आवश्यकता है वहां बजट भी मुहैया करवाया जा रहा है। स्कूल स्टाफ को चाहिए कि वे कंडम भवन के पास बच्चों को नहीं जाने दें।

    कंडम घाेषित किए जा चुके हैं स्कूल, लेकिन इन्हें हटाने और नए बनाने में ढील बरती जा रही है

    खरखौदा. बारिश के बाद स्कूल में जमा पानी से अध्यापकों के लिए कुर्सियां ले जाते बच्चे।

    खरखौदा : कन्या स्कूल बना तालाब, छात्राओं को हुई परेशानी

    खरखौदा | गुरुवार को हुई करीब 70 एमएम बारिश के बाद खरखौदा स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का प्रांगण पानी से तालाब बन गया। इसमें करीब डेढ़ फीट तक भर गया। इसी पानी से गुजरकर छात्रों को अपने कमरों तक जाना पड़ा और अध्यापकों के लिए पानी से कुर्सियां ले जानी पड़ी। स्कूल के कार्यकारी इंचार्ज राजबीर मौजूदा हालात के लिए खुद को बेबस बताते हैं, उनके अनुसार उनकी पॉवर केवल पंप सेट से पानी निकासी तक की है। बीईओ आदर्श सांगवान का कहना है कि कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की बिल्डिंग सही है, लेकिन अदूरदर्शिता के कारण झील बनी है। इसे कंडम घोषित नहीं किया जा सकता।

    शनिवार को करेंगे विद्यालयों का दौरा

    स्कूलों में जल भराव एवं छत गिरने के मामले में विभागीय स्तर पर सभी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वे खुद स्कूलों का दौरा कर व्यवस्था का आकलंन शनिवार को करेंगे। विभाग की प्राथमिकता विद्यार्थियों को बेहतर हालात में शिक्षा देने की है।’-जिले सिंह शर्मा, डीईओ, सोनीपत।

    राई. राजकीय स्कूल मलिकपुर की टूटी हुई कड़ी।

    खेवडा के स्कूल में भरा पानी एक कमरे में बैठे90 विद्यार्थी

    राजकीय प्राइमरी स्कूल खेवड़ा के कमरों में गुरुवार को हुई बारिश का पानी भर गया। स्कूल के 90 विद्यार्थियों को एक कमरे में बैठकर पढ़ाया गया। स्कूल में पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से कई अभिभावकों ने तो बच्चों को स्कूल ही नहीं भेजा। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से स्कूल में पानी निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। यहां पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। कमरों में पानी घुसने की सूचना पर अभिभावक स्कूल पहुंचे और बच्चों को घर ले गए। अभिभावक सुनीता देवी, सुमित्रा देवी, सुमन आंतिल ने कहा कि यदि स्कूल की ऐसी हालत रही तो वे अपने बच्चों को स्कूल नही भेजेंगी। भगवान परशुराम एकता परिषद के जिला प्रधान कृष्ण शर्मा ने कहा कि इसकी शिकायत सीएम विंडो पर भी की गई है। स्कूल के इंचार्ज वीरेंद्र, विद्या व सोनिया ने बताया कि वे कई बार शिक्षा विभाग से पानी निकासी की मांग कर चुके है।

    कंडम घोषित कर चुका है, रिपोर्ट विभाग को भेजी

    राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल मलिकपुर बिल्डिंग की गुरुवार को छत गिर गई। गनीमत यह रही कि इस दौरान कक्षा में विद्यार्थी मौजूद नहीं थे। पीडब्ल्यूडी की ओर से चार साल पहले स्कूल की बिल्डिंग को कंडम घोषित कर चुका है। इसकी रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेजी भी जा चुकी है, लेकिन शिक्षा विभाग ने नई बिल्डिंग बनाने के लिए कोई कदम नही उठाया। राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में रोजाना की तरह से सुबह विद्यार्थी जर्जर हाल बिल्डिंग के नीचे पढ़ाई कर रहे थे। स्कूल की प्राचार्य इंदूबाला ने सभी शिक्षकों को आदेश दिया कि बच्चों को जर्जर हाल बिल्डिंग से हटा लिया जाए। जैसे ही विद्यार्थी इन कमरों से बाहर निकले तो पहले एक कमरे की छत से कड़ी टूटकर गिर गई। बरामदे की छत से भी एक कड़ी टूट गई।

    लिखित में शिकायत दे चुके हैं : सरपंच प्रमोद ने कहा ने यह लापरवाही है। हादसा होता है तो विभाग जिम्मेदार होगा। वहीं प्राध्यापक रवि जून, राजेशा दहिया, दीपा, पूनम, मीनाक्षी, नीरज, जयनारायण, राजेश शर्मा ने विभाग से इसको लकर कार्रवाई की मांग की है।

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