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बगैर विकास शुल्क जमा कराए चुनाव के लिए दिया नो-ड्यूज

प्रदेश सरकार ने प्रदेश में चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशियों पर शर्त लगाई भी कि उस पर कोई बकाया नहीं होना चाहिए, लेकिन...

Danik Bhaskar | May 06, 2018, 02:40 AM IST
प्रदेश सरकार ने प्रदेश में चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशियों पर शर्त लगाई भी कि उस पर कोई बकाया नहीं होना चाहिए, लेकिन खरखौदा शहर में नगरपालिका ने बगैर विकास शुल्क जमा कराए आनन-फानन में प्रत्याशियों को नो-ड्यूज प्रमाण पत्र जारी कर दिए। मौजूदा हाल में करीब 45 प्रत्याशी ऐसे हैं जो नगरपालिका का विकास शुल्क जमा कराए बगैर चुनाव मैदान में उतर गए हैं।

एक सामाजिक कार्यकर्ता रामफल कोच दहिया ने इस बारे में आवाज उठाई तो उसकी शिकायत नजरअंदाज कर दी। उनका कहना है कि उसे इस शिकायत के मामले में एसडीएम से मिलने ही नहीं दिया गया। जिसके बाद उसे मजबूर होकर हरियाणा चुनाव आयोग व सीएम विंडो में शिकायत दी है। उधर कैबिनेट मंत्री कविता जैन का कहना है कि इस मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में अगर अधिकारी व प्रत्याशी दोषी पाए जाते हैं तो उन पर कार्रवाई होगी व जीते प्रत्याशियों पर भी अगर जांच में बकाया मिला तो उनके चुनाव भी रद्द किए जा सकते हैं।


खरखौदा . शिकायत देने वाला पूर्व फौजी रामफल कोच।

ये है विकास संबंधी बकाए का पूरा मामला

खरखौदा शहर के करीब 8 वार्ड ऐसे हैं, जहां पर अवैध रूप से कालोनियां विकसित हुई जो बाद में सरकार ने अप्रूव की है। इन आठ वार्डों से करीब 45 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। जिन्होंने अपने मकानों, आलीशॉन बंगलों व दुकानों एवं शोरूमों को बगैर नक्शा पास कराए विकसित किया हुआ है। जबकि नगरपालिका को विकास शुल्क लेकर नक्शा पास करना होता है। लेकिन खरखौदा नगरपालिका ने विकास शुल्क संबंधी किसी भी तरह का बकाया किसी भी प्रत्याशी से नहीं लिया। जो प्रत्याशी जमा कराने आए उनका भी नहीं लिया, उल्टा नगरपालिका ने विकास शुल्क संबंधी शर्त को ही हटा दिया। जिससे एक तरफ नगरपालिका को लाखों रुपए का नुकसान हुआ वहीं दूसरी तरफ सरकार के बकाएदार जमा कराने संबंधी हिदायतों को दरकिनार कर दिया।