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...अब चेयरमैनी के दांव पेंच हुए शुरू

पार्षद बनने की जंग रविवार को हुए चुनावों के बाद समाप्त हो गई है। खरखौदा की जनता ने मतदान के माध्यम से अपना फैसला कर...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 15, 2018, 02:40 AM IST

पार्षद बनने की जंग रविवार को हुए चुनावों के बाद समाप्त हो गई है। खरखौदा की जनता ने मतदान के माध्यम से अपना फैसला कर पार्षद चुन लिए हैं। अब अगली जंग चेयरमैन के लिए शुरू हो चुकी है। रिंपल देवी ने तो चेयरपर्सन पद के लिए ही चुनाव लड़ा था। इससे पहले भी वे 5 वर्ष चेयरपर्सन के पद पर रहकर खरखौदा का विकास करा चुकी है। इस बार भी वे सर्व सम्मति के बनकर चेयरपर्सन की दौड़ में हैं। कई धुरंधर चेयरमैन पद के लिए चुनाव मैदान में उतर कर सामने आ गए हैं और वे पहले से भी संभावित जिताउ प्रत्याशी पर डोरे डाल रहे थे।

उल्लेखनीय है कि रविवार को हुए खरखौदा नगरपालिका चुनावों में 13 पार्षदों को खरखौदा की जनता ने चुनकर नगरपालिका पार्षद चुना है, जबकि दो पार्षद रिंपल देवी व नवदीप उर्फ हैप्पी पहले से ही सर्वसम्मति से चुने जा चुके हैं। जिसके चलते कुल चुने हुए पार्षद 15 हैं। इसके अतिरिक्त 2 मत हलका विधायक व सांसद के होते हैं। जो नगरपालिका चेयरमैन के लिए वोट डाल सकते हैं। कुल मिलाकर 17 वोट नगरपालिका चेयरमैन पद के लिए वोट कर सकते हैं। पांच वर्ष पहले हुए नपा चेयरमैन पद के लिए चुनाव से पहले ही कई पार्षदों को नजरबंद किया गया था। इस बार भी कई पार्षद नजरबंद हो सकते हैं। पिछले नगरपालिका में जो खेल नगरपालिका चेयरमैन के लिए हुआ उससे खरखौदा के सभी वार्डों की जनता वाकिफ है। खरखौदा नगरपालिका चुनावों में कांग्रेस युवा नेता पवन खरखौदा को छोड़ कोई भी राजनैतिक नेता इन चुनावों से बचता हुआ नजर आया। वार्ड संख्या 15 से पवन खरखौदा के पिता आजाद सिंह खुद चुनाव मैदान में थे। इसलिए उन्होंने इस चुनाव में पूरी रुचि दिखाई।

17 वोट तय करेंगे किसके सिर पर होगा खरखौदा में नगरपालिका चेयरमैन का ताज

चेयरमैन के लिए चाहिए 8 या 9 पार्षद

अगर विधायक व सांसद ने वोट डाले तो कुल वोट 16 या 17 हो जाएगे। ऐसी स्थिति में जिस पार्षद को भी नगरपालिका का चेयरमैन बनना है, उसे कुल 9 मत अपने पक्ष में चाहिए। क्योंकि कुल वोट 17 हो जाएंगे जिसमें 9 मत चेयरमैन के लिए चाहिए, अगर विधायक या सांसद में से किसी एक ने वोट किया तो कुल वोट 16 हो जाएंगे। ऐसी स्थिति में भी 9 मत चाहेंगे। लेकिन अगर विधायक व सांसद दोनों में से किसी ने भी वोट नहीं डाले तो ऐसी स्थिति में कुल वोट 15 ही काउंट होंगे और 8 मत अपने पक्ष में करने वाला पार्षद ही चेयरमैन बनेगा। चेयरमैनी के लिए अलग से दिन तय किया जाएगा।

चुनाव लड़ने से पहले ही दिखा रहे थे चेयरमैन के लिए दावेदारी

नगरपालिका चुनाव सम्पन्न होने के बाद अब चेयरमैनी के लिए जोड़-तोड़ शुरू हो गया है। चुनाव से पहले ही वार्ड संख्या 14 से सबसे अधिक मतों क अंतराल से जीते श्याम पाल सैनी, सर्वसम्मति से बनी हैप्पी व रिंपल देवी, वार्ड संख्या 15 से बने आजाद भोरिया, वार्ड संख्या 3 से बनी कमला देवी पहले से ही खुद को चेयरमैन का प्रत्याशी घोषित कर चुके थे। जबकि कई अन्य पार्षद भी चेयरमैनी की दौड़ में नीचे-नीचे अपना समर्थन रूपी दम देख रहे हैं। चेयरमैन बनाने के लिए फाइनेंसर भी दाव खेल रहे हैं।

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