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18 करोड़ खर्च के बाद भी पानी निकासी चौपट तपती लू में सड़कों पर पहुंच रहा गंदा पानी

खरखौदा में पानी निकासी के नाम पर करीब 18 करोड़ रुपए सीवरेज सिस्टम व नाले बनाने पर खर्च हो चुके हैं, लेकिन शहर की पानी...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 26, 2018, 02:40 AM IST

18 करोड़ खर्च के बाद भी पानी निकासी चौपट तपती लू में सड़कों पर पहुंच रहा गंदा पानी
खरखौदा में पानी निकासी के नाम पर करीब 18 करोड़ रुपए सीवरेज सिस्टम व नाले बनाने पर खर्च हो चुके हैं, लेकिन शहर की पानी निकासी व्यवस्था इस कदर चौपट है कि कई स्थानों पर इतनी तपती लू में भी सड़कों पर नालों का पानी पहुंच रहा है। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि बारिश के दिनों में कैसी व्यवस्था होगी, लेकिन जिला प्रशासन खरखौदा में पानी निकासी का हल नहीं ढूंढ पाया है। आनन-फानन में संबंधित अधिकारी वरिष्ठ अधिकारियों को आधी-अधूरी सूचना देकर पानी निकासी व्यवस्था को अपने हाल पर छोड़ रहे हैं। खरखौदा रोहतक मार्ग पर बस स्टैंड के पीछे वाले गेट पर नालों का ओवरफ्लो हुआ गंदा पानी सड़क पर है, जिससे स्वच्छता का संदेश फ्लाॅप साबित हो रहा है। प्रशासन की हर प्लानिंग यहां पर फेल हो रही है। पिछले करीब 10 वर्षों में पानी निकासी पर करीब 20 करोड़ रुपए की राशि खर्च हुई है, लेकिन पानी निकासी समस्या का स्थाई हल नहीं हो पाया है। दुकानदार सुरेश कुमार, प्रवीन कुमार, राजेश, कर्मबीर का कहना है कि रोहतक मार्ग पर गंदगी फैल रही है, लेकिन प्रशासन को कोई विशेष ध्यान नहीं है।

सीएम घोषणा में पास मास्टर प्लान बाद में फेल : प्रदेश मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने खरखौदा में दो वर्ष पहले खरखौदा के पानी निकासी प्रोजेक्ट के लिए मास्टर प्लान को मंजूरी देते हुए करीब साढ़े 9 करोड़ रुपए की राशि ग्रांट स्वरूप देने की घोषणा की थी। बाद में अधिकारियों ने निदेशालय में लिख भेजा कि खरखौदा में पानी निकासी संबंधी मास्टर प्लान की आवश्यकता नहीं है। जिसके चलते सीएम घोषणा में शामिल पानी निकासी मास्टर प्लान योजना को कैंसिल किया गया। जबकि पानी निकासी संबंधी हालात बद से बदतर हैं।

खरखौदा. पानी निकासी चौपट होने से बस स्टैंड के 3 नंबर गेट मुख्य रोहतक रोड़ पर फैला गंदा पानी।

ये ग्रांट हो चुकी है पानी निकासी पर खर्च

पानी निकासी की व्यवस्था के लिए सबसे पहले वर्ष 2008 में सीवरेज सिस्टम की घोषणा कर करीब 12 करोड़ रुपए की राशि सीवरेज सिस्टम पर खर्च की गई, लेकिन पानी निकासी की व्यवस्था नहीं हो पाई। क्योंकि कहीं लेवल तो कहीं पाइपों के साइज मानकों के मुताबिक नहीं रहे। यहीं ने खरखौदा-रोहतक रोड, दिल्ली रोड, सांपला रोड व सोनीपत रोड पर पानी निकासी के लिए एचएसआरडीसी महकमें ने करीब साढ़े 6 करोड़ रुपए की लागत से सीमेंटेड नाले बनाए। ये नाले भी पानी निकासी का आधार नहीं बन सके। क्योंकि इनका लेवल ठीक से नहीं लिया गया। इसके अलावा करीब दो करोड़ रुपए की राशि नगरपालिका पानी निकासी पर खर्च कर चुकी है।

प्लानिंग की जा रही है

जनस्वास्थ्य विभाग व लोक निर्माण विभाग इस दिशा में कोई विशेष कदम नहीं उठा रहा, पानी निकासी का मास्टर प्लान तैयार कराया गया था, लेकिन पब्लिक हेल्थ ने इसकी जरूरत नहीं समझी और निदेशालय ने इसे सीएम घोषणा से हटा दिया जिससे ग्रांट भी लैप्स हो गई। जल्द ही इस बारे में प्लानिंग की जा रही है।' -राजेंद्र प्रसाद, सचिव नगरपालिका खरखौदा।

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