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वोट मांगने का ट्रेंड बदला; साथियों के साथ नहीं, इकलौते घूमकर मांग रहे वोट

अकसर चुनाव प्रचार के दौरान साथियों के साथ विभिन्न गलियों में जाकर वोट मांगने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। लेकिन...

Danik Bhaskar | May 08, 2018, 02:50 AM IST
अकसर चुनाव प्रचार के दौरान साथियों के साथ विभिन्न गलियों में जाकर वोट मांगने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। लेकिन खरखौदा शहर में इस बार चुनाव प्रचार का एकल चलो फार्मूला अपनाया जा रहा है। प्रत्याशी सोच रहे हैं कि वार्ड में कई बार ऐसी स्थिति पैदा हो जाती है कि प्रत्याशी से रसूक ठीक रहते हैं लेकिन जो व्यक्ति प्रत्याशी के साथ घूमते हैं उनसे नाराजगी रहती है। इस नाराजगी का नुकसान प्रत्याशी को उठाना पड़ता है।

इस बार प्रत्याशी बड़ी सूझ-बूझ के साथ कदम रख रहे हैं, वे ग्रुप में जाकर मतदाताओं से वोट की अपील नहीं कर रहे हैं। व्यक्तिगत तौर पर केवल प्रत्याशी परिवार के सदस्य ही वोट मांगने में जुटे हुए हैं। ताकि वार्डवासी की नाराजगी का खामियाजा उन्हें ना भुगतना पड़ जाए। चुनाव प्रचार में मतदाता भी साथ जुड़ना नहीं चाहता, वे भी चाहते हैं कि भी किसी के साथ टैग न हो, केवल मनचाहे उम्मीदवार को वोट डाल दें। शहर में पूर्व वाइस चेयरमैन अजीत सैनी व पूर्व पार्षद मैक्सीन का नामांकन रद्द होने की बात गले से नहीं उतर रही है। हालांकि इस मामले में चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज हो गई है, जिसमें संबंधित वार्डों पर स्टे पर बुधवार को विचार हो सकता है।

नगरपालिका

चुनाव

दीवारों पर पोस्टर लगाने से मतदाता हो रहे नाराज

नगरपालिका चुनाव के मद्देनजर इस बार मतदाता एवं मकान मालिकों की घरों व दीवारों पर पोस्टर चस्पा करने से मतदाता नाराज हो रहे हैं। क्योंकि उनके मकान बदसूरत हो रहे हैं और दीवारें भद्दी हो रही हैं।

10 पूर्व पार्षदों ने नहीं दिखाई चुनाव लड़ने की हिम्मत

खरखौदा | पिछले 13 पार्षदों में से केवल 3 पूर्व पार्षद ही इस बार चुनाव लड़ने की हिम्मत जुटा पाए हैं। इनमें से वार्ड संख्या 12 का पार्षद वनदीप उर्फ हैप्पी को अन्य नामांकन रद्द होने के कारण सर्वसम्मति से चुना गया। वार्ड संख्या 4 से प्रेम उर्फ लीला चुनाव मैदान में है। पूर्व वाइस चेयरमैन अजीत सैनी का नामांकन पिता के नाम में मिस्टेक होने के कारण रद्द हो गया। नगरपालिका चुनाव में फिलहाल एक ही पूर्व पार्षद प्रेम उर्फ लीला चुनाव मैदान में है। पूर्व पार्षदों के दोबारा चुनाव मैदान में नहीं उतरने के पीछे पिछले कार्यकाल में विकास कार्य नहीं होना बताया गया है। चुनाव नहीं लड़ने वाले पार्षदों का कहना है कि शहर की जनता परेशान है। ऐसे में दोबारा चुनाव मैदान में उतरने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। कई पार्षदों ने व्यक्तिगत व अन्य कारणों से भी चुनाव मैदान में उतरना उचित नहीं समझा। एक पार्षद वनदीप उर्फ हैप्पी निर्विरोध चुना गया है। हालांकि वार्ड संख्या पांच से पूर्व पार्षद के पति नरेंद्र व वार्ड 10 से पूर्व पार्षद बसंत की प|ी चुनाव मैदान में है। इसके अलावा विकास न होने के कारण किसी भी पार्षद ने न तो खुद लड़ने की हिम्मत जुटाई और ना ही किसी ने अपनी पति व अपनी प|ी को चुनाव मैदान में उतारा है।

नामांकन रद्द होने से रेस से बाहर दाे प्रत्याशी

खरखौदा में पूर्व वाइस चेयरमैन अजीत सैनी का नामांकन रद्द किए जाने व पूर्व पार्षद मैक्सीन पर नगर निगम का बकाया होने से नामांकन रद्द कर दिया गया। इससे शहर की राजनीति गर्मायी हुई है। दोनों प्रत्याशी खुद को चेयरमैन की लाइन में खड़ा कर रहे थे। दोनों ही कांग्रेस समर्थित हैं और सरकार व अधिकारियों पर मानमानी का आरोप लगा चुनाव आयोग में अपील करने में जुटे हैं।