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निकासी में बाधा बने 100 कब्जाधारकों पर पीपी एक्ट के तहत किया केस दर्ज

पानी निकासी व्यवस्था में बाधा बनकर खरखौदा से गुजरने वाली ड्रेन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सिंचाई एवं ड्रेनेज...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 21, 2018, 03:15 AM IST

निकासी में बाधा बने 100 कब्जाधारकों पर पीपी एक्ट के तहत किया केस दर्ज
पानी निकासी व्यवस्था में बाधा बनकर खरखौदा से गुजरने वाली ड्रेन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सिंचाई एवं ड्रेनेज महकमे ने कार्रवाई कर करीब 100 अवैध कब्जा धारकों के खिलाफ पीपी एक्ट के तहत एसडीएम कोर्ट में केस किया गया है। जिनमें करीब 72 केस ऐसे हैं, जिन्हें ड्रेनेज महकमे की तरफ से पहले नोटिस भी दिया गया है और बाद में उन पर केस किया गया है। कई ऐसे कब्जे हैं, जिनकी शिनाख्त नहीं हो पाई। जिसके कारण ऐसे अवैध कब्जा धारकों के खिलाफ भी केस दायर किया है।

गौरतलब है कि करीब 50 वर्ष पहले खरखौदा पानी निकासी के लिए बनाई गई खरखौदा ड्रेन हाल सोनीपत बाईपास से शुरू होकर बरोणा बाईपास चौराहे के पास से निकलती हुई वाया रोहणा-बरोणा-खुरमपुर के रास्ते बहादुरगढ़-दिल्ली जाने वाली ड्रेन तक पहुंचती है, लेकिन इस ड्रेन के खरखौदा शहरी हिस्से में हुए अवैध कब्जों के कारण खरखौदा में हर वर्ष पानी निकासी की समस्या सामने आ रही है। प्रशासनिक अमला भी पानी निकासी कराने में अक्षम साबित हो रहा है।

डीसी के आदेशों के बाद हरकत में आए विभाग : पिछले वर्ष तत्कालीन डीसी केएम पांडुरंग ने खरखौदा ड्रेन के रिकार्ड, सफाई व अवैध कब्जा धारकों पर केस कराने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद ड्रेन की पैमाइश कराई गई और अवैध कब्जा धारकों पर कार्रवाई की दिशा में आगे कदम बढ़ाए गए।

खरखौदा. खरखौदा से गुजरने वाली ड्रेन का बाहरी हिस्सा, जिसकी सफाई चल रही है।

कुछेक हिस्से की पैमाइश होना भी बाकी

अभी भी ड्रेन का कुछ हिस्सा ऐसा है, जिसका रिकार्ड न मिलने के कारण उसकी न तो पैमाइश हो पाई है और न ही अवैध कब्जा धारकों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई।

ड्रेन के बिना पानी निकासी संभव नहीं

जब से खरखौदा ड्रेन पर अवैध कब्जे हुए हैं, तब से खरखौदा में पानी निकासी की समस्या ने जोर पकड़ा है और हर साल कॉलोनियों में बारिश का पानी घुसना शुरू हुआ है। अगर इस ड्रेन को पक्का कर दिया जाए तो खरखौदा की पानी निकासी का स्थाई समाधान हो सकता है।

72 कब्जाधारकों की सूची बाय नेम बनाई

खरखौदा ड्रेन की पैमाइश कराई गई तो खरखौदा ड्रेन पर करीब 100 लोगों से ज्यादा के अवैध कब्जे सामने आए हैं। जिनमें से 72 कब्जाधारकों की सूची बाय नेम बनाई है व बाकी अज्ञात का नाम वाली भी सूची बनाई गई है। जिन कब्जा धारकों के नाम सामने आए हैं, उनको नोटिस देकर उनके खिलाफ पीपी एक्ट के तहत खरखौदा एसडीएम अदालत में केस दायर कर दिया है, ताकि ड्रेन पर हुए कब्जों को खाली कराके ड्रेन को अच्छे से तैयार किया जा सके। बारिश का पानी ड्रेन के रास्ते शहर से बाहर चला जाए और शहरवासियों को बाढ़ जैसे हालातों का सामना न करना पड़े।’-कैलाश चंद्र, एसडीओ, सिंचाई एवं ड्रेनेज, सोनीपत।

पक्की ड्रेन बना निकासी का जड़ से समाधान का प्रयास

सभी पार्षदों की सहमति से खरखौदा में पानी निकासी की ड्रेन को पक्का कराने के लिए प्रयास करेंगे। ताकि बारिश के दिनों में शहर का पानी ड्रेन के रास्ते शहर से बाहर चला जाए। जिसके बाद खरखौदा में बारिश का पानी ड्रेन के साथ लगते किसी भी वार्डवासी के घर में न घुसे। इसके लिए जल्द ही ड्रेन की जमीन की पैमाइश कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पानी निकासी के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।’-कमला देवी, चेयरपर्सन खरखौदा नगरपालिका।

करीब दो किलोमीटर लंबी व 27 फीट चौड़ी ड्रेन पर है कब्जा

खरखौदा की बाढ़ राहत ड्रेन की दिशा उत्तर से शुरू होकर 27 फुट चौड़ी यह ड्रेन दक्षिण की तरफ जाती है, जिसका करीब एक किलोमीटर हिस्सा साेनीपत मेन रोड के साथ-साथ है। इसलिए इस पर कई अवैध कब्जा धारकों ने कब्जा कर अपनी करोड़ों रुपए की कीमतों की दुकानें भी बनाई हुई है। कई स्थानों पर ड्रेन की जगह पर नगरपालिका ने रास्ता बनाकर इंटरलाॅकिंग टाइलें लगाकर अवैध कब्जा धारकों को रास्ता दिया हुआ है।

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