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सील स्टोन क्रेशर रात में चलने का आरोप, हाईकोर्ट में याचिका

ताजेवाला के समीप प्रदूषण नियंत्रण विभाग द्वारा सील किया गया स्टोन क्रशर रातभर चलता रहा। शिकायतकर्ता ने आरोप...

Dainik Bhaskar

Feb 08, 2018, 02:25 AM IST
ताजेवाला के समीप प्रदूषण नियंत्रण विभाग द्वारा सील किया गया स्टोन क्रशर रातभर चलता रहा। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि विभाग के अधिकारियों तथा राजनीतिक संरक्षण के चलते ये सब हो रहा है। अवैध स्टोन क्रशरों तथा स्क्रीनिंग प्लाट को लेकर शिकायतकर्ता ने अब पंजाब एंड चंडीगढ़ हाईकार्ट में याचिका दायर की गई है।

देवधर-कोहलीवाला स्टोन क्रशर जोन के क्रशर संचालक रामपाल कांबोज ने कुछ समय पूर्व अवैध स्टोन क्रशरों व स्क्रीनिंग प्लांट्स को लेकर शिकायत प्रधनमंत्री, प्रदेश के मुख्यमंत्री, सीएम विंडो तथा प्रदूषण नियंत्रण विभाग को की थी। पीएमओ से शिकायत प्रदेश के चीफ सेक्रेट्ररी के पास पहुंची उसके बाद विभाग हरकत में आया और अवैध स्क्रीनिग प्लांट्स पर कार्रवाही शुरू की गई। शिकायतकर्ता रामपाल का आरोप है कि विभाग द्वारा आधी अधूरी कार्रवाई की गई है। जिन इकाइयों के पास अभी तक एनओसी नहीं है उन्हें सील किया जाना उचित है। लेकिन जिन क्रशरों या स्क्रीनिग प्लांट के पास कोई कागजात ही नही हैं उन्हें डिस्मैंटल किया जाना चाहिए था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विभाग द्वारा क्रशर को डिस्मैंटल करना चाहिए, लेकिन सील भी एक बैल्ट पर की गई है जिसका कोई औचित्य ही नहीं बनता। उनका कहना है कि सील व्हील पर और मशीन पर लगाई जाती है। आरोप लगाया कि जिस स्टोन क्रशर को विभाग के रिकार्ड में सील दिखाया गया है वह रातभर चलता रहा। क्रशर जोन में ऐसे दो दर्जन स्क्रीनिग प्लांट हैं जो विभाग के रिकार्ड में तो सील किए गए हैं लेकिन वास्तव में वह सब इकाइयां चल रहीं हैं। शिकायतकर्ता राम पाल ने बताया कि लाकड़ गांव के पास लगे क्रशर सरेआम नियम कानूनों को ताक पर रख कर काम कर रहे हैं। स्टोन क्रशर सही मायनों में आबादी तथा लाल डोरे से एक किमी की दूरी पर होने चाहिए जबकि लाकड़ गांव से मात्र पांच सौ मीटर की दूरी पर क्रशर कार्य कर रहे हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ये सब मिलीभगत से किया जा रहा है।

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