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पॉलीहाउस छोटे किसानों के लिए वरदान, मिल रहा दोगुना मुनाफा

जठलाना | पॉलीहाउस में तैयार होती सब्जी की फसल। भास्कर न्यूज | जठलाना पॉलीहाउस की तकनीक छोटे किसानों के लिए...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:30 AM IST
जठलाना | पॉलीहाउस में तैयार होती सब्जी की फसल।

भास्कर न्यूज | जठलाना

पॉलीहाउस की तकनीक छोटे किसानों के लिए वरदान बनकर उभर रही है। उन्हें इस तकनीक से परंपरागत खेती के मुकाबले कई गुणा मुनाफा मिल रहा है। इसके चलते आज किसान आधुनिक व आर्गेनिक खेती की ओर कदम बढ़ा रहा है। गांव बरसान के किसान राजीव दत्ताना ने 2015 में 4 एकड़ भूमि पर पॉलीहाउस लगवाया था। राजीव का कहना है कि जब से उन्होंने पॉलीहाउस में सब्जी की खेती करना शुरू किया है उनका मुनाफा दोगुना हो गया है। सरकार की ओर से किसानों को पॉलीहाउस तैयार करने के लिए अनुदान दिया जा रहा है।

ऑफ सीजन में भी उगाई जाती है हर किस्म की सब्जी: पॉलीहाउस का सबसे अधिक फायदा यह है कि इसमें ऑफ सीजन में किसी भी किस्म की सब्जी उगाई जा सकती है। जिस कारण पॉलीहाउस में तैयार की गई ऑफ सीजन सब्जी के बाजार में दोगुने दाम मिलते हैं।

सब्जी की फसल तैयार करने पर खर्च भी आता है कम: आम तौर पर देखा जाता है कि किसान सब्जी की फसल को तैयार करने के लिए भारी खर्च करते हैं। लेकिन इस विधि में फसल पर खर्च नाममात्र है। खाद व दवाइयों का प्रयोग इसमें काफी कम किया जाता है।

पानी का प्रयोग भी होता है कम : पॉलीहाउस में इंडो-इजराइल तकनीक का प्रयोग किया जाता है। जिसके चलते जहां सब्जी की फसल में खाद व दवाइयों का प्रयोग तो कम होता ही है साथ ही पानी की भी बचत होती है। पानी का प्रयोग पाइपलाइन के माध्यम से किया जाता है। जिसमें पानी सीधा पौधे की जड़ में पहुंचाया जाता है।

पॉलीहाउस में तैयार सब्जियों की बाजार में डिमांड अधिक

पॉलीहाउस की विधि अपना रहे गांव बसान निवासी किसान राजीव दत्ताना ने बताया कि इसमें तैयार की गई सब्जियां पूरी तरह से आर्गेनिक होती है। जिस कारण बाजार में सब्जियों की डिमांड अधिक है।