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वेटलैंड पर विदेशी पक्षियों ने जमाया डेरा

चीन, साइबेरिया, मध्य एशिया के देशों से आने वाले प्रवासी पक्षियों के कलरव से हथनीकुंड बैराज तथा कलेसर नेशनल पार्क...

Dainik Bhaskar

Jan 15, 2018, 02:30 AM IST
चीन, साइबेरिया, मध्य एशिया के देशों से आने वाले प्रवासी पक्षियों के कलरव से हथनीकुंड बैराज तथा कलेसर नेशनल पार्क खूब चहक रहा है। इन देशों ठंड की आहट होते ही हमारे यहां विदेशी परिंदों का आगमन शुरू हो जाता है। बेहद सर्द मौसम होने के बावजूद मेहमान परिंदों को ये आबोहवा बहुत रास आ रही है। नदी के झीलनुमा पानी पर ये परिंदे एक दूसरे के साथ चोंच से चोंच लड़ाते,पानी की सतह पर अठखेलियां करते सभी का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।

कड़ाके की ठंड से बचने के लिए कम सर्दी वाले स्थानों को अपना बसेरा बनाने वाले प्रवासी पक्षी बड़ी संख्या में हथनीकुंड बैराज व आसपास के वेटलैंड पर डेरा डाले हुए हैं। कई तरह की प्रजाति के रंग-बिरंगे विदेशी परिंदे सभी के मन को भा रहे हैं। यमुना नदी के पानी पर तैरते, चोंच से चोंच लड़ाते, पानी में डुबकियां लगाते परिंदे सैलानियों का ध्यान खींच रहे हैं। देर तक पानी में डुबकियां लगाने के बाद ये पक्षी नदी की रेत पर मस्ती करते देखे जा सकते हैं। दिनभर पानी की सतह पर तैरने के बाद प्रवासी पक्षी आकाश में उड़ते हुए भी मनभावन लगते हैं। आकाश में उंची उड़ान पर कलरव करते पक्षी बहुत ही सुंदर लगते हैं।

आकर्षण

कलेसर पार्क व हथनीकुंड बैराज पर चीन, साइबेरिया से आते हैं कई प्रजातियों के परिंदे

खिजराबाद | विदेशी परिंदों पानी की स्तह पर अठखेलियां करते हुए।

कभी रूट नहीं भूलते प्रवासी पक्षी : हजारों मील का लम्बा सफर तय कर अपनी पसंदीदा जगहों पर आने वाले प्रवासी पक्षी अपना रास्ता कभी नहीं भूलते। इन्हें शांत व सुरक्षित माहौल ही पसंद आता है। वहीं पर यह पक्षी लम्बा स्टे भी करना पसंद करते हैं। प्रदेश की सीमा पर ढालीपुर झील, कलेसर, हथनीकुंड, कुरुक्षेत्र, सुल्तानपुर पक्षी विहार, बड़कल लेक समेत कई स्थानों पर हजारों की संख्या में प्रवासी पक्षी हर साल प्रवास करते हैं। अभी ग्रे लेगगूज,कामन कोचार्ड, ग्रागनीटील, पिनटेल, चायनाकूट,स्पूनबिल प्रजातियों के पक्षी प्रवास करते देखे जा सकते हैं। कुछ स्थानों पर डिमोइसिल क्रेन जैसे पक्षी भी दिखाई दे जाते हैं।

मार्च तक यहीं प्रवास करते हैं ये पक्षी : राजपाल सिंह

वन्य प्राणी सुरक्षा विभाग के इंस्पेक्टर राजपाल सिंह ने बताया कि कलेसर नेशनल पार्क व हथनीकुंड बैराज तथा नदी के आसपास के वेटलैंड पर प्रवासी पक्षी अच्छी खासी संख्या में आए हुए हैं। जो आमतौर पर मार्च तक प्रवास करते हैं। उन्होंने बताया कि यूपी एरिया में पत्थर खनन पर प्रतिबंध के चलते विदेशी परिंदे अपने को अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। वाहनों का शोर नहीं है। यही वजह है कि पक्षी लम्बे समय ठहराव कर सकते हैं। नदी क्षेत्र में पक्षियों के लिए पर्याप्त मात्रा में भोजन मिल जाता है।

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