• Home
  • Haryana News
  • Khijrabad
  • अब पुलिस के पहरे में होगा भारी वाहनों की रोकथाम को बेरीकेड्स लगाने का काम
--Advertisement--

अब पुलिस के पहरे में होगा भारी वाहनों की रोकथाम को बेरीकेड्स लगाने का काम

भारीवाहनोंपर रोक लगाने के लिए ताजेवाला में बेरीकेड्स लगाने का काम अब पुलिस के पहरे में किया जाएगा। खनन माफिया के...

Danik Bhaskar | Jan 10, 2018, 09:25 AM IST
भारीवाहनोंपर रोक लगाने के लिए ताजेवाला में बेरीकेड्स लगाने का काम अब पुलिस के पहरे में किया जाएगा। खनन माफिया के विरोध की आशंका को देखते हुए ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ सिंचाई विभाग दूसरे प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहेंगे। सिंचाई विभाग द्वारा ग्रामीणों की मांग पर 3 जनवरी तक ये काम रोक दिया गया था। अब तक ग्रामीण रास्ते को लेकर कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए।

3 जनवरी तक का था समय

सिंचाई विभाग द्वारा पुल के समीप बेरीकेड्स लगाने का काम गत 30 दिसम्बर को शुरू किया गया था। लेकिन कुछ स्थानीय लोगों ने यह कह कर बेरीकेड्स लगाने का विरोध किया कि उक्त रास्ता खेतों के लिए बना है। अधिकारियों ने ग्रामीणों की मांग पर गौर करते हुए उन्हें रास्ते से संबंधित कागजात 3 जनवरी तक दिखाने के लिए समय दिया गया था। लेकिन इस दौरान ग्रामीण किसी भी प्रकार के प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाए। पश्चिमी नहर पुल की आरडी 2758 3500 यमुना नदी किनारे लगे स्टोन क्रशर की लाइफ लाइन बनी हुई है। नदी में अवैध खनन भी उक्त रास्ते से ही अधिक मात्रा में किया जाता है। लाल टोपी घाट जाने के लिए भी उक्त रास्ता सबसे सेफ माना जाता है। कच्चा माल सस्ता सुलभ होने के कारण उक्त एरिया में धड़ाधड़ स्क्रीनिंग प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। सिंचाई विभाग जिला प्रशासन एक तीर से दो निशाने लगाना चाहता है। बेरीकेड्स लगाए जाने से जहां एक ओर यूपी को की जा रही पशु तस्करी के वाहनों पर रोक लग पाएगी वहीं दूसरी तरफ यमुना नदी से किए जा रहे अवैध खनन पर भी नकेल कसेगी। जेई जीत राम ने बताया कि ताजेवाला के समीप लगाए जाने वाले बेरीकेड्स का काम अब आगामी दो-चार दिन में ही पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को जो समय दिया गया था वह बीत चुका है।

ताजेवाला के समीप पश्चिमी नहर पुल पर बेरीकेड्स लगाने का काम अब जिला प्रशासन की देखरेख में तीव्र गति से किया जाएगा। नहर पुल की आरडी 2758 3500 पर आठ फुट की उंचाई के बेरीकेड्स लगाए जाने हैं। उक्त कार्य को पूरा करने के लिए निर्माण कंपनी के ठेकेदार तीन बार प्रयास कर चुके हैं। लेकिन यमुना नदी में सक्रिय अवैध खनन माफिया के लोग स्थानीय ग्रामीणों की आड़ लेकर कोई कोई अडंगा लगाते रहे हैं। जिस कारण कार्य को पूरा करने में महीने भर की देरी हो चुकी है। इस बार सिंचाई विभाग के अधिकारी पूरी तैयारी के साथ काम को पूरा कर लेने की कमर कसे हुए हैं। खनन माफिया ग्रामीणों के विरोध की आशंका को मद्देनजर रखते हुए सुरक्षा के पूरे बंदोबस्त किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने उक्त कार्य की ड्राइंग में भी कुछ परिवर्तन किया गया है। जो कार्य बीस दिन में पूरा किया जाना था।

खिजराबाद| ताजेवालामें सिंचाई विभाग की ओर से बैरिकेड्स लगाते कर्मी।