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11 साल पहले छूटा था स्कूल, निकाह के 6 साल बाद थामी किताबें, सास ने बच्चे संभाले और 10वीं में इमराना की आई मेरिट

2012 में निकाह हो गया। दो बच्चों की मां बन गई लेकिन मन में दबी पढ़ाई की इच्छा खत्म नहीं हुई।

Danik Bhaskar | Jun 06, 2018, 10:34 AM IST
इमराना। इमराना।

अम्बाला (हरियाणा)। इमराना दो बच्चों की मां हैं। 2007 में स्कूल छूट गया था। 2012 में निकाह हो गया। दो बच्चों की मां बन गई लेकिन मन में दबी पढ़ाई की इच्छा खत्म नहीं हुई। अब इमराना चेरिटेबल ट्रस्ट पढ़ो लिखो बढ़ो... के फैजपुर स्कूल के उन 33 स्टूडेंट्स में शामिल हैं, जिन्होंने ओपन बोर्ड से दसवीं पास की है। स्कूल के छह स्टूडेंट्स मेरिट में रहे हैं, इनमें इमराना भी शामिल है।

- इमराना को संसाधनों के अभाव में 2007 में स्कूल छोड़ना पड़ा। 2012 में निकाह हो गया।

- इमराना का पति आबिद मेहनत मजदूरी कर परिवार चलाता है। गांव में आठवीं तक का स्कूल है। उसकी इच्छा हमेशा पढ़ने की रही। लेकिन घर के हालात इजाजत नहीं देते थे।

- जिस वजह से इमराना (24) सुसराल के गांव फैजपुर में भी पढ़ने की अपनी इच्छा पूरी नहीं कर पाई। इस दौरान इमराना को दो बच्चे 4 साल का बेटा व डेढ़ साल की बेटी की परवरिश करने की जिम्मेदारी आन पड़ी।

इमराना ने फिर से आगे पढ़ाई करने की ठान ली
- पिछड़ा क्षेत्र होने के कारण गांव में ऐसे बहुत से बच्चे थे जो किसी न किसी कारण से अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ घर के काम धंधों में लग चुके थे।

- संस्था पढ़ो लिखो बढ़ो... ने स्कूल छोड़ चुके ऐसे बच्चों को शिक्षित करने का बीड़ा उठाया, तो इमराना के पढ़ने के सपने फिर से जाग उठे।

- स्कूल की टाइमिंग सुबह 9 से 12 इमराना को सही लगी और उसने आगे पढ़ने की ठान ली। इस काम में इमराना की सास नाजरां ने भी बच्चों को संभालने में उसकी मदद की।

- स्कूल की पढ़ाई बीच में ही छोड़ चुके बच्चों में इमराना का भी नाम शामिल हो गया।

आगे पढ़ेगी ताकि बच्चों को अच्छी शिक्षा दे सके
- ओपन बोर्ड परीक्षा परिणाम में घर की जिम्मेदारी संभाल रही दो बच्चों की मां इमराना ने अपने दम पर पढ़ाई कर मेरिट हासिल की।

- इमराना ने बताया कि वह अब ओपन बोर्ड से ही 11 वीं कक्षा की तैयारी करेगी। वह अपने दोनों बच्चों को अच्छी शिक्षा देने का भरपूर प्रयास करेगी।

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