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तन के मैल को गंगा में धोया जा सकता है लेकिन मन कथा में ही शुद्ध होगा : शशि

तन के मैल को गंगा में धोया जा सकता है, लेकिन मन का मैल तो केवल भगवान श्रीराम कथा में ही शुद्ध हो सकता है। श्रीराम कथा...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 13, 2018, 02:30 AM IST

तन के मैल को गंगा में धोया जा सकता है लेकिन मन कथा में ही शुद्ध होगा : शशि
तन के मैल को गंगा में धोया जा सकता है, लेकिन मन का मैल तो केवल भगवान श्रीराम कथा में ही शुद्ध हो सकता है। श्रीराम कथा ही अमर कथा है। पाप रहित जीवन जीए। उक्त प्रवचन अजात आश्रम बनियोंवाला में श्रीराम कथा में कथा वाचक शशि प्रभा ने कहे। इस अवसर पर महंत स्वामी महेश्वरानंद सरस्वती भी उपस्थित रहे।

मानस माधुरी शशि प्रभा ने कहा कि भगवान शंकर जी के मुख से निकले श्रीवचन ही सबसे पहली श्रीरामायण की रचना हुई। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में जिस अमर कथा का वर्णन किया गया है। सही मायनों में वहश्रीराम कथा ही है। शशि प्रभा ने कहा कि रामायण का एक एक शब्द हमें शिक्षा देता है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा और विश्वास ही भगवान का आशीर्वाद पाने का सबसे आसान तरीका है। गंगा स्नान से केवल तन की मैल को दूर किया जा सकता है लेकिन मन की शुद्धि भगवान की कथा से ही संभव है। इस मौके पर जयकरण गुर्जर, पूर्व सरपंच बिश्मबर सिंह, नर सिंह गुर्जर, बिरम पाल शहजादवाला, मंगलसैन वालिया, धर्म सिंह, नरेश कुमार, सुखपाल, माम चंद, देवी दास भी मौजूद रहे।

खिजराबाद | अजात आश्रम बनियोंवाला में श्रीराम कथा में प्रवचन करतीं शशि प्रभा व उपस्थित स्वामी महेश्वरानंद सरस्वती व महिलाएं।

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