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कलयुगी रावणों से अच्छे रावण त्रेता युग के थे: शशि

कलयुगी रावणों से अच्छे थे त्रेता युग के रावण। हर साल भले ही करोड़ों की लागत से बने रावण के पुतलों का दहन कर लिया जाए...

Danik Bhaskar | May 14, 2018, 02:40 AM IST
कलयुगी रावणों से अच्छे थे त्रेता युग के रावण। हर साल भले ही करोड़ों की लागत से बने रावण के पुतलों का दहन कर लिया जाए कुछ नहीं बनने वाला। भीतर बैठे रावण का जलाया जाना जरूरी है तभी समाज में सुधार आएगा। जब-जब धरती पर पाप बढ़े हैं,भगवान ने पापियों का नाश करने के लिए अवतार लिए हैं।

अजात आश्रम बनियोंवाला में श्रीराम कथा में कथा वाचक साध्वी शशि प्रभा ने यह बात कही। इस अवसर पर महंत स्वामी महेश्वरानंद सरस्वती जी भी उपस्थित रहे। साध्वी शशी प्रभा ने कहा कि अब घर-घर में रावण बैठा हुआ है। शशि प्रभा ने कहा कि आजकल के रावण से तो त्रेता युग के रावण कहीं अच्छे थे। लंका के रावण ने सब शक्तियां होते हुए भी बल प्रयोग नहीं किया। उन्होंने कहा कि दृष्टिकोण बदलने की जरूरत है। जैसे देखते हैं,सोचते हैं वैसी ही सौच बन जाती है। साध्वी ने कहा कि माताएं अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें। मां बच्चे की प्रथम गुरू होती है। बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर संस्कारवान बनाएं।

मौके पर महंत स्वामी महेश्वरानंद, विश्व हिन्दू परिषद जगाधरी प्रखंड़ के अध्यक्ष जयकरण गुर्जर, योगेश कुमार काका, सरपंच जसबीर सिंह, नरेश गुर्जर, बीरम पाल, मंगलसेन वालिया,धर्म सिंह, सुशील वालिया, रमेश मेहर माजरा,धर्म पाल गुर्जर भी उपस्थित थे।