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अंग्रेजी शिक्षा शिक्षित तो कर रही है पर संस्कार देने में नाकाम: प्रभा

उच्च संस्कार किसी दुकान पर नहीं मिलते हैं। ये सब प्राप्त करने के लिए सतगुरु व माता पिता के चरणों में बैठने से मिलते...

Danik Bhaskar | May 15, 2018, 02:45 AM IST
उच्च संस्कार किसी दुकान पर नहीं मिलते हैं। ये सब प्राप्त करने के लिए सतगुरु व माता पिता के चरणों में बैठने से मिलते हैं। बच्चे का नामकरण करते समय सोच समझ कर ही करें, क्योंकि नाम व्यक्ति की जीवनभर की पहचान होता है। शिशु का अर्थहीन नाम कभी न दें। अजात आश्रम बनियोंवाला में चल रही श्रीराम कथा में कथा वाचक साध्वी शशि प्रभा ने ये बातें कहीं।

इस अवसर पर महंत स्वामी महेश्वरानंद सरस्वती भी उपस्थित रहे। कथा का शुभारंभ भगवान श्रीराम के जन्म से किया गया। भगवान श्रीराम के बालरूप का वर्णन करते हुए साध्वी शशि प्रभा ने कहा कि बच्चों का नामकरण संस्कार जरूर करें। बच्चों के नाम सार्थक होने चाहिए,अर्थहीन न हों। साध्वी ने कहा कि आन्नद बांटने से बढ़ता है। शशि प्रभा ने कहा कि गुरुकुल की शिक्षा पद्धति सबसे अच्छी है। गुरुकुल से बच्चों में अच्छे संस्कार मिलते हैं। साध्वी ने कहा कि लार्ड मैकाले की अंग्रेजी शिक्षा ने बच्चों को शिक्षित तो बनाया है लेकिन संस्कार नहीं दिए जाते। कथा वाचक ने कहा कि गुरुकुल में शिक्षा प्राप्त बच्चे कभी धर्म से विमुख नहीं होते। मौके पर अजात आश्रम के महंत स्वामी महेश्वरानंद, विश्व हिन्दू परिषद जगाधरी प्रखंड़ के अध्यक्ष जयकरण गुर्जर, मंगलसेन वालिया, नरेश गुर्जर, बिरम पाल शहजादवाला, ,धर्म सिंह नत्थनपुर, सुशील वालिया, धर्म पाल गुर्जर भी उपस्थित थे।

खिजराबाद। अजात आश्रम बनियोंवाला में प्रवचन करतीं साध्वी शशि प्रभा व कथा में उपस्थित महंत स्वामी महेश्वरानंद सरस्वती एवं श्रद्धालुगण।