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महिलाओं ने पावर हाउस पर किया 2 घंटे प्रदर्शन, अफसरों ने दिया आश्वासन

बिजली की समस्या से त्रस्त गांव लुहाना व जैनाबाद के खेतों में मकान बनाकर रह रहे ग्रामीणों ने गुरुवार को बुड़ौली पावर...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 03:20 AM IST

महिलाओं ने पावर हाउस पर किया 2 घंटे प्रदर्शन, अफसरों ने दिया आश्वासन
बिजली की समस्या से त्रस्त गांव लुहाना व जैनाबाद के खेतों में मकान बनाकर रह रहे ग्रामीणों ने गुरुवार को बुड़ौली पावर हाउस पर प्रदर्शन किया। महिलाओं का कहना था कि निगम को बार-बार अवगत कराने के बाद भी ट्रांसफार्मर नहीं लग पाया है। इसी को लेकर ही वे पावर हाउस में प्रदर्शन करने के लिए पहुंची हैं। एसडीओ व जेई के नहीं मिलने पर महिलाओं का गुस्सा और बढ़ गया तथा निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। महिलाओं का कहना था कि जब तक उनको ठोस आश्वासन नहीं मिलता है, तब तक यहां से नहीं जाएंगी। इसके बाद कर्मचारियों ने कार्यकारी अभियंता से बात कराई और वहां से चार दिन में समस्या का हल करने का आश्वासन दिया।

महिला राजेश देवी, शर्मिला देवी, ममता, परमेश्वरी देवी, सुमित्रा देवी, जोनी, सुनील कुमारी, रीणा, सरोज, नीलम, ओमवती, संजू, सुरेंद्र सिंह व विनय कुमार ने बताया कि वह पिछले लंबे समय से ट्यूबवैलों पर मकान बनाकर रह रहे हैं।

जैनाबाद व लुहाना गांव में डहीना पावर हाउस से जो फीडर जा रहा है, वह लुहाना एपी के नाम से है। इस फीडर पर पेट ट्रांसफार्मर नहीं लगा है, जबकि यह इश्यू हुए एक साल का समय हो गया है। लेकिन यह ट्रांसफार्मर नहीं लग पाया है। जिसके कारण जैनाबाद ढाणी व लुहाना के खेतों में रहने वाले किसानों को बिजली नहीं मिल रही है। इधर, बिजली अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्या को 4 दिन में हल करने का आश्वासन दिया है। महिलाओं ने कहा कि अगर चार दिन बाद भी समस्या का हल नहीं हुआ तो पांचवें दिन बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने की भी चेतावनी दी है।

निगम अधिकारियों ने 4 दिन में समस्या को हल करने का दिया आश्वासन, न होने पर फिर प्रदर्शन करने की चेतावनी

नांगल मूंदी. बिजली की समस्या को लेकर बुडौली पावर हाउस पर प्रदर्शन करतीं जैनाबाद की महिलाएं।

ग्रामीण पूरा बिल कराते हैं जमा, लेकिन बिजली मिल रही मात्र 6 घंटे

ग्रामीणों का कहना है कि वह पूरा बिल भी लगातार जमा कराते आ रहे हैं, लेकिन उनको बिजली मात्र 8 घंटे में से 6 घंटे ही मिल पा रही है। इसका भी आने-जाने का कोई शेड्यूल नहीं है। बिजली पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलने से उनको काफी दिक्कत हो रही है। रात में गर्मी के समय रहना मुश्किल हो गया है। बच्चे पढ़ाई भी नहीं कर पाते हैं। उनके सामने पीने के पानी की समस्या भी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि यह ट्रांसफार्मर लगता है तो उनको 18 घंटे बिजली मिलेगी।

गांवों में बिजली की समस्या गहराई मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

भाजपा व्यावसायिक प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक सतीश खोला ने रेवाड़ी जिले में हो रही बिजली कटौती को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। खोला ने कहा कि एक मई से जिले के ग्रामीण इलाकों में दिन में मात्र 2-3 घंटे व रात को मात्र 4-5 घंटे ही बिजली की सप्लाई है। अधिकारियों से बात की जाती है तो आगे से बिजली की सप्लाई आधी होने की बात कहते हैं, जबकि जिला बिजली के भुगतान में सबसे आगे है। ग्रामीण क्षेत्रों में नांगल, मूंदी, जैनाबाद, डहीना, मंदौला, बेरली, जाटूसाना, नाहड़, कोसली, पाल्हावास, गुरावड़ा, रोहड़ाई, बीकानेर, हांसाका, चिल्हड़, जाैनावास, खरखड़ा, निखरी, भाड़ावास, भडंगी, साल्हावास, जड़थल, बनीपुर, नैचाना, बिठवाना, कमालपुर, करनावास व अन्य काफी संख्या में गांवों में बिजली की दिक्कत है।

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