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पूर्व कमेटी बोली-लीज अनुसार पैसे लेकर मुकरे महंत महंत बोले-पैसे दिए होते तो शीर्ष कोर्ट तक न हारते

जाट महासभा व ठाकुरद्वारा नाभीकमल मंदिर जमीन मामले में जमीन हाथ से निकलने के बाद जाट महासभा उस दौरान की कमेटी...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:30 AM IST
जाट महासभा व ठाकुरद्वारा नाभीकमल मंदिर जमीन मामले में जमीन हाथ से निकलने के बाद जाट महासभा उस दौरान की कमेटी द्वारा सही पैरवी न करने के आरोप लगाती आ रही है। रविवार को समाज की मासिक बैठक हुई।

प्रदेशभर से समाज के लोगों ने हिस्सा लिया। साथ ही तत्कालीन प्रधान सहित अन्य कमेटी सदस्य भी पहली बार अपना पक्ष रखने को पंचायत में पहुंचे। महासभा के मौजूदा प्रधान राजकुमार ढुल की अध्यक्षता में तीन घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में समाज के लोगों ने अपने विचार रखे। वहीं तत्कालीन प्रधान रणजीत सिंह सहित अन्य कमेटी सदस्यों ने पक्ष रखा। अंत में उस दौरान कमेटी के द्वारा किए काम की सत्यता जांचने को एक 11 सदस्यीय कमेटी बनाई गई। साथ ही स्कूल की भूमि बचाने को कोई रास्ता निकालने को भी अलग कमेटी बनाई गई।

तत्कालीन प्रधान ने रखा पक्ष-आरोप बेबुनियाद : रणजीत सिंह ने कहा महासभा के प्रति पूरी आस्था से उनकी कमेटी ने समाज की भलाई के लिए जमीन का सौदा तय किया था। उन्होंने कहा ठाकुरद्वारा महंत को साढ़े 12 लाख रुपए दिए गए थे। आरोप लगाया महंत बाद में पैसे लेकर मुकर गए। उन्होंने कहा तब का रिकॉर्ड जांच लो, वो हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं। कहा अगर वो दोषी मिले, तो समाज जो जुर्माना उनपर लगाएगा उसे उठाने को तैयार हैं।

लेन-देन की जांच के लिए बनी 11 सदस्यीय कमेटी, एक माह में रिपोर्ट

सुझाव : धर्मशाला बनने से अभी तक का करवाएं ऑडिट

समाज के लोगों ने धर्मशाला का ऑडिट करवाने का भी सुझाव रखा। धर्मशाला बनने से लेकर अभी तक का ऑडिट किया जाए। जिसने भी समाज का पैसा हड़पा या जो दोषी मिला। उसपर समाज की ओर से दंड लगाने के साथ सामाजिक तौर पर बहिष्कार किया जाए।

जमीन बचाने के विकल्पों पर किया गहन मंथन

बैठक के दौरान तत्कालीन कमेटी का पक्ष सुनने के बाद समाज ने कमेटी द्वारा किए गए लेनदेन सहित तब का रिकॉर्ड जांचने को लेकर कृष्ण श्योकंद, गंगाराज करोड़ा, नरेश खिजरपुरा और जगदीश डोबी, जयप्रकाश सारसा, कुलदीप बालू, सुभाष बैनीवाल, जगदीश ढुल, नरसिंह संधू, पवन केलरम व भीम फौजी लांबाखेड़ी सहित 11 सदस्यीय कमेटी बनाई। यह कमेटी अगली मासिक मीटिंग में जांच कर रिपोर्ट देगी। इसके अलावा शिक्षण संस्थान की जमीन बचाने के विकल्पों पर भी समाज ने मंथन किया। इसके लिए वर्तमान प्रधान राजकुमार ढुल व अजमेर केलरम सहित अन्य कई सदस्यों की कमेटी बनाई गई। यह कमेटी शिक्षण संस्थान के लिए जमीन बचाने के विकल्पों पर मंथन करेगी।

कुरुक्षेत्र | जाट धर्मशाला में हुई बैठक में हिस्सा लेने के बाद बाहर आते समाज के लोग।

महासभा ने नहीं दिया पूरा पैसा

वहीं ठाकुरद्वारा नाभीकमल मंदिर महंत विशाल मणि का कहना है कि तय लीज के अनुसार पैसे का लेन-देन होता तो जिला कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक महासभा केस न हारती। आरोप बेबुनियाद हैं कि महासभा ने उन्हें तय लीज के अनुसार पैसा दिया था।

मीटिंग छोड़ कर गए सदस्यों ने बुलाई बैठक

वहीं दूसरी ओर अनाज मंडी कुरुक्षेत्र के पूर्व प्रधान अंग्रेज सिंह किरमिच ने आरोप लगाया कि जाट धर्मशाला में मासिक बैठक के दौरान समाज के कुछ लोगों ने लोकल जाटों के बार में अपशब्द बोले। जिसके कारण कुरुक्षेत्र जिले के समाज के लोग मीटिंग छोड़कर चले गए। इसके बाद जिले के जाटों ने अलग से बैठक बुला चार अप्रैल को उत्तरी हरियाणा के अन्य जिलों के जाट समाज के लोग धर्मशाला में एकजुट होने का निर्णय लिया। इस मौके पर अजमेर फौजी जैनपुर, दलबीर ढांडा, रणधीर सिंह हथीरा, जोगिंदर बारना, जयप्रकाश सारसा, धर्मबीर मालिक, रमेश ढांडा, पवन सोंटी, सुरेंदर किरमिच, बलवान जैनपुर, बलजीत जैनपुर, सुरेश मोर बारवा, कहर सिंह सिंघपुरा, दीवान दाना सारसा सहित समाज के अन्य लोग मौजूद थे।