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मधुमक्खी पालन ने बदली किसान की किस्मत, सालाना खेती से पांच गुना आमदनी

Kurukshetra News - गांव फतेहपुरिया के किसान राजेंद्र सहारण के जीवन में मधुमक्खी पालन व्यवसाय ने खुशियों की मिठास घोली है, क्योंकि...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 02:30 AM IST
मधुमक्खी पालन ने बदली किसान की किस्मत, सालाना खेती से पांच गुना आमदनी
गांव फतेहपुरिया के किसान राजेंद्र सहारण के जीवन में मधुमक्खी पालन व्यवसाय ने खुशियों की मिठास घोली है, क्योंकि शहद के कारोबार से किसान की किस्मत ही नहीं बदली, बल्कि उसको बड़े किसान मेलों में मुख्यातिथि ने शहद र| के आवार्ड से भी नवाजा है। उक्त किसान के फार्म में तैयार शहद का पिछले तीन सालों से हरियाणा में पहला स्थान कायम है। वहीं किसान खेती से पांच गुणा आमदनी मधुमक्खी पालन व्यवसाय से लेता है। किसान की इस उपलब्धि से प्रेरित आसपास के किसानों ने मधुमक्खी पालन व्यवसाय को अपनाया है। बता दें कि 8वीं पास किसान राजेंद्र सहारण के पास सिर्फ 3 एकड़ भूमि है, लेकिन कम भूमि की आमदन से परिवार का गुजारा मुश्किल था। घाटे का सौदा बनी खेती से आहत किसान 17 साल पहले कृषि विज्ञान केंद्र पहुंचा, जहां विशेषज्ञों ने उसको खेती के साथ मधुमक्खी पालन व्यवसाय बारे जानकारी दी। ट्रेनिंग लेकर 5 डिब्बों से मधुमक्खी पालन व्यवसाय की शुरुआत की। अब उसके पास 557 डिब्बे हैं।

किसानों के लिए प्रेरणा

शहद की उत्तम क्वालिटी में तीन सालों से किसान राजेंद्र सहारण हरियाणा में प्रथम, रोहतक एग्रो समिट में कृषि मंत्री से भी मिला सम्मान

हरियाणा में लगातार तीन सालों से शहद की उत्तम क्वालिटी में प्रथम, तीन बड़े किसान मेलों में सम्मान

किसान राजेंद्र सहारण का शहद की उत्तम क्वालिटी में पिछले तीन सालों से हरियाणा में पहला स्थान है। इसी उपलब्धि पर किसान को पहली बार वर्ष 2015 के गुड़गांव एग्रो समिट में राज्यपाल कप्तान सौलंकी ने सम्मानित किया था। उसके बाद फरीदाबाद में आयोजित वर्ष 2017 के किसान मेले में मुख्यातिथि राज्यपाल ने शहद र| के आवार्ड से किसान को नवाजा था। वहीं कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्‌टर से भी किसान को प्रशंसा पत्र मिला था। इतना ही नहीं हालही में 26 मार्च 2018 तक रोहतक में आयोजित एग्रो समिट में भी किसान को उत्तम क्वालिटी शहद उत्पादन व प्रगतिशील किसान के तौर पर कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने सम्मानित किया है।

मार्केटिंग के लिए मोबाइल वैन को कृषि मंत्री ने दी थी हरी झंडी

किसान ने बताया कि वह हरियाणा, पंजाब व राजस्थान के बाजारों में शहद की खुद मार्केटिंग करता है। खुद उसने मोबाइल वैन तैयार की थी। जिसको धरोंडा से कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने किसान मेला के दौरान हरी झंडी दी थी। अब जल्द ही वह ऑटोमेटिक शहद प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की योजना बना रहा है।

कई प्रोडक्ट्स बनाने में होता है शहद का प्रयोग, विटामिन से है भरपूर

शहद खांसी दमा में उपयोगी होता है। यह एंटीऑक्सीडेंट का काम करता है। इसमें विटामिन, ग्लूकोज, फ्रक्टोज, पोटैशियम, कैल्सियम, सल्फर, फास्फेट, जिंक आयरन खनिज तत्व होते हैं। आंखों की रोशनी तेज करने श्वास संबंधी बीमारी दूर करने में उपयोगी है। दवा, क्रीम, ऑयल बनते हैं, मोटापा कम करने, घाव ठीक करने और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी प्रयोग होता है।

सालाना 95 युवकों को देता है रोजगार

राजेंद्र सहारण बताते हैं कि एक बक्से में पांच से सात हजार मधुमक्खियां रहती हैं। इसमें एक रानी मधुमक्खी और कुछ ड्रोन (नर मधुमक्खी) वर्कर मधुमक्खी होती हैं। आम तौर पर जनवरी-फरवरी से अप्रैल-मई तक खेतों ओर बगीचों में बक्से रखे जाते हैं। तीन किमी की रेंज से मधुमक्खियां फूलों से रस लाकर बक्से के छत्ते में भरती हैं। रानी मधुमक्खी अंडे देती है। वर्कर मधुमक्खियां अपने पंख से लाए रस को झेलते हुए पानी सुखाती हैं और मधु तैयार होता है। छत्ते से मधु निकाल कर पैकिंग की जाती है। व्यवसाय बारे किसानों को वह प्रेरित करता है, वहीं सालाना 95 युवकों को रोजगार भी देता है।

बेरोजगार भी अपना सकते हैं मधुमक्खी पालन

कृषि विज्ञान केंद्र सिरसा में कृषि विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र जांखड़ कुमार ने बताया कि मधुमक्खी पालन कृषि से जुड़ा व्यवसाय है। जिसमें कम लागत से अधिक मुनाफा है। व्यवसाय को कृषि से जुड़े लोग या बेराजगार भी आसानी से अपना सकते हैं। मधुमक्खी पालन व्यवसाय की कृषि विशेषज्ञों की ओर से समय- समय पर ट्रेनिंग दी जाती है।

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