• Hindi News
  • Haryana
  • Kurukshetra
  • अनुशासन के डर से महिला वर्कर मंच पर तो नहीं बोलीं टी ब्रेक में की डिमांड-हमारे बच्चों को लगवाएं नौ
--Advertisement--

अनुशासन के डर से महिला वर्कर मंच पर तो नहीं बोलीं टी ब्रेक में की डिमांड-हमारे बच्चों को लगवाएं नौकरी

पंडित दीन दयाल उपाध्याय महाभियान के तहत पहली बार कुरुक्षेत्र में भाजपा महिला मोर्चा का प्रदेशस्तरीय प्रशिक्षण...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 03:50 AM IST
अनुशासन के डर से महिला वर्कर मंच पर तो नहीं बोलीं टी ब्रेक में की डिमांड-हमारे बच्चों को लगवाएं नौ
पंडित दीन दयाल उपाध्याय महाभियान के तहत पहली बार कुरुक्षेत्र में भाजपा महिला मोर्चा का प्रदेशस्तरीय प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। महिला विंग से जुड़ी 150 से ज्यादा पदाधिकारी इस दो दिवसीय शिविर में शिरकत करने पहुंची। पदाधिकारियों को उम्मीद थी कि वे शिविर में प्रदेशाध्यक्ष व मंत्रियों के समक्ष अपनी बात खुलकर रख सकेंगी, लेकिन यहां पार्टी अनुशासन के नाम पर पहले ही संकेत दे दिए कि यह सिर्फ प्रशिक्षण है।

यहां उल्टे-सीधे सवाल-जवाब न किए जाएं। यही वजह रही कि मीटिंग में किसी भी महिला पदाधिकारी ने सार्वजनिक रूप से कोई बात नहीं कही, लेकिन मीटिंग से बाहर जैसे ही मौका मिला, अपने मन की बात नेताओं से कहने से भी नहीं चूकी। अंतिम दिन भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष निर्मल बैरागी, विधानसभा अध्यक्ष कंवर पाल, प्रदेश संगठन महामंत्री सुरेश भट्ट, राज्यमंत्री कृष्ण बेदी, प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला, विधायक सुभाष सुधा, लाडवा विधायक डॉ. पवन सैनी, फरीदाबाद विधायक सीमा त्रिखा, प्रशिक्षण विभाग के सह प्रमुख शैलेन्द्र पांडे, भाजपा जिला अध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर, प्रदेश विधी प्रकोष्ठ धुम्मन सिंह किरमिच, महिला मोर्चा प्रदेश महामंत्री मीना चौहान, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष निशा महेश्वरी ने पार्टी के तौर तरीकों और इतिहास से अवगत कराया।

सुरेश भट्ट, बराला और कंवरपाल बने टीचर

स्थानीय नेताओं की नो एंट्री

पंजाबी धर्मशाला में आयोजित मीटिंग में सिर्फ महिला पदाधिकारियों को ही बैठने की अनुमति दी। विधायकों को छोड़कर व्यवस्था संभाल रहे स्थानीय नेताओं को भी बाहर ही रखा। अंतिम सत्र में जरूर भाषणबाजी सुनने को सभी को मौका दिया।

भाजपा हमारा विचार परिवार विषय पर दिया प्रशिक्षण

बुधवार को तीन वर्गों में प्रशिक्षण हुआ। पहले सत्र में विस अध्यक्ष कंवर पाल ने पार्टी की विचारधारा से अवगत कराया। श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीन दयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद राजनीतिक विचारों से अवगत कराया। इसके बाद संगठन महामंत्री सुरेश भट्ट ने भाजपा हमारा विचार परिवार विषय पर प्रशिक्षण दिया। दोपहर तक सुरेश भट्ट और कंवरपाल ने एक तरह से टीचर की भूमिका निभाई। बराला के पहुंचने से पहले भट्ट ने पार्टी व सरकार को लेकर महिला पदाधिकारियों का सामान्य ज्ञान परखा। पंडित दीन दयाल जयंती कब है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस कब मनाया जाता है, जैसे सवाल पूछे।

कुरुक्षेत्र | पंजाबी धर्मशाला में भाजपा महिला प्रशिक्षण शिविर में अपनी बात रखती भाजपा महिला पदाधिकारी।

तरीका नहीं उपलब्धियां गिनाएं : बराला

दोपहर करीब एक बजे प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला पहुंचे। उन्होंने भी मंच पर शिक्षक की भूमिका निभाई। इस दौरान योजनाओं को लेकर बात चली। जिस पर कुछ पदाधिकारी उन्हें लागू करने के तरीके बताने लगी। इस पर बराला ने कहा कि आप तरीके न बताएं। पार्टी व सरकार की उपलब्धियां क्या-क्या हैं, उनके बारे में एक एक बताए। इस पर कुछ पदाधिकारियों ने महिलाओं के लिए चलाई योजनाओं व उपलब्धियों बारे बताया। बराला ने कहा कि यह अच्छी बात है कि वे घर परिवार के साथ ही सरकार की नीतियों में रुचि रखती हैं। इसके बाद बराला ने खुद सरकार की उपलब्धियां गिना डाली।

परखा पदाधिकारियों का पार्टी को लेकर ज्ञान

पहले ही संकेत-यहां आप सिर्फ ट्रेनी

सभी जिलों से महिला पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया, लेकिन वक्ताओं ने पहले ही संकेत दे दिया कि पार्टी अनुशासन के लिए जानी जाती है। लिहाजा अनुशासन बनाए रखें। यहां वे एक ट्रेनी के तौर पर हिस्सा ले रही हैं। काम या सुनवाई न होने जैसी बातें न करें। इस शिविर में हिस्सा लेने पहुंची हर पदाधिकारी से 100 रुपए फीस भी ली गई। इस पर आयोजकों ने तर्क दिया कि यह फीस रहने और ठहरने की व्यवस्था के लिए ली। पार्टी में ऐसे प्रशिक्षण वर्ग कार्यकर्ता व पदाधिकारी खुद खर्च जुटाते हैं। मौके पर महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष रेणु खुग्गर, अन्नु माल्यान, सुरभि टंडन, जिप अध्यक्ष गुरदयाल सुनेहड़ी, जितेन्द्र अग्रवाल, विनीत कवातरा, विनीत बजाज, अमित, ज्ञानचंद मौजूद रहे।

सुनाई मन की बात

हालांकि मीटिंग में बेशक महिला पदाधिकारी बड़े नेताओं के समक्ष खुलकर नहीं बोली। लेकिन लंच व टी टाइम में जैसे ही मौका मिला तो कई पदाधिकारियों ने नेताओं के समक्ष अपना रोष भी जताया। कहा कि उनकी भी सरकार में पुरुष पदाधिकारियों की तरह सुनवाई होनी चाहिए। एक पदाधिकारी ने कहा कि उनके बच्चे भी बेरोजगार घूम रहे हैं। पार्टी उनके बारे में भी कुछ सोचे।

X
अनुशासन के डर से महिला वर्कर मंच पर तो नहीं बोलीं टी ब्रेक में की डिमांड-हमारे बच्चों को लगवाएं नौ
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..