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बजट में नहीं पूरी हुई तीन दशक पुरानी हरिद्वार-कुरुक्षेत्र रेलवे लाइन की मांग

गुरुवार को केंद्र सरकार ने पहली बार रेल बजट को आम बजट में जोड़कर पेश किया। बजट को लेकर धर्मनगरी वासी काफी उत्सुक...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 04:20 AM IST

गुरुवार को केंद्र सरकार ने पहली बार रेल बजट को आम बजट में जोड़कर पेश किया। बजट को लेकर धर्मनगरी वासी काफी उत्सुक थे। लेकिन धर्मनगरी की तीन दशक पुरानी सबसे बड़ी कुरुक्षेत्र वाया यमुनानगर हरिद्वार रेलवे लाइन बिछाने की मांग पूरी नहीं हो पाई। लोगों को उम्मीद थी कि जिस मांग को अलग रेलवे बजट में पूरा नहीं किया गया था, उस मांग को आम बजट के साथ जोड़कर पेश किए गए बजट में पूरा कर दिया जाएगा। लेकिन ऐसी कोई घोषणा कुरुक्षेत्र को लेकर नहीं हुई। हालांकि धार्मिक रूट संग पांच क्षेत्रों में टूरिज्म बढ़ाने की घोषणा की गई लेकिन इसमें कुरुक्षेत्र को शामिल किया जाएगा या नहीं इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। धर्मनगरी को विश्व पटल पर चमकाने के दावे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव के दौरान किए थे लेकिन इन दावों में हकीकत का रंग अभी तक नहीं भर पाया है। वहीं 50 के करीब ट्रेन धर्मनगरी में बिना रुके आगे निकल जाती हैं। इनमें से किसी ट्रेन का ठहराव भी कुरुक्षेत्र में नहीं हो पाया है।

खाली निकला उम्मीदों का पिटारा : सेक्टर 30 वासी रजनी नरवाल ने कहा कि कुरुक्षेत्र वासियों को इस बार बजट में जेटली से काफी उम्मीदें थी लेकिन बजट में इस बार भी जनता की उम्मीदों का पिटारा खाली रहा।

राइस इंडस्ट्री को नहीं फायदा

हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन के सदस्य ज्वैल सिंगला ने कहा कि बजट में राइस इंडस्ट्री को कुछ हाथ नहीं लगा। राइस मिलर्स को बजट से काफी आस थी लेकिन बजट उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। बजट में व्यापारियों को ख्याल नहीं रखा गया।

भास्कर न्यूज | कुरुक्षेत्र

गुरुवार को केंद्र सरकार ने पहली बार रेल बजट को आम बजट में जोड़कर पेश किया। बजट को लेकर धर्मनगरी वासी काफी उत्सुक थे। लेकिन धर्मनगरी की तीन दशक पुरानी सबसे बड़ी कुरुक्षेत्र वाया यमुनानगर हरिद्वार रेलवे लाइन बिछाने की मांग पूरी नहीं हो पाई। लोगों को उम्मीद थी कि जिस मांग को अलग रेलवे बजट में पूरा नहीं किया गया था, उस मांग को आम बजट के साथ जोड़कर पेश किए गए बजट में पूरा कर दिया जाएगा। लेकिन ऐसी कोई घोषणा कुरुक्षेत्र को लेकर नहीं हुई। हालांकि धार्मिक रूट संग पांच क्षेत्रों में टूरिज्म बढ़ाने की घोषणा की गई लेकिन इसमें कुरुक्षेत्र को शामिल किया जाएगा या नहीं इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। धर्मनगरी को विश्व पटल पर चमकाने के दावे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव के दौरान किए थे लेकिन इन दावों में हकीकत का रंग अभी तक नहीं भर पाया है। वहीं 50 के करीब ट्रेन धर्मनगरी में बिना रुके आगे निकल जाती हैं। इनमें से किसी ट्रेन का ठहराव भी कुरुक्षेत्र में नहीं हो पाया है।

खाली निकला उम्मीदों का पिटारा : सेक्टर 30 वासी रजनी नरवाल ने कहा कि कुरुक्षेत्र वासियों को इस बार बजट में जेटली से काफी उम्मीदें थी लेकिन बजट में इस बार भी जनता की उम्मीदों का पिटारा खाली रहा।

ज्वैल सिंगला।

बजट में दिखी आमजन के लिए राहत

शैली सिंगला, सीमा देवी, सोनिया देवी, लाजो देवी, रानी नरवाल, अमन, दर्शनी देवी ने कहा कि बजट में महिला वर्ग के उत्थान को लेकर कोई नई बात नहीं है। लेकिन वरिष्ठ नागरिकों को जमा राशि पर ब्याज आय में 50 हजार तक की छूट सराहनीय है। बजट में घोषणा हुई है कि सरकार पांच लाख रुपए तक की राशि अस्पताल में इलाज के लिए उपलब्ध कराएगी। बजट में स्वास्थ्य सुविधाओं की तरफ ध्यान दिया गया है।

अमन।

शैली सिंगला।

उचित दाम की नहीं घोषणा

किसान बाबूराम ने कहा कि बजट में किसान उत्थान की बात तो हुई लेकिन इसका लाभ कैसे मिलेगा इसके बारे में नहीं बताया गया। उन्होंने कहा कि बजट में किसानों को स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक फसलों का मूल्य देने की घोषणा होनी चाहिए थी। ताकि किसानों को आर्थिक तौर पर मजबूती मिलती।

आयात शुल्क नहीं हुआ कम

सर्राफा बाजार एसोसिएशन प्रधान मनोज गोयल ने कहा कि बजट सर्राफा कारोबारियों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। गोयल ने कहा कि बजट में सोने पर आयात शुल्क नहीं घटाया गया। उन्होंने कहा कि सोने पर आयात शुल्क 10 प्रतिशत है जोकि कम होना चाहिए था।

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