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बिना डिग्री-डिप्लोमा रोडवेज का यार्ड मास्टर देता है रोगियों को दवा

झाडफ़ूंक करने वाले और झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा प्रेक्टिस करने के मामले गांव-देहात में ही मिलते हैं, लेकिन इन दिनों...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 04:20 AM IST
झाडफ़ूंक करने वाले और झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा प्रेक्टिस करने के मामले गांव-देहात में ही मिलते हैं, लेकिन इन दिनों रोडवेज में एक कर्मचारी द्वारा बीमार कर्मियों व लोगों का इलाज चर्चा बना है। हालांकि उनके पास न कोई चिकित्सा की डिग्री है, न डिप्लोमा। वर्कशाप में बतौर यार्ड मास्टर ड्यूटी है, लेकिन सुबह से ही इनके पास मरीजों का आना-जाना शुरू हो जाता है। कहने को वह फ्री में दवा देता हैं, लेकिन बदले में ठीक होने वाले मरीजों से अपने नाम के पर्चे बंट वाता है।

जब दवा ले चुके कुछ कर्मचारी व लोगों की तबीयत बिगड़ी तो उन्होंने उसके खिलाफ अब मोर्चा खोला। इसकी शिकायत आलाधिकारियों से भी की। बताया जाता है कि मामला तूल पकड़ते देख यार्ड मास्टर ने अपने केबिन से दवा आदि भी हटा दी। वहीं यार्ड मास्टर ने इन आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि वह तो सिर्फ लोगों को सुझाव देते हैं।

दवा लेने के बाद बिगड़ी तबीयत : रोडवेज मैकेनिक बिसंभर ने कहा कि उन्होंने कुछ समय पहले यार्ड मास्टर से काला पीलिया की दवा ली थी। उसके बाद से पूरे शरीर की चमड़ी खराब हो गई। उसे बार-बार चक्कर आते रहते हैं, बताया कि दो तीन और कर्मचारियों के साथ भी ऐसा हो चुका है।

यार्ड मास्टर बोले-कई बीमारियों का है ज्ञान, लोगों को देते हैं सुझाव

ठीक होने पर पर्चे बंटवाते हैं

रोडवेज वर्कशाप पहुंचे खेड़ी मारकंडा वासी राम किशन ने कहा कि वह दवा लेने के लिए आया था। यार्ड मास्टर ने उन्हें 200 पर्चे छपवाकर बांटने को कहा है। ये पर्चे धार्मिक व सार्वजनिक जगहों पर लगवाने हैं। हालांकि अपनी फीस नहीं ली, लेकिन दवा के पैसे जरूर लेते हैं। वहीं शहर वासी सोनू ने कहा कि सरहिंद से एक रिश्तेदार को यहां काला पीलिया की दवा दिलाने आया था। दवा की एवज में उनसे 450 रुपए लिए। साथ ही 50 पर्चे छपवाकर बांटने के लिए कहा है।

कुरुक्षेत्र| रोडवेज वर्कशाप में कर्मचारी द्वारा लगवाए गए दवा देने संबंधित पर्चे।

केिबन में चलाते हैं सपना के गाने : संघ प्रधान

हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ प्रधान अरुण अत्री, ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन राज्य महासचिव मायाराम ने कहा कि यार्ड मास्टर ड्यूटी टाइम में कर्मचारियों को अपने केबिन में नहीं आने देते। यहां दिनभर सपना चौधरी के गाने चलते हैं। उसके कमरे में बायो मीट्रिक मशीन लगी है। कर्मचारियों को हाजिरी लगाने वहां जाना पड़ता है, लेकिन उक्त यार्ड मास्टर टोकाटाकी करते हैं। अत्रि के मुताबिक जब भी उनसे पूछते हैं तो जवाब मिलता है कि जीएम के आदेश हैं, किसी को यार्ड में हाजिरी नहीं लगाने देनी।

निशुल्क सेवा करते हैं

यार्ड मास्टर राजपाल का कहना है कि वे बीमार लोगों व कर्मियों को सुझाव देते हैं। उन्हें कई बीमारियों का बेहतर का ज्ञान है। यहां किसी से दवा की एवज में पैसे नहीं लेते। जब पूछा कि बिना डिग्री-डिप्लोमा कैसे दवा दे सकते हैं, तो वे सवाल को टाल गए।

सामने आया मामला : जीएम

महाप्रबंधक आरके गोयल ने माना कि उनके संज्ञान में डिपो में यार्ड मास्टर द्वारा बीमार लोगों को दवा देने का मामला सामने आया है। डिपो में किसी भी कर्मचारी को ऐसा नहीं करने दिया जाएगा। यार्ड मास्टर को इस बारे में हिदायत दी है। आगे से यार्ड मास्टर डिपो में झाड़ फूंक संबंधी कार्य नहीं करेगा।