• Hindi News
  • Haryana
  • Kurukshetra
  • जीवन के विकास के लिए संस्कृत को अनिवार्य रूप से पढ़ाना होगा
--Advertisement--

जीवन के विकास के लिए संस्कृत को अनिवार्य रूप से पढ़ाना होगा

Kurukshetra News - संस्कृत भारती की कुरुक्षेत्र इकाई की ओर से शहर की कई संस्थाओं के सहयोग से गीता निकेतन स्कूल में जिला स्तरीय...

Dainik Bhaskar

Jan 23, 2018, 09:20 PM IST
जीवन के विकास के लिए संस्कृत को अनिवार्य रूप से पढ़ाना होगा
संस्कृत भारती की कुरुक्षेत्र इकाई की ओर से शहर की कई संस्थाओं के सहयोग से गीता निकेतन स्कूल में जिला स्तरीय संस्कृत सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डीसी सुमेधा कटारिया ने किया। इससे पूर्व संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदर्शनी भी लगाई गई।

सुमेधा ने कहा कि संस्कृत भारत की आत्मा है। वर्तमान समय में युवा पीढ़ी में जीवन मूल्यों के विकास एवं प्राचीन गौरव के संरक्षण के लिए संस्कृत को अनिवार्य रूप से पढ़ाना चाहिए। संस्कृत भारती के भारतीय संगठन मंत्री दिनेश कामत ने कहा कि संस्कृत पढऩे से जीवन की सभी भ्रमित गुत्थी खुद खुल जाती हैं और मन निर्मल होने से उद्देश्य स्पष्ट हो जाता है। जगद गुरु ब्रह्मानंद आश्रम की देवी डॉ. मैत्रेयी आनंद ने कहा कि संस्कृत केवल भाषा ही नहीं बल्कि भारत का जीवन दर्शन है। इसलिए हमें संस्कृत भाषा को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। ब्रह्माकुमारी सुदर्शना बहन ने कहा कि संस्कृत भाषा में वह शक्ति है जो प्रत्येक जन में संस्कार रूपी बीजों का वितरण करती है। तीसरे सत्र में महंत जगन्नाथ पुरी ने संस्कृत की रक्षा के लिए संस्कृत विश्वविद्यालय स्थापित करने का संकल्प लिया। सत्र की अध्यक्षता मानव मित्र मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामरतन शर्मा ने की।

X
जीवन के विकास के लिए संस्कृत को अनिवार्य रूप से पढ़ाना होगा
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..