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बैंडमास्टर फर्जी डॉक्टर बन गर्भवतियों के घर में जांच के बहाने करता था गंदी हरकतें, रेप का केस

गांव घड़ौला में मंगलवार को लोगों ने फर्जी ग्राम सचिव बनकर पहुंचे एक व्यक्ति को काबू किया है। उक्त व्यक्ति कुछ दिन...

Danik Bhaskar | Jul 11, 2018, 02:50 AM IST
गांव घड़ौला में मंगलवार को लोगों ने फर्जी ग्राम सचिव बनकर पहुंचे एक व्यक्ति को काबू किया है। उक्त व्यक्ति कुछ दिन पहले भी डॉक्टर बन कर एक गर्भवती महिला के पास पहुंचा था। बताया कि वह जिला मुख्यालय से जांच करने के लिए आया है। उसकी जेठानी की मौजूदगी में गर्भवती महिला का फिंगर टेस्ट किया। इससे महिला की हालत बिगड़ गई। शक होने पर लोगों ने जब उससे पूछताछ की तो संतोषजनक जवाब नहीं दे पाने पर उसका भेद खुल गया।

बताया जाता है कि उक्त व्यक्ति पहले भी गांव में कभी डॉक्टर तो कभी बिजली कर्मी, कभी ग्राम सचिव बन कर आ चुका है। बता चला कि पिछले कुछ दिनों से आसपास के गांवों में ऐसे ही गर्भवती महिलाओं की जांच करने का मामला भी सामने आया। इसका पता चलने पर कुछ दिन पहले क्षेत्र में तैनात एएनएम और आशा वर्करों की मीटिंग भी हुई थी। तभी से लोग उसकी तलाश में थे। उक्त आरोपी पहचान छिपाने के लिए हेलमेट पहनकर कर गांव में पहुंचता था। फिलहाल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। गर्भवती महिला की शिकायत पर उसके खिलाफ दुष्कर्म आदि की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

पहुंचा था डाक्टर बन कर : घडौला वासी एक गर्भवती महिला ने बताया कि एक जुलाई को उक्त व्यक्ति डाक्टर बन कर उसके घर पहुंचा। कहा कि वह कुरुक्षेत्र से आया है। वह बड़ा डॉक्टर है। सरकार गर्भवती महिलाओं का पूरा ख्याल रखती है। उनकी समय समय पर जांच की जाती है। जांच के लिए वह आया है। बताया कि उसकी जेठानी की मौजूदगी में उक्त व्यक्ति ने फिंगर टेस्ट किया। जिससे उसके पेट में दर्द हो गया। इस बारे में उसने आशा वर्कर को भी बताया।

1 जुलाई को लाडवा के घड़ौला में जांच के दौरान गर्भवती की हालत बिगड़ने पर हुआ था शक

गांव में हर बार बाइक बदलकर आता था

मंगलवार को उक्त व्यक्ति ग्राम सचिव बन कर पहुंचा। लोगों को पहले से उस पर शक था। गांव के राजीव ने बताया कि पहले वह अलग अलग पोशाक व वेशभूषा में गांव में देखा जा चुका है। हर बार बाइक बदल कर लाता। पहचान छिपाने को हेलमेट रखता। अधिकतर वह गर्भवती महिलाओं के यहां ही जाता। वहीं जाकर हेलमेट उतारता था। उस पर गांव के युवक नजर रखे हुए थे। पंचायत द्वारा गांव में लगाए सीसीटीवी कैमरे में भी वह कैद हुआ। मंगलवार को वह ग्राम सचिव बन कर आया था। फिर से वह किसी महिला को बेवकूफ बनाने के चक्कर में था। जब उसे रोक कर पूछताछ करने लगे तो उसने भागने का प्रयास किया। शक होने पर उसे पकड़ कर पुलिस को सौंपा।

सीसीटीवी में दिख रहा आरोपी।

आरोपी पकड़ने को गुढ़ा पीएचसी में हुई थी एएनएम-आशा की बैठक

गांव घडौला की आशा वर्कर सुनैहरी देवी ने कुछ दिन पहले पता चला कि कोई डॉक्टर इस तरह गर्भवती की जांच करने आता है। जबकि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। इसी सूचना ग्रामीणों को दी थी। 27 जून को गुढ़ा पीएचसी में उक्त व्यक्ति को लेकर मीटिंग भी हुई थी। सभी आशा वर्करों व एएनएम को सूचित किया था कि कोई ठग डॉक्टर बन कर घूम रहा है। जिसे पकड़वाया जाए। वे लोग तभी से नजर रखे हुए थे। अब उक्त फर्जी डाक्टर काबू आया है।

जांच होगी कितने लोगों के साथ ठगी हुई : एसएचओ लाडवा

एसएचओ लाडवा सुरेंद्र कुमार के मुताबिक घडौला की गर्भवती महिला की शिकायत पर करनाल के गांव मुखाला निवासी 50 वर्षीय रामफल के खिलाफ केस दर्ज किया है। हालांकि प्रारंभिक पूछताछ में उक्त व्यक्ति यही कह रहा है कि वह पहली बार गांव आया। लेकिन महिला ने बताया कि उक्त व्यक्ति ही जांच के बहाने डॉक्टर बन कर आया था। अब जांच की जा रही है कि वह पहले कितने लोगों को इस तरह झांसे में ले चुका है। किसी के साथ ठगी की है या नहीं। आरोपी के गांव से पता चला की शादी में वह बाजा बजाने का काम करता है।

सब इंस्पेक्टर सत्यावती महिलाओं के बयान दर्ज करती।