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सात जून को जहरीले पदार्थ खाने से हुई थी गौरव की मौत, मां ने पुलिस को सौंपा सुसाइड नोट, पुलिस जांचेगी सत्यता

विकास नगर वासी 22 वर्षीय गौरव की मौत मामले ने अब यू टर्न लिया है। गौरव की मौत जहरीला पदार्थ निगलने से हुई थी। हालांकि...

Danik Bhaskar | Jun 17, 2018, 03:40 AM IST
विकास नगर वासी 22 वर्षीय गौरव की मौत मामले ने अब यू टर्न लिया है। गौरव की मौत जहरीला पदार्थ निगलने से हुई थी। हालांकि यही माना जा रहा था कि उसने सुसाइड की है, लेकिन तब उसके पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था। अब शनिवार को परिजनों को उसके पर्स से एक पर्चा मिला है। जिसे गौरव का सुसाइड नोट माना जा रहा है। इसमें गौरव ने पिता व ताया को मौत का जिम्मेदार बताया है। हालांकि अभी पुलिस इस सुसाइड नोट की सत्यता जांचेगी। बता दें कि विकास नगर वासी गौरव को जहरीला पदार्थ निगलने के चलते कुछ दिन पहले अस्पताल भर्ती कराया था। सात जून को उपचार के दौरान मौत हो गई। बताया जाता है कि पहले उसके पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था। दस दिन बाद शनिवार शाम को परिजन उसके कपड़े व पर्स आदि की जांच रहे थे। इसी बीच पर्स से एक कागज का टुकड़ा मिला। जिसे गौरव का कथित सुसाइड नोट बताया जा रहा है। गौरव भार्गव की मां कमलेश रानी ने बताया कि पर्स से कुछ कागजात ढूंढते समय यह सुसाइड नोट मिला।

कमलेश ने बताया कि उसके पति राजेन्द्र व जेठ गिरधारी लाल दोनों का ही लोहे के कबाड़ी का काम था। छह माह पहले उन्होंने साझे में एक कैंटर खरीदा जो उसका जेठ गिरधारी लाल ही चलाता था और उन्हें किराया देता था। उसका जेठ उसके पति राजेंद्र को कबाड़ी की दुकान पर ही सोने को विवश करता था। गौरव फेरी का काम नहीं करना चाहता था। बल्कि पढ़-लिखकर विदेश जाना चाहता था, लेकिन दोनों भाइयों के झगड़े के चलते वह परेशान रहने लगा। इसी परेशानी में उसने जहर निगला।

एसएचओ सुरेंद्र सिंह का कहना है कि गौरव के परिजनों ने उक्त सुसाइड नोट दिया है। इसकी जांच कराई जाएगी। जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई होगी।

10 दिन बाद मिला गौरव के पर्स से सुसाइड नोट लिखा-मौत के जिम्मेदार मेरे पापा और ताऊ है