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नूंह के हेल्थ विभाग का होगा कायाकल्प

जिले के 60 ग्रामीण स्वास्थ्य सेंटरों को हेल्थ एंड वैलनेस बनाया जाएगा। इसकी शुरुआत अगले माह प्रधानमंत्री नरेंद्र...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 27, 2018, 02:05 AM IST

जिले के 60 ग्रामीण स्वास्थ्य सेंटरों को हेल्थ एंड वैलनेस बनाया जाएगा। इसकी शुरुआत अगले माह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित मेवात दौरे के दौरान की जाएगी। प्रदेश सरका र के स्वास्थ्य निदेशक डॉ. आदित्य चौधरी इसी कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को जिले के कई ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

स्वास्थ्य निदेशक डॉ. आदित्य चौधरी ने बताया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मेवात के लोगो के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है। मेवात जिला देश के 115 अति पिछड़े जिलों में शामिल किया गया है। इसलिए मेवात के लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से पर्याप्त धन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा मेवात व पलवल जिले के स्वास्थ्य सेवाओं में आ रही कमी के कारण पूरे प्रदेश की बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रभावित हो रही है। डॉ. आदित्य चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिये स्टाफ की कमी को दूर किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत डॉक्टर व अन्य कर्मचारियों के रहने के लिये नूह सीएचसी में आधा दर्जन ट्रांजिट हॉस्टल व छोटे कमरों का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले के 60 उप स्वास्थ्य केंद्रों को नया लुक दिया जाएगा। पहले चरण में रेवासन, सलाहेड़ी, आकेड़ा, बावला उप स्वास्थ्य केंद्रों का नवीनीकरण किया जा रहा है।उन्होंने ने सोमवार को कई उपस्वास्थ्य केंद्रों का दौरा किया तथा विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इनके बनने से जिले के लोगों को काफी स्वास्थ्य सेवाओं के मामलों में काफी सहूलियतें मिलेंगीं।

जिले के 60 उप स्वास्थ्य केंद्रों को नया लुक दिया जाएगा

स्वास्थ्य निदेशक डॉ. आदित्य चौधरी ने सोमवार को किया स्वास्थ्य केंद्रो का निरीक्षण

अप्रैल में आ सकते हैं प्रधानमंत्री

नूंह सीएचसी प्रभारी डॉ. गोविंद शरण ने बताया कि अप्रैल माह में मेवात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आना संभावित है। नरेंद्र मोदी द्वारा ग्रामीण उप स्वास्थ्य केंद्रों का हेल्थ एंड वैलनेस कार्यक्रम की शुरुआात की जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों पर बीएएमएस डॉक्टर व लेडी डॉक्टर तथा 2 एएनएम तथा एक एमपीएचडब्ल्यू एवं एक हेल्पर काम करेंगे। वर्तमान में सभी उप स्वास्थ्य केंद्र सिर्फ एक एएनएम के सहारे चल रहे हैं। इस अवसर पर विभागीय निदेशक डॉ. आदित्य चौधरी, सिविल सर्जन डॉ. राजेन्द्र प्रसाद आिद मौजूद रहे।

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