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14 घंटे से बंद है पेयजल सप्लाई, लोग परेशान, सुबह तक शुरू होने की उम्मीद

पुराने शहर के कुछ हिस्से व न्यू गुड़गांव में मंगलवार को पेयजल सप्लाई बंद रही। पूरे दिन हरियाणा शहरी विकास...

Dainik Bhaskar

Mar 14, 2018, 02:05 AM IST
14 घंटे से बंद है पेयजल सप्लाई, लोग परेशान, सुबह तक शुरू होने की उम्मीद
पुराने शहर के कुछ हिस्से व न्यू गुड़गांव में मंगलवार को पेयजल सप्लाई बंद रही। पूरे दिन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के कर्मचारी व अधिकारी पेयजल पाइप लाइन की क्षमता बढ़ाने के लिए पाइप लाइन जोड़ने में जुटे रहे, लेकिन रात 7 बजे तक आधा ही काम हो पाया। इस संबंध में हुडा के एसडीओ ने बताया कि देर रात पाइप लाइन जोड़ दी जाएगी, उम्मीद है कि बुधवार सुबह पेयजल की सप्लाई सुचारु कर दी जाएगी। हुडा के सेक्टर-16 स्थित बूस्टिंग स्टेशन से जलापूर्ति पूरी तरह बंद कर सेक्टर-15, सेक्टर-9, 10, 16 सहित डीएलएफ के फेज-1, 2, 3 व सुशांत लोक में भी पेयजल सप्लाई बंद रखी गई है। हुडा के एसडीई आरएस कटारिया ने बताया कि पाइप लाइन की क्षमता बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है। आने वाले गर्मियों में पेयजल की किसी तरह की समस्या हो, इसके लिए अभी से तैयारी की जा रही है। पाइप लाइन को दोनों लाइनों से जोड़ा जा रहा है, जिससे एक तरफ से पानी नहीं आने पर दूसरी ओर से सप्लाई दी जा सके। ऐसे में पुराने शहर के सेक्टर-16, 17, 18, सेक्टर-9, 10 के अलावा न्यू गुड़गांव में पेयजल सप्लाई नहीं हो सकी है। सुबह 8 बजे लाइन बंद की गई थी, तभी से लगातार पाइप लाइन जोड़ने का काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह की सप्लाई शुरू करने का टारगेट लिया गया है। उम्मीद है कि किसी भी हाल में लोगों को पेयजल की परेशानी ना हो। ऐसे में लाइनों को जोड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं लोगों का कहना है कि यदि बुधवार को यदि पेयजल सप्लाई नहीं होती है तो पेयजल का संकट बन जाएगा। वहीं पार्षद आरएस राठी ने कहा कि पेयजल सप्लाई के लिए अभी बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन बुधवार को सप्लाई समय पर नहीं मिली तो बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी।

सुबह 7 बजे से जुटे रहे अधिकारी व कर्मचारी

गुड़गांव. सेक्टर 16 में चल रहा वाटर सप्लाई की लाईन जोडने का कार्य। जिसके कारण वाटर सप्लाई आपूर्ति बाधित रही।

नगीना खंड के आस-पास के दर्जनों गावों में पानी का भू-जल स्तर काफी नीचे पहुंच गया और पानी की भारी किल्लत लोगों को झेलनी पड़ रही है। खंड के गांव अकलीमपुर, जैताका, मूलथान, भादस, करहेड़ा, उलेटा, इमामनगर, मरोड़ा, बसईखंजादा सहित दर्जनों गावों मे जमीनी पानी खारा है और वो काफी नीचे पहुंच गया है। यहां लोग अपनी फसलों में भी टेंकरों से पानी देते है। मेवात की नहरों में एक दशक से पानी नहीं आया है इन गावों से गुजर रही एक मात्र बनारसी-डिस्ट्रीब्यूटरी नहर में एक दशक से पानी नहीं देखा गया है। लोग अपने ट्यूबवेल के जुगाड़ों के सहारे अपनी फसलों की सिचाई कर रहे हैं। गरीब लोग काफी परेशान हैं, एक टेंकर की कीमत हजार रुपए है गरीबों को पानी भी नसीब नही हो पा रहा है। करहेडा के हाकम, अकलीमपुर के असरू सरंपच, मूलथान के सोहराब सरंपच, इमामनगर के कवि इलयास प्रधान, ग्राम मरोडा युवा कल्ब के प्रधान मुसैब कटारिया, सुमित कुमार युवा नेता, बसई के सलीम सरंपच और पूर्व पंच फरमून मोहम्मद सहित लोगो ने रोष पूर्वक बताया कि सरकार को चाहिऐं कि अब गर्मीयों का सीजन आ चुका है और लेागो को वाटर सप्लाई के द्वारा पानी मुहैया कराया जाये ताकि लोगो को पानी नसीब हो सके। लोगो ने बनारसी डिस्ट्ररीब्यूटरी में पानी छोड़े जाने की मांग की है। बड़कली के पास में किथोरपुरी पर पानी का बड़ा टेंक बना हुआ है, दूसरी तरफ राजाका मोड़ पर पानी की टेंक है जहां से टेकरों से एक हजार रुपए में पानी सप्लाई किया जा रहा है।

गर्मी शुरू होते ही शुरू हो गई पानी की किल्लत, एक हजार रुपए में टेंकर से मंगवा रहे हैं पानी, तब कहीं बुझ रही है प्यास

स्वच्छ जल पीने से रोगों पर रोक लगती है: मधु जैन

जल ही जीवन है, स्वच्छ जल पीने से बीमारियों पर रोक लगती है, उक्त बातें जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन अधिकारी मधु जैन ने जल संरक्षण एवं स्वच्छता अभियान के तहत फिरोजपुर झिरका जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग कार्यालय परिसर में ग्रामीण महिलाओं को सं‍बोधित करते हुए कही। मधु ने कहा कि आज प्रकृति के साथ छेड़छाड़ करने से नुकसान होता है। पेड़ पौधों को काटने से हरियाली समाप्त हो रही है और हरियाली के समाप्त होने से वर्षा कम होती है और वर्षा नहीं होगी तो पीने के पानी के लाले पड़ सकते है। किसी ने कहा है जल है तो कल है इस बात को ध्यान में रखना चाहिए। इसलिए हर महिला व पुरुष को अगर आधे गिलास पानी को पीने का आवश्यकता है तो केवल आधा गिलास पानी ही लेना चाहिए ताकि पानी बेकार नहीं जाए। इसके अलावा नहाने के लिए कम पानी इस्तेमाल करना चाहिए और पशुओं को खुल्ले पानी की टूटी से नहीं नहलाना चाहिए। पानी की बचत करने से ही पानी को बचाया जा सकता है। वरना पानी का गिरता जल स्तर से पीने के पानी के लाले पड़ जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार जो गांव पूरी तरह पानी की बचत करते हुए अपनी पहचान बना रहे है ऐसे गांवों को 2 हजार से लेकर 50 हजार ईनाम में सरकार की ओर से प्रोत्साहन के लिए दी जा रही है।

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