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सरकारी स्कूलों का रिजल्ट खराब आने पर प्रिंसिपल के साथ बीईओ भी तलब

सरकारी स्कूलों के परीक्षा परिणाम खराब आने पर सोमवार देर शाम डीईओ ने प्रिंसिपलों व बीईओ को तलब कर कारण पूछा। इस...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 23, 2018, 02:05 AM IST

सरकारी स्कूलों का रिजल्ट खराब आने पर प्रिंसिपल के साथ बीईओ भी तलब
सरकारी स्कूलों के परीक्षा परिणाम खराब आने पर सोमवार देर शाम डीईओ ने प्रिंसिपलों व बीईओ को तलब कर कारण पूछा। इस दौरान हरियाणा बोर्ड की 10वीं व 12वीं के परीक्षा परिणाम की समीक्षा भी हुई। साथ प्रिंसिपलों को अपने-अपने स्कूल का परीक्षा परिणाम जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में जमा कराने के आदेश दिए गए। डीईओ प्रेमलता ने बताया कि जिन स्कूलों का परिणाम खराब है, वे रिपोर्ट देने में आनाकानी कर रहे हैं। बता दें 12वीं में गुड़गांव में करीब 44 फीसदी, जबकि 10वीं में 47.04 फीसदी छात्र सफल हुए। 12वीं 56 फीसदी, 10वीं में 53 फीसदी स्टूडेंट्स फेल हुए। प्रदेश में 10वीं का निजी स्कूलों का परीक्षा परिणाम 59.87 फीसदी रहा, वहीं सरकारी स्कूलों का परिणाम 44.38 फीसदी। 10वीं में गुड़गांव से 15,909 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 7,484 पास हुए, 8,425 स्टूडेंट्स फेल। 10वीं व 12वीं का परीक्षा परिणाम में कई स्कूल ऐसे रहे हैं, जिनका पास प्रतिशत 20 फीसदी से भी कम है। वहीं ग्वालपहाड़ी व बंधवाड़ी के अलावा कई अन्य स्कूल ऐसे हैं, जिनमें फेल होने वाले स्टूडेंट्स एक या दो सब्जेक्ट्स में ही पास हैं, बाकी सभी सब्जेक्ट्स में फेल हो गए हैं। ऐसे स्कूल प्रिंसिपल व टीचर्स पर भी क्या कार्रवाई होगी, यह भी तय किया जाना चाहिए।

प्रदेश के सबसे अधिक स्टूडेंट सोशल साइंस में कमजोर

हरियाणा में 10वीं की परीक्षा में सब्जेक्ट वाइज देखा देखा जाए तो सबसे बुरा हाल सोशल साइंस में रहा। इसमें 63.63 फीसदी स्टूडेंट पास हुए हैं, वहीं इस सब्जेक्ट में 7691 स्टूडेंट्स का कम्पार्टमेंट रहा है। इसके बाद दूसरे स्थान पर साइंस रहा है, इसमें 65.64 फीसदी स्टूडेंट्स ही पास हो पाए।

मां-बाप को भी बच्चे के प्रति रहना होगा संजीदा

सेवानिवृत्त स्कूल प्रिंसिपल रणजीत सिंह ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई के प्रति मां-बाप को भी ध्यान देना होगा। मां-बाप को भी स्कूल में महीने में एक बार जरूर देखना चाहिए, आखिर बच्चा पढ़ भी रहा है या नहीं। इसके अलावा खराब रिजल्ट का दूसरा कारण आरटीई भी है, ऐसे में स्टूडेंट्स बिना पढ़े 9वीं कक्षा तक पहुंच जाता है और 10वीं में आकर फेल हो जाता है। रिजल्ट खराब होने का तीसरा बड़ा कारण टीचर्स की कमी भी है। कई स्कूल ऐसे हैं जहां बच्चों की स्ट्रेंथ अधिक है, लेकिन टीचर्स एक या दो हैं, सीधा असर परीक्षा परिणाम पर पड़ता है।

एक्सपर्ट-व्यू

मेवात में हरियाणा सीसे. स्कूल के अलफहद रहे टॉपर

फिरोजपुर झिरका | मोटर बाइंडिंग का काम करने वाले मुबीन के बेटे अलफहद ने 10वीं कक्षा में 500 में से 481 अंक प्राप्त कर मेवात में टॉप किया है। अलफहद हरियाणा सीनियर सेकेंडरी स्कूल फिरोजपुर झिरका के छात्र हैं। उन्होंने उर्दू में 100 में से 100 अंक पाए। वो लॉ करना चाहते हैं। स्कूल प्रिंसिपल हाजी शमशाद ने कहा कि छात्र ने स्कूल और गांव का नाम रोशन किया है।

छात्र अलफहद

गुड़गांव में 10वीं का रिजल्ट जारी होने के बाद प्रिंसिपल व खंड शिक्षा अधिकारियों की बैठक बुलाई गई। इसमें प्रिंसिपल को जल्द परीक्षा परिणाम की रिपोर्ट देने को कहा गया है। इसके अलावा परीक्षा परिणाम खराब होता है तो संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी भी जिम्मेदार होंगे। -प्रेमलता, डीईओ, गुड़गांव

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