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ब्यूटीफिकेशन पर ‌‌Rs.16 लाख खर्च कर लगाए खजूर के पेड़ सूखे, निगम ने उखाड़े

शहर में सौंदर्यीकरण के नाम पर खजूर के पेड़ों पर खर्च किया गया लाखों रुपए बेकार हो रहा हैं। शहर के विभिन्न हिस्सों...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 02:35 AM IST
ब्यूटीफिकेशन पर ‌‌Rs.16 लाख खर्च कर लगाए खजूर के पेड़ सूखे, निगम ने उखाड़े
शहर में सौंदर्यीकरण के नाम पर खजूर के पेड़ों पर खर्च किया गया लाखों रुपए बेकार हो रहा हैं। शहर के विभिन्न हिस्सों में लगाए गए खजूर सूख गए। अब निगम इन्हें सड़कों किनारे से हटाने में लगा है। नगर निगम के कर्मियों ने सूखे खजूरों को उखाड़ना शुरू कर दिया है। रोहतक रोड पर सूखे पेड़ों की कटाई कर ट्रॉलियों में भरकर ले जाया जा रहा है। इन पेड़ों पर विभिन्न हिस्सों में 16 लाख रुपए खर्च किया गया था। अधिकारियों का दावा है कि खजूर लगाने वाली एजेंसी को दो साल तक पेड़ हरे रखने की शर्त थी। जो पेड़ सूखे हैं उन्हें एजेंसी ही बदलेगी। ऐसे में एजेंसी की पेमेंट रोकी हुई है।

नगर निगम ने इस्टीमेट तो पाम का बनाया था, लेकिन जमीनी स्तर पर खजूर लगा दिया। खजूर व पाम के दामों में भारी अंतर है। अधिकारियों ने इस संदर्भ में मौसम की दलील देते हुए खजूर लगाने की बात कही थी, लेकिन वह दलील भी काम नहीं आई और खजूर के 70 प्रतिशत पेड़ सूख गए।

इन इलाकों में लगा है खजूर : शहर के सेक्टर-14 व 15 डिवाइडिंग राेड, सेक्टर-23, मुरथल रोड, इंडस्ट्रियल एरिया, रोहतक रोड, पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस आदि स्थानों पर खजूर के पेड़ लगाए थे। जिसमें बड़ी संख्या में सूख गए। इन स्थानों पर अब दूसरे पौधे लगाए जा रहे हैं।


सोनीपत . सूखे खजूर के पेड़ को उखाड़कर ट्रॉली में लोड करते नगर निगम के कर्मचारी।

200 रुपए में आता है पाम

शहर की सुंदरता के लिए प्रस्तावित पाम के पौधों की कीमत 200 रुपए से शुरू हो जाती है। जो आकार में भी पतले आैर आकर्षक होते हैं। बरसात के दिनों में एक बार अगर इन पर मेहनत कर दी जाए तो यह पौधे तैयार हो जाते हैं। जिसके बाद यह अपना भोजन स्वयं ही बनाते रहते हैं। कुछ समय के अंतराल पर सिंचाई करना होता है।


रोहतक रोड इलाके से कई पेड़ उखाड़े गए

रोहतक रोड व इंडस्ट्रियल एरिया इलाके में सूखे पेड़ों की कटाई व उखाडऩे का काम चल रहा है। शनिवार को नगर निगम के कर्मी ट्रैक्टर ट्राॅली सहित पहुंचे। इसके बाद सूखे खजूरों के पेड़ों की कटाई शुरू कर दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रोहतक रोड से करीब चार पेड़ों की कटाई कर मलबा ट्राॅलियों में भरकर ले गए।

सुंदरता तो बढ़ी नहीं गंदगी आेर बढ़ गई

सेक्टर-23 निवासी राजेश दहिया और संजय कुमार ने बताया कि खजूर सुंदरता बढ़ाने के लिए लगाया गया था। लेकिन यह लोगों के लिए खतरा बन गया है। कई पेड़ सूख गए हैं। जिसकी टहनियां झूलती रहती हैं। कई बार तो अचानक से टूट कर गिर जाती है। जिसके कारण बाइक व स्कूटर पर जाने वाले लोगों पर गिरने से घबरा जाते हैं। इससे अगल बगल गंदगी भी रहती है।

छह से आठ हजार एक पेड़ की कीमत

नगर निगम द्वारा जो खजूर सड़कों पर लगाए गए उनकी कीमत छह से आठ हजार रुपए प्रति पेड़ है। खजूर के पेड़ का री-प्लांटेशन होता है, लेकिन निकालते वक्त जड़ों का विशेष ध्यान रखना होता है। सूखे इन पेड़ों काे नगर निगम जबरदस्ती हरा-भरा होने का दावा कर रहा था। जिसकी अब कटाई शुरू कर दी गई है।

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