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शराब के खिलाफ फिर बढ़ा गुस्सा : खरखड़ा के बाद मसीत में पलटा खोखा, रामगढ़ रोड पर लगाया जाम

भास्कर न्यूज | रेवाड़ी/नांगलमूंदी शराब ठेकों के खिलाफ एक बार फिर लोगों का विरोध शुरू हो गया है। दो दिन पहले...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 03:25 AM IST

शराब के खिलाफ फिर बढ़ा गुस्सा : खरखड़ा के बाद मसीत में पलटा खोखा, रामगढ़ रोड पर लगाया जाम
भास्कर न्यूज | रेवाड़ी/नांगलमूंदी

शराब ठेकों के खिलाफ एक बार फिर लोगों का विरोध शुरू हो गया है। दो दिन पहले महिलाओं ने रोष स्वरूप खरखड़ा में शराब ठेका पलट दिया गया था, वहीं सोमवार को गांव मसीत में यही घटना दोहराई गई। मसीत की बणी के पास रखे शराब खोखे काे महिलाओं व ग्रामीणों ने उखाड़कर पलट दिया। हालांकि खोखे में शराब नहीं रखी गई थी। दूसरी अोर, रामगढ़ रोड पर ठेका खुलने के विरोध में ग्रामीणों ने रोड जाम कर दिया। बाद में पुलिस के समझाने पर दोनों जगह मामला शांत हो पाया।

ठेके के लिए खोखा रखा तो महिलाओं ने किया हंगामा

गांव मसीत में पहले शराब ठेका नहीं खुला था। रविवार को ठेकेदार ने शराब ठेके के लिए खोखा बणी में रख दिया। खोखा रखा देख ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। हालांकि खोखे में शराब की बोतलें नहीं थी। सरपंच ने ठेकेदार को बुला कर जल्द से जल्द शराब ठेका गांव की सीमा से दूर ले जाने का कहा।

शराब ठेकेदार ने कहा कि सोमवार की सुबह वह खोखे को हटा लेगा। सोमवार को खोखा गांव की सीमा से नहीं हटा तो 40-50 महिलाएं सरपंच के घर पहुंची और हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद ग्रामीण ठेके के पास पहुंच गए तथा हंगामा करते हुए खोखा पलट दिया। जाम की स्थिति बनते देख सूचना पाकर जाटूसाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। महिलाओं ने कहा कि शराब ठेके से माहौल खराब होगा और अपराध बढ़ेगा।

सड़क के बीच में बैठ गए ग्रामीण: इधर, रामगढ़ रोड पर भी शराब ठेका खुलने के विरोध में ग्रामीण सड़क पर उतर गए। ग्रामीणों ने रोड पर जाम लगा दिया तथा ठेका तुरंत प्रभाव से हटाने की मांग की। ग्रामीणों ने इस तरह बगैर पंचायत की मर्जी की ठेका रखे जाने का कड़ा विरोध किया। जाम की सूचना पर एसआई वीना राणा माैके पर पहुंची। उन्होंने ग्रामीणों को समझाकर रोड से हटाया तथा अधिकारियों से बात करने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने सचिवालय पहुंचकर अधिकारियों से भी शिकायत की।

नांगल मूंदी. गांव मसीत में शराब के ठेके का विरोध करती महिलाएं।

पहले ठेका था नहीं तो प्रस्ताव की जरूरत नहीं पड़ी

मसीत सरपंच कृष्ण देव सोनी ने कहा कि पहले गांव की सीमा में कोई शराब का ठेका नहीं था। इस कारण कभी गांव में शराब ठेका न खोलने के प्रस्ताव की जरूरत ही नहीं पड़ी। रविवार को खोखा रखा देखा तो ग्रामीणों ने विरोध किया। ठेकेदार से बात की थी, मगर फिर भी इसे नहीं हटाया तो महिलाओं ने इस पर कड़ा रोष प्रकट किया। इधर, जाटूसाना थाना से एएसआई परमानंद का कहना है कि विभाग अधिकारियों से इस बारे में बात की जाएगी।

ठेका नहीं खोलने को इन 21 गांवों प्रस्ताव हुए थे मंजूर

इस बार जिला के 21 गांवों में शराब के ठेके नहीं खोले जाने को स्वीकृति मिली थी। इन गांवों में ठेके नहीं खोलने के पंचायत के प्रस्ताव स्वीकार किए गए थे। हालांकि ठेके नहीं खोले जाने को लेकर डेढ़ सौ से ज्यादा पंचायतों ने प्रस्ताव भेजे थे, जिनमें अधिकतर को आबकारी एवं कराधान विभाग द्वारा रिजेक्ट कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार उन गांवों में ही ठेका खोले जाने पर रोक लगाई गई है, जिनमें पिछले दो सालों के दौरान अवैध रूप से शराब ना बिकी हो। इन 21 गांवों में नांगल शहबाजपुर, गुर्जर माजरी, मोतला खुर्द, दिदौली, जैतपुर शेखपुर, मुमताजपुर, बिदावास, झाबुआ, कतोपुरी बुजुर्ग, रालियावास, मालाहेड़ा, मुरलीपुर, खिजूरी, फदनी, गिंदोखर, बूढ़पुर, कहाड़ी, पाली, मोतला कलां, बालियर खुर्द व लाधुवास गुर्जर गांव शामिल रहे।

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