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निर्माण के 1 माह बाद ही पब्लिक टॉयलेटों में लगे ताले, कर्मी नदारद

स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाखों रुपए खर्च कर जिला मुख्यालय पर बनाए गए सामुदायिक शौचालय देखरेख के अभाव में ठप पड़े...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 02:35 AM IST
स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाखों रुपए खर्च कर जिला मुख्यालय पर बनाए गए सामुदायिक शौचालय देखरेख के अभाव में ठप पड़े हैं। स्थिति यह है कि शौचालयों में न पानी की कोई व्यवस्था है और न ही सफाई की कोई व्यवस्था है। ऐसे में नगरवासी चाह कर भी इन शौचालयों का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। जबकि नगर परिषद अधिकारियों का दावा है कि सार्वजनिक शौचालयों में नियमित सफाई करवाई जा रही है और नियमित पानी डाला जा रहा है।

नगर परिषद कार्यालय नारनौल के रिकार्ड के अनुसार अक्टूबर व नवंबर 2017 में शहर में 19 प्वाइंटों पर शौचालयों का निर्माण करवाया था। इनमें 12 पब्लिक शौचालय व 7 कम्युनिटी शौचालय शामिल हैं। इसके अलावा तीन चलते-फिरते मोबाइल शौचालय खरीदे गए थे। इन शौचालयों के निर्माण पर लाखों रुपए खर्च किए गए थे। इसके बाद नगर परिषद ने शहर को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित कर दिया था। दैनिक भास्कर टीम ने शुक्रवार को जब शहर के सार्वजनिक शौचालयों का निरीक्षण किया तो वहां किसी भी शौचालय में न पानी की कोई व्यवस्था थी और न ही सफाई की।

नारनौल. मोहल्ला महल मिश्रवाड़ा में छलक नाले पर बने शौचालय और धोबीघाट पर बने शौचालयों पर लगे ताले।

नप को सौंपी गई थी जिम्मेदारी

सरकार ने इन सार्वजनिक शौचालयों की देखरेख की जिम्मेदारी नगर परिषद को सौंपी थी। इसके तहत नगर परिषद को इन शौचालयों की नियमित सफाई व पानी की उचित व्यवस्था करवाना था। इसके लिए नगर परिषद ने स्पेशल 8 कर्मचारियों की नियुक्ति भी की थी। शुरुआत में 1 महीने तक तो नगर परिषद ने इन शौचालयों की देखरेख की, लेकिन इसके बाद नगर परिषद अधिकारियों ने शौचालयों की देखरेख पर ध्यान देना बंद कर दिया। इससे शौचालयों में भारी गंदगी फैली हुई है।

अफसरों का नियमित सफाई के दावे

शौचालय सफाई इंचार्ज महेंद्र चौहान ने बताया कि शौचालयों की नियमित सफाई के लिए 8 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। जो नियमित सफाई कर रहे हैं। इन शौचालयों में पानी डालने के लिए दो टैंकर लगाए गए हैं। पानी भी नियमित रुप से डाला जा रहा है। एक टैंकर दो-तीन दिन से खराब है। ऐसे में अब एक टैंकर से पानी डाला जा रहा है।

लोग बोले