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हुडा व नप के बीच फंसा सेक्टर, डेवलपमेंट रुका 3 हजार परिवारों को नहीं रोड-सीवरेज की सुविधा

सरकार ने जिस बेहतरी के लिए हुडा सेक्टर को नगर परिषद को सौंपने का फैसला लिया था। उन सभी पर नगर परिषद और हुडा की...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 02:40 AM IST

सरकार ने जिस बेहतरी के लिए हुडा सेक्टर को नगर परिषद को सौंपने का फैसला लिया था। उन सभी पर नगर परिषद और हुडा की खींचतान रुकावट बन रही है। जो हुडा सेक्टर में रहने वाले लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। बता दें नारनौल में 17 साल पहले हुडा ने सेक्टर बनाकर लोगों को अच्छी व्यवस्थाओं के साथ 3400 परिवारों को आशियाना देने को लेकर काम शुरू किया था, लेकिन बड़ी विडंबना यह है कि योजना की शुरुआत से 17 साल तक हुडा अपना काम पूरा नहीं कर पाया। वहीं अब एक साल पहले नगरपरिषद को रख-रखाव की जिम्मेदारी दी गई। जिसमें नगर परिषद ने भी कोई संजीदगी नहीं दिखाई। जिससे शहर के हुडा सेक्टर के रख-रखाव का कार्य नगर परिषद को सौंपे जाने के एक साल बाद भी हालात में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है।

हुडा सेक्टर निवासियों का कहना है कि सड़क, बिजली, पानी, सीवर, पार्क, स्ट्रीट लाइट व ग्रीन बेल्ट आदि सुविधाओं के लिए हुडा सेक्टर में अपनी जीवन भर की जमा पूंजी लगा कर मकान खरीदे थे, लेकिन 17 साल का लंबा समय बीत जाने के बावजूद भी यहां न सीवर की उचित व्यवस्था है और न ही स्ट्रीट लाइट की। इतना ही नहीं पार्कों की हालत बद से बदतर होने लगी है। जबकि स्कूल व मार्केट के भवन के लिए अभी तक कोई प्रक्रिया ही शुरू नहीं की गई है।

बेहतरी के लिए नप को सौंपा सेक्टर, काम फिर भी नहीं हुआ

बता दें कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के नियमानुसार उनके द्वारा डेवलपमेंट किए जाने वाले सेक्टर में बिजली, पानी, सड़क, सीवर, पार्क, स्कूल व मार्केट की बेहतर सुविधाएं सेक्टरवासियों को उपलब्ध करवाना अनिवार्य है। इन सभी सुविधाओं के बेहतर रखरखाव के लिए बाकायदा सेक्टर में ही संबंधित अधिकारियों के कार्यालय स्थापित किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद बड़े शहरों को छोड़ कर प्रदेश के अन्य शहरों में सेक्टरवासियों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही थी। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में सेक्टरवासी सरकार व संबंधित अधिकारियों को बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा था। सेक्टरवासियों की परेशानी को देखते हुए सरकार ने हुडा सेक्टरों को बेहतर रखर-रखाव के लिए एक साल पहले स्थानीय नगर परिषद/नगरपालिका को सौंप दिया था।

सीवरेज ओवरफ्लो, पार्क और सड़कों की हालत खस्ता, गलियों में घूमते हैं सुअर

प्रदेश सरकार ने हुडा सेक्टरों को नगर परिषद/नगरपालिका के अंडर देने की घोषणा तो एक साल पहले कर दी थी, लेकिन हुडा ने सेक्टरों को नगर परिषद के हैंडओवर करने में 7-8 महीने का समय लगा दिया। इस प्रकार नारनौल का हुडा सेक्टर करीब 4 महीने पहले ही नगर परिषद ने अपने हैंडओवर ले लिया है, लेकिन अभी तक हुडा अधिकारियों ने उन्हें डेवलपमेंट चार्ज संबंधी फाइलें उपलब्ध नहीं करवाई हैं। इसलिए नगर परिषद ने 4 महीनों से सेक्टर के लोगों से कोई चार्ज भी नहीं वसूला है। उन्होंने बताया कि प्लाट की रजिस्ट्री के समय 2 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी व 2 प्रतिशत डेवलपमेंट चार्ज वसूलने का प्रावधान है। भारती सैनी, चेयरपर्सन नगर परिषद नारनौल।

इधर एसडीओ बोले- कोई फाइल पेंडिंग नहीं

हमने सरकारी की घोषणा के एक माह बाद ही इन्हें हुडा सेक्टर हैंडओवर कर दिया था। सेक्टर से संबंधित सभी फाइलें नगरपरिषद को सौंपी जा चुकी हैं। हुडा के पास सेक्टर से संबंधित कोई फाइल पेंडिंग नहीं है। -अरुण कौशिक, एसडीओ, हुडा नारनौल

लाइटें खराब, सफाई व्यवस्था चौपट, नप ने साधी चुप्पी

हुडा वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान मानसिंह, पूर्व प्रधान कैप्टन पतराम यादव, फूलसिंह, सूबेदार हवासिंह व ईश्वर सिंह आदि ने बताया कि देखरेख के अभाव में मूलभूत सुविधाओं का भारी टोटा है। जब से हुडा सेक्टर के रख-रखाव का कार्य नगर परिषद को सौंपा गया है, तब से हालात और बदतर होने लगी हैं। सेक्टर में सीवर लाइन सफाई के अभाव में ओवरफ्लो हो रही है। स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। सफाई व्यवस्था का भी बुरा हाल है। सेक्टर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। सेक्टर के सभी पार्कों की हालत बद से बदतर होने लगी है। पार्कों में घास व फूलदार पौधों का नामोनिशान नहीं है। सेक्टर में पेयजल की भी अच्छी सुविधा नहीं है। अधिकारियों की मिलीभगत से सेक्टर का पानी बाहर पशुओं की डेयरी में जा रहा है। नगर परिषद ने वर्ष 2018-19 के बजट में भी हुडा सेक्टर के रख-रखाव के लिए अलग से कोई बजट नहीं रखा है।

शहर के हुडा सेक्टर के पार्कों, सड़क, स्ट्रीट लाइट व सफाई आदि मूलभूत सुविधाओं के रख-रखाव के लिए हाउस की मीटिंग में बजट संबंधी प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके बाद शहर के हुडा सेक्टर के रख-रखाव पर जोर दिया जाएगा। -अभय सिंह, ईओ नप, नारनौल

नप और हुडा एक दूसरे पर लगा रहे देरी का आरोप

इस मामले में नगर परिषद की चेयरपर्सन भारती सैनी का कहना है कि हुडा को नगरपरिषद के हैंडओवर करने की घोषणा सरकार ने एक साल पहले की थी, लेकिन हुडा ने सेक्टरों को नगर परिषद के हैंडओवर करने में 7-8 महीने का समय लगा दिया। नारनौल का हुडा सेक्टर करीब 4 महीने पहले ही नगर परिषद ने अपने हैंडओवर लिया है, लेकिन अभी तक हुडा अधिकारियों ने नप को डेवलपमेंट चार्ज संबंधी फाइलें उपलब्ध नहीं करवाई हैं। जिससे वहां से किसी भी तरह का राजस्व वसूला नहीं जा रहा है। जबकि हुडा के एसडीओ अरुण कौशिक घोषणा के तुरंत बाद सेक्टर को नप के हैंडओवर करने की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि हमारे पास अब सेक्टर से संबंधित कोई फाइल पेंडिंग नहीं है। हमने सबकुछ नगरपरिषद को हैंडओवर कर दिया है।

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